क्या है महात्मा गांधी हैंडलूम योजना? SMEs को 10,000 करोड़ का बूस्ट, जानें किस सेक्टर के लोगों को मिलेगा फायदा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Budget 2026-27 में महात्मा गांधी हैंडलूम योजना की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण बुनकरों, हैंडलूम और हस्तशिल्प कारीगरों को रोजगार, आर्थिक सुरक्षा और बाजार तक बेहतर पहुंच प्रदान करना है. सरकार ने SMEs के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है. बजट से ग्रामीण उद्योग, टेक्सटाइल, खादी, हस्तशिल्प और छोटे उद्योगों के लोगों को सीधे लाभ मिलेगा.;

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Budget 2026-27 पेश करते हुए ग्रामीण उद्योगों और पारंपरिक हस्तशिल्प को सशक्त बनाने के लिए कई अहम योजनाओं की घोषणा की है. इस बजट में महात्मा गांधी ग्राम स्वरोजगार योजना Mahatma Gandhi Handloom Scheme को प्रमुख रूप से पेश किया गया है.

जिसका उद्देश्य खादी, हैंडलूम और हस्तशिल्प के क्षेत्र में ग्रामीण कारीगरों को रोजगार, सुरक्षा और बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करना है. वित्त मंत्री ने बताया कि बजट इस बार कर्तव्य भवन में तैयार हुआ है और इसका लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना, रोजगार बढ़ाना और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम बढ़ाना है.

क्या है महात्मा गांधी ग्राम स्वरोजगार योजना?

इस पहल के तहत ग्रामीण बुनकरों, हथकरघा और हस्तशिल्प कारीगरों को सामाजिक सुरक्षा, बीमा और आर्थिक सहायता दी जाएगी. योजना का उद्देश्य ग्रामीण स्वरोजगार को बढ़ावा देना और हैंडलूम, खादी और कालीन उद्योग को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़े रखना है. वित्त मंत्री ने कहा, “महात्मा गांधी ग्राम स्वरोजगार योजना ग्रामीण कारीगरों को आर्थिक स्थिरता प्रदान करने के लिए बीमा और समर्थन उपलब्ध कराएगी. इससे ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन और आय में वृद्धि होगी.”

मेगा टेक्सटाइल पार्क: टेक्सटाइल सेक्टर को नया आयाम

निर्मला सीतारमण ने चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव रखा. इन पार्कों में तकनीकी टेक्सटाइल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और भारत वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करेगा. वित्त मंत्री ने कहा, “टेक्सटाइल क्लस्टर को आधुनिक बनाने और स्किलिंग बढ़ाने के लिए Samarth 2.0 जैसी पहल शुरू की जाएगी.”

SMEs और हस्तशिल्प उद्योग को 10,000 करोड़ का बूस्ट

सरकार ने छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया. इस राशि का उपयोग टेक्सटाइल स्किलिंग, हस्तशिल्प और खादी उद्योग को सशक्त बनाने के लिए किया जाएगा. बजट में 200 इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को रिवाइव करने का भी प्रस्ताव रखा गया.

ग्रामीण रोजगार और आत्मनिर्भर भारत

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प गरीब, शोषित और वंचित वर्ग के विकास पर केंद्रित है. महात्मा गांधी ग्राम स्वरोजगार योजना और मेगा टेक्सटाइल पार्क जैसी योजनाओं से ग्रामीण रोजगार सृजन होगा, पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान मिलेगी और भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी.

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