इतना खर्च करने से अच्छा था गड्ढे भर लेते! 6.21 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई म्यूजिकल रोड पर मुंबईवासियों का सवाल

मुंबई में 11 फरवरी 2026 को भारत की पहली म्यूजिकल रोड की शुरुआत हुई, जहां 70-80 किमी/घंटा की स्पीड पर ‘जय हो’ गाना बजता है. 6.21 करोड़ की लागत से बने इस प्रोजेक्ट को लेकर सोशल मीडिया पर तारीफ और सवाल दोनों उठ रहे हैं.;

( Image Source:  X: @richapintoi )
Edited By :  रूपाली राय
Updated On : 12 Feb 2026 1:05 PM IST

मुंबई की व्यस्त और कभी न रुकने वाली ज़िंदगी में आजकल एक ऐसी बात हो रही है जो सबको हैरान कर रही है और मुस्कुरा भी रही है. कल, यानी 11 फरवरी 2026 को, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई की कोस्टल रोड पर एक नया कमाल का काम शुरू किया. यह है भारत की पहली म्यूजिकल रोड. जी हां, एक सड़क जो खुद गाना बजाती है. कल्पना कीजिए आप अपनी कार में बैठे हैं, कोस्टल रोड पर नरीमन पॉइंट से वर्ली की तरफ जा रहे हैं.

अचानक आप अंडरग्राउंड टनल से बाहर निकलते हैं, और जैसे ही आपकी कार 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पर चलती है, कार के अंदर एक मधुर धुन बजने लगती है. कोई रेडियो नहीं, कोई कार का स्टीरियो नहीं बस सड़क ही गा रही है! और गाना है वो फेमस 'जय हो' ए.आर. रहमान का वो गाना जो फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' से अवार्ड जीत चुका है. 'जय हो... जय हो...' की आवाज़ कार में गूंजती है, दिल में जोश भर देती है, और चेहरे पर मुस्कान ला देती है. 

6.21 करोड़ लागत

मुंबई में शुरू हुई भारत की पहली म्यूजिकल रोड की लागत 6.21 करोड़ रुपये है. यह प्रोजेक्ट बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने संभाला था. उन्होंने हंगरी की एक कंपनी को यह काम सौंपा, क्योंकि म्यूजिकल रोड की तकनीक (रंबल स्ट्रिप्स या विशेष खांचे वाली सड़क) मूल रूप से हंगेरियन है. यह 500 मीटर लंबा हिस्सा मुंबई के कोस्टल रोड पर नरीमन पॉइंट से वर्ली की ओर जाने वाली उत्तर दिशा वाली लेन में बनाया गया है, जो टनल से निकलने के ठीक बाद शुरू होता है. 

अब सोशल मीडिया पर क्या हो रहा है?

म्यूजिकल रोड का कई वीडियो वायरल हो रहा है. लोग कार के अंदर से रिकॉर्ड कर रहे हैं. लोग कमेंट कर रहे हैं 'गूजबंप्स आ गए', 'वाह क्या इनोवेशन है', 'मुंबई अब वर्ल्ड क्लास हो गया', 'स्पीड लिमिट फॉलो करने में मदद मिलेगी, एक्सीडेंट कम होंगे. कई परिवार वाले, दोस्त, कपल्स सब ट्राई कर रहे हैं.  कोई कहता है, 'सुबह ऑफिस जाते वक्त मूड फ्रेश हो जाता है'.

लेकिन सब खुश नहीं हैं.

कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, 'पहले सारी सड़कों से गड्ढे हटाओ, फिर म्यूजिकल सड़क बनाओ' दूसरा बोला- 'सबअर्ब्स में सड़कें टूटी हुई हैं, साउथ मुंबई को म्यूजिकल रोड? अन्याय है.' किसी ने कहा, 'जल्दी खराब हो जाएगा. रखरखाव बड़ा मुद्दा है मुंबई की बारिश, ट्रैफिक, धूल ये सब इसे जल्दी खराब कर सकते हैं. 

@Dev_Fadnavis द्वारा केवल कोस्टल रोड पर ध्यान केंद्रित किया गया है. मुंबई की अन्य सड़कों का क्या, जिन पर मुंबईवासी रोज़ाना यात्रा करते हैं?. कृपया मुलुंड आइए, हमारे यहां भी अलग-अलग तरह की म्यूजिकल सड़कें हैं, जिनमें तीन या चार पहिया वाहनों पर नाच-गाना भी शामिल है. हम बिना किसी मेहनत के कमर तोड़ते हुए सफर करते हैं. 

कैसे हुआ यह मैजिक?

सड़क पर खास तरह के ग्रूव्स या खांचे बनाए गए हैं. इन्हें रंबल स्ट्रिप्स कहते हैं. ये खांचे एक खास पैटर्न में कटे हुए हैं. जब कार के टायर इन पर से गुजरते हैं, तो वाइब्रेशन होता है, और वो वाइब्रेशन साउंड में बदल जाता है. ठीक वैसे ही जैसे कोई पुराना रिकॉर्ड प्लेयर में सुई घूमकर गाना बजाती है. लेकिन यहां टायर ही वो सुई हैं, और सड़क ही रिकॉर्ड! पूरा 500 मीटर का हिस्सा ऐसा है. पहले 500 मीटर, फिर 100 मीटर, और 60 मीटर पहले साइनबोर्ड लगे हैं, जो ड्राइवर को बताते हैं 'स्पीड बनाए रखो, ताकि पूरा गाना सुन सको'.

इन देशों में भी बन चुकी है 

यह आईडिया नया नहीं है. दुनिया में पहले जापान में 2007 में ऐसा हुआ था, फिर दक्षिण कोरिया, हंगरी और UAE में भी. लेकिन भारत में पहली बार मुंबई में. यह हंगेरियन टेक्नोलॉजी पर बेस्ड है, और BMC ने इसे लागू किया. लागत आई करीब 6.21 करोड़ रुपये. कुछ लोग कहते हैं कि विदेश में ऐसे प्रोजेक्ट सस्ते पड़ते हैं, लेकिन यहां ज्यादा खर्च इसलिए क्योंकि स्केल बड़ा है और मुंबई की सड़कें अलग हैं.

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