Hajj 2026: किस ऐप के जरिए कर सकेंगे हज यात्रा के लिए बुकिंग, जानें पेमेंट से लेकर रिफंड तक के नियम
हज 2026 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और इस बार पूरी बुकिंग प्रोसेस को डिजिटल बना दिया गया है. अगर आप भी इस पवित्र यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो अब घर बैठे ही ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए हज पैकेज बुक कर सकते हैं.
हर साल लाखों मुसलमानों की नजरें हज यात्रा पर टिकी रहती हैं. 2026 की हज यात्रा को लेकर भी तैयारियां तेज हो चुकी हैं और दुनिया भर के मुसलमानों में इसे लेकर उत्साह साफ देखा जा सकता है. अगर आप भी इस साल हज पर जाने का मन बना रहे हैं, तो आपके मन में कई सवाल जरूर उठ रहे होंगे.
आखिर इस बार बुकिंग कैसे होगी, क्या पहले की तरह प्रोसेस रहेगा या इसमें कुछ नया बदलाव किया गया है? ऐसे में चलिए जानते हैं बुकिंग से लेकर पेमेंट और रिफंड तक कई नियम क्या हैं.
हज क्या है और कब होता है?
हज इस्लाम के पांच अहम स्तंभों में से एक माना जाता है. हर उस मुसलमान के लिए हज करना फर्ज होता है जो शारीरिक और आर्थिक रूप से सक्षम हो. माना जाता है कि हर मुसलमान को अपनी जिंदगी में कम से कम एक बार इस पवित्र यात्रा को जरूर करना चाहिए. यह धार्मिक यात्रा हर साल इस्लामी कैलेंडर के जिलहिज्जा (Dhul Hijjah) महीने में सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का में होती है.
कहां और कैसे करें हज 2026 की बुकिंग
हज 2026 के लिए इस बार बुकिंग का पूरा प्रोसेस ऑनलाइन रखा गया है. सऊदी सरकार ने इसके लिए नुसुक (Nusuk) प्लेटफॉर्म को ऑफिशियल पोर्टल बनाया है.
- आप Nusuk मोबाइल ऐप के जरिए भी बुकिंग कर सकते हैं.
- मोबाइल ऐप के अलावा, Nusuk की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी फॉर्म भर सकते हैं.
- यहां हजयात्री अलग-अलग हज पैकेज देख सकते हैं, अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से ऑप्शन चुन सकते हैं.
- बुकिंग इनवॉइस जनरेट कर सकते हैं. इसके बाद पेमेंट करने पर उनकी बुकिंग कन्फर्म हो जाती है.
पेमेंट के लिए क्या हैं नियम?
- हज मंत्रालय ने बुकिंग के साथ पेमेंट के लिए सख्त समय सीमा तय की है.
- बुकिंग इनवॉइस बनने के 72 घंटे के भीतर पेमेंट करना जरूरी होगा.
- यह नियम 14 मई (27 Dhul Qada) तक लागू रहेगा.
- इसके बाद नियम और सख्त हो जाएंगे.
- 15 मई से भुगतान के लिए केवल 6 घंटे का समय मिलेगा.
- अगर तय समय के अंदर पेमेंट नहीं किया गया तो बुकिंग अपने आप कैंसिल हो जाएगी और सीट किसी दूसरे यात्री को मिल जाएगी.
कैंसिलेशन और रिफंड के रूल्स
- हज मंत्रालय ने कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़े नियम भी साफ कर दिए हैं.
- 18 अप्रैल (30 Shawwal) तक बिना किसी कटौती के बुकिंग कैंसिल की जा सकती है, बशर्ते हज परमिट जारी न हुआ हो.
- हज परमिट जारी होने के बाद कैंसिलेशन करने पर कुछ फीस काटा जा सकता है.
- 18 मई (1 Dhul Hijjah) के बाद की गई किसी भी कैंसिलेशन पर रिफंड नहीं मिलेगा.
बुकिंग से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- हज और उमराह मंत्रालय ने तीर्थयात्रियों को सलाह दी है कि वे पैकेज चुनने से पहले सभी शर्तों और सुविधाओं को ध्यान से पढ़ें.
- साथ ही भुगतान तय समय के अंदर करना जरूरी है, ताकि बुकिंग रद्द होने का खतरा न रहे.
- सऊदी सरकार का कहना है कि डिजिटल बुकिंग सिस्टम का उद्देश्य हज यात्रा को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और आसान बनाना है, ताकि लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर तरीके से यह पवित्र यात्रा करने का अवसर मिल सके.