क्या होता है Bipolar Disorder, जिसका शिकार हैं हॉलीवुड सिंगर Selena Gomez

हॉलीवुड सिंगर Selena Gomez Bipolar Disorder से का शिकार हैं. इस बीमारी में इंसान का मूड अचानक से बदलने लगता है.

( Image Source:  instagram-@selenagomez )
Edited By :  हेमा पंत
Updated On : 6 March 2026 11:53 AM IST

हॉलीवुड सिंगर और एक्ट्रेस सेलेना गोमेज ने कुछ समय पहले खुलासा किया था कि वह Bipolar Disorder नाम की  बीमारी से जूझ रही हैं. इसके बाद यह बीमारी फिर से चर्चा में आ गई. बहुत से लोग इस बारे में जानना चाहते हैं कि आखिर बाइपोलर डिसऑर्डर क्या होता है, इसमें व्यक्ति को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है और इसका इलाज कैसे किया जाता है.

दरअसल, बाइपोलर डिसऑर्डर एक मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्या है, जिसमें व्यक्ति के मूड, एनर्जी और बिहेवियर में अचानक और तेज बदलाव आते हैं. कभी व्यक्ति बेहद खुश, एक्साइटेड और एक्टिव महसूस करता है, तो कभी अचानक गहरी उदासी, थकान और निराशा में चला जाता है. चलिए जानते हैं इस बीमारी के लक्षण से लेकर इलाज तक के बारे में. 

बाइपोलर डिसऑर्डर क्या होता है?

बाइपोलर डिसऑर्डर को पहले 'मैनिक डिप्रेशन' भी कहा जाता था. यह एक ऐसी मेंटल कंडीशन है, जिसमें व्यक्ति दो तरह के मूड फेज से गुजरता है. पहला मेनिया (ज्यादा एक्साइटमेंट) और डिप्रेशन (गहरी उदासी). मेनिया के दौरान व्यक्ति बहुत ज्यादा एनर्जी से भरा हुआ महसूस करता है, कम नींद में भी एक्टिव रहता है और कई बार जल्दबाजी में फैसले लेने लगता है. वहीं डिप्रेशन के समय शख्स बेहद उदास, थका हुआ और निराश महसूस करता है और उसे किसी भी काम में इंटरेस्ट नहीं आता है. हालांकि हर समय व्यक्ति इन दोनों कंडीशन में नहीं रहता. कई बार बीच-बीच में उसका मूड नॉर्मल भी रहता है.

बाइपोलर डिसऑर्डर के प्रकार

विशेषज्ञों के अनुसार बाइपोलर डिसऑर्डर के मुख्य तौर पर चार प्रकार होते हैं.

  • 1. बाइपोलर I डिसऑर्डर
  • इसमें व्यक्ति को कम से कम एक बार गंभीर मेनिया का एपिसोड होता है. कई मामलों में डिप्रेशन भी साथ-साथ देखने को मिलता है.
  • 2. बाइपोलर II डिसऑर्डर
  • इसमें डिप्रेशन के एपिसोड और हल्के मेनिया जैसे लक्षण (हाइपोमेनिया) दिखाई देते हैं.
  • 3. साइक्लोथाइमिक डिसऑर्डर
  • इसमें लंबे समय तक हल्के मूड स्विंग्स बने रहते हैं, लेकिन वे बहुत गंभीर नहीं होते.
  • 4. अन्य बाइपोलर से जुड़ी स्थितियां
  • कभी-कभी व्यक्ति में बाइपोलर जैसे लक्षण होते हैं, लेकिन वे किसी एक खास कैटेगरी में पूरी तरह फिट नहीं होते.

बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण

मेनिया के लक्षण

  • बहुत ज्यादा खुशी या एक्साइटमेंट महसूस करना.
  • जरूरत से ज्यादा एनर्जेटिक होना.
  • बहुत तेज बोलना या विचार तेजी से बदलना.
  • कम नींद में भी थकान महसूस न होना.
  • बिना सोचे-समझे फैसले लेना.
  • जोखिम भरे काम करना.

डिप्रेशन के लक्षण

  • लगातार उदासी या निराशा महसूस होना.
  • थकान और कमजोरी.
  • किसी भी काम में रुचि न होना.
  • ध्यान लगाने में कठिनाई.
  • नींद या भूख में बदलाव.
  • बेकार या निराश महसूस करना.

बाइपोलर डिसऑर्डर के कारण

वैज्ञानिकों को अभी तक इसका सटीक कारण पूरी तरह पता नहीं चला है, लेकिन कुछ कारक इसके जोखिम को बढ़ा सकते हैं.

  • जेनेटिक कारण
  • अगर परिवार में किसी को बाइपोलर डिसऑर्डर है, तो अन्य सदस्यों में भी इसका खतरा बढ़ सकता है.
  • दिमाग में बदलाव
  • कुछ लोगों के मस्तिष्क की संरचना या कार्यप्रणाली में अंतर देखा गया है.
  • तनाव और जीवन की घटनाएं
  • किसी करीबी की मौत, आर्थिक समस्या, गंभीर बीमारी या रिश्तों में तनाव जैसी घटनाएं भी इस बीमारी को ट्रिगर कर सकती हैं.
  • बाइपोलर डिसऑर्डर का इलाज
  • बाइपोलर डिसऑर्डर एक लंबे समय तक रहने वाली बीमारी है, लेकिन सही इलाज से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है.
  • दवाइयां
  • डॉक्टर आमतौर पर मूड स्टेबलाइज़र, एंटीसाइकोटिक या एंटीडिप्रेसेंट दवाइयां देते हैं.
  • मनोचिकित्सा (टॉक थेरेपी)
  • थेरेपी के जरिए व्यक्ति अपनी भावनाओं, सोच और व्यवहार को समझना और नियंत्रित करना सीखता है.
  • लाइफस्टाइल बदलाव
  • नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, योग और मेडिटेशन भी मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं.

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