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Health is Wealth! Budget 2026 में हेल्थ सेक्टर के लिए सरकार ने खोल दी तिजोरी, दवाओं से ट्रॉमा केयर सेंटर तक किए ये बड़े एलान

Budget 2026 में सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल किया है. शुगर और कैंसर की दवाएं सस्ती होंगी, मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और बायो-फार्मा सेक्टर के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है.

Health is Wealth! Budget 2026 में हेल्थ सेक्टर के लिए सरकार ने खोल दी तिजोरी, दवाओं से ट्रॉमा केयर सेंटर तक किए ये बड़े एलान
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( Image Source:  Sora ai )
नवनीत कुमार
Edited By: नवनीत कुमार

Updated on: 1 Feb 2026 12:22 PM IST

बजट 2026 में सरकार ने साफ संदेश दिया है कि Health is Wealth सिर्फ नारा नहीं, बल्कि नीति है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवां बजट पेश करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र को विकसित भारत की बुनियाद बताया. बढ़ती आबादी, लाइफस्टाइल बीमारियों और वैश्विक हेल्थ चुनौतियों के बीच सरकार का मानना है कि मजबूत हेल्थ सिस्टम के बिना आर्थिक प्रगति अधूरी है. इसी सोच के साथ इस बजट में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, रिसर्च, दवाओं और मानव संसाधन हर मोर्चे पर बड़े ऐलान किए गए हैं.

इस बजट का फोकस सिर्फ अस्पतालों की इमारतें खड़ी करने पर नहीं, बल्कि इलाज को सस्ता, सुलभ और भरोसेमंद बनाने पर है. मेडिकल टूरिज्म से लेकर आयुष, एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स से लेकर इमरजेंसी ट्रॉमा केयर तक सरकार ने हेल्थ सेक्टर को रोजगार, इनोवेशन और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ दिया है. आइए, Health is Wealth थीम के तहत बजट 2026 के 13 बड़े हेल्थ ऐलानों को विस्तार से समझते हैं.

बजट 2026: Health is Wealth

  1. शुगर और कैंसर की दवाएं होंगी सस्ती: सरकार ने डायबिटीज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं को और किफायती बनाने का ऐलान किया है. इससे लंबे समय तक इलाज कराने वाले मरीजों पर आर्थिक बोझ कम होगा. खासतौर पर मिडिल क्लास और बुजुर्गों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
  2. मेडिकल टूरिज्म को मिलेगा बड़ा बूस्ट: भारत को वैश्विक मेडिकल टूरिज्म हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है. उच्च गुणवत्ता और कम लागत वाले इलाज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट किया जाएगा. इससे विदेशी मरीजों की संख्या बढ़ेगी और हेल्थ सेक्टर में विदेशी मुद्रा आएगी.
  3. बुजुर्गों के इलाज के लिए मजबूत केयर सिस्टम: बढ़ती बुजुर्ग आबादी को ध्यान में रखते हुए जेरियाट्रिक केयर पर खास फोकस किया गया है. लॉन्ग-टर्म केयर, होम हेल्थ सर्विस और रिकवरी सेंटर को मजबूत किया जाएगा, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक और निरंतर इलाज मिल सके.
  4. अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान बनाए जाएंगे: आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा को मुख्यधारा में लाने के लिए नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान खोले जाएंगे. इससे रिसर्च, शिक्षा और इलाज तीनों को बढ़ावा मिलेगा और भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणाली को वैश्विक पहचान मिलेगी.
  5. प्राइवेट सेक्टर के साथ मिलकर मेडिकल हब: सरकार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर मेडिकल हब विकसित करेगी. इन हब में सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर, आयुष यूनिट और पोस्ट-ट्रीटमेंट केयर सुविधाएं होंगी.
  6. बायो-फार्मा सेक्टर के लिए ₹10,000 करोड़: ‘बायो-फार्मा शक्ति मिशन’ के तहत अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. इसका लक्ष्य भारत को दवा और वैक्सीन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाना और इनोवेशन को बढ़ावा देना है.
  7. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी का गठन: हेल्थकेयर मैनेजमेंट और हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन को प्रोफेशनल बनाने के लिए एक राष्ट्रीय संस्थान बनाया जाएगा. इससे अस्पतालों की कार्यक्षमता, मरीजों का अनुभव और सेवा गुणवत्ता बेहतर होगी.
  8. पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाने का प्रस्ताव: देश के अलग-अलग हिस्सों में पांच बड़े क्षेत्रीय मेडिकल हब विकसित किए जाएंगे. इससे मरीजों को महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा और क्षेत्रीय स्तर पर उन्नत इलाज उपलब्ध होगा.
  9. आयुष फार्मेसी और ड्रग टेस्टिंग लैब अपग्रेड: आयुष दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फार्मेसी और ड्रग टेस्टिंग लैब को आधुनिक बनाया जाएगा. इससे आयुष उत्पादों पर लोगों का भरोसा और वैश्विक स्वीकार्यता बढ़ेगी.
  10. WHO ग्लोबल मेडिकल सेंटर, जामनगर का अपग्रेडेशन: जामनगर स्थित WHO ग्लोबल मेडिकल सेंटर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जाएगा. यह सेंटर ट्रेनिंग, रिसर्च और महामारी प्रबंधन में अहम भूमिका निभाएगा.
  11. मानसिक रोगियों के लिए नए संस्थान: मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए विशेष संस्थान खोले जाएंगे. काउंसलिंग, इलाज और रिहैबिलिटेशन की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी, ताकि मानसिक बीमारियों को लेकर सामाजिक कलंक भी कम हो.
  12. जिला अस्पतालों का बड़े पैमाने पर अपग्रेडेशन: जिला अस्पतालों को आधुनिक उपकरणों, विशेषज्ञ डॉक्टरों और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस किया जाएगा. इससे ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में गुणवत्तापूर्ण इलाज संभव होगा.
  13. सभी जिलों में इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर: देश के हर जिले में इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर खोलने का प्रस्ताव रखा गया है. सड़क दुर्घटनाओं, आपदाओं और अचानक गंभीर मामलों में यह फैसले हजारों जानें बचाने में मददगार साबित हो सकते हैं.

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बजट 2026 ने साफ कर दिया है कि सरकार के लिए स्वास्थ्य सिर्फ एक सेक्टर नहीं, बल्कि विकास की रीढ़ है. इलाज को सस्ता, सिस्टम को मजबूत और हेल्थ सेक्टर को रोजगार का बड़ा स्रोत बनाकर यह बजट वास्तव में Health is Wealth की सोच को जमीन पर उतारने की कोशिश करता दिखता है.

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