Begin typing your search...

राहुल गांधी पर संकट के बादल! BJP लाई सब्सटेंटिव मोशन, क्या छिन जाएगी LOP की सांसदी?

राहुल गांधी पर मुसीबत के बादल मंडरा रहे हैं. बीजेपी उनके खिलाफ सब्सटेंटिव मोशन लेकर आई है, और निशिकांत दुबे ने मांग की है उनकी मेंबरशिप खत्म की जाए.

राहुल गांधी पर संकट के बादल! BJP लाई सब्सटेंटिव मोशन, क्या छिन जाएगी LOP की सांसदी?
X
( Image Source:  X-@RahulGandhi )
समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी

Updated on: 12 Feb 2026 12:29 PM IST

Substantive Motion Against Rahul Gandhi: भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने कहा है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की कोई योजना नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने विशेषाधिकार प्रस्ताव नहीं, बल्कि एक सब्सटेंटिव मोशन दिया है.

ज्ञात हो कि इससे पहले खबर आ रही थी कि बीजेपी राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लेकर आ सकती है. ऐसा इसलिए था क्योंकि बीते रोज बजट सेशन के दौरान उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर कई इल्जाम लगाए, जिसे लेकर बीजेपी के मंत्री मंत्री किरेन रिजिजू ने विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की बात कही थी.

क्या बोले निशिकांत दुबे?

निशिकांत दुबे ने कहाकि यह कोई प्रिविलेज मोशन नहीं है. मैंने एक सब्सटेंटिव मोशन दिया है, जिसमें मैंने उल्लेख किया है कि वह कथित तौर पर सोरोस फाउंडेशन, फोर्ड फाउंडेशन और यूएसएआईडी जैसे संगठनों से जुड़े रहे हैं. और थाईलैंड, कंबोडिया, वियतनाम और अमेरिका जैसे देशों की सफर करते रहे हैं. साथ ही उनका संबंध कथित रूप से भारत विरोधी ताकतों से बताया गया है.

बीजेपी सांसद ने यह भी मांग की कि राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द की जाए और उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जाए.

सब्सटेंटिव मोशन क्या होता है?

सब्सटेंटिव मोशन एक औपचारिक प्रस्ताव होता है, जिसे सदन के किसी मेंबर पर विचार के लिए पेश किया जाता है. यह आमतौर पर किसी महत्वपूर्ण और गंभीर मुद्दे से जुड़ा होता है, जिस पर सदन को फैसला लेना होता है. इसे अविश्वास प्रस्ताव या महाभियोग जैसे प्रस्तावों की कैटेगरी में समझा जा सकता है, जिन्हें किसी उच्च पद पर आसीन व्यक्ति के खिलाफ लाया जा सकता है.

ऐसे प्रस्ताव की ग्राह्यता (एडमिसिबिलिटी) पर सदन में चर्चा होती है. प्रस्ताव लाने वाले सदस्य को अपने आरोपों और आधारों को साबित करना होता है. इसके बाद वोटिंग के आधार पर फैसला किया जाता है.

किरेन रिजिजू क्या कहा था?

इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि सरकार लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान आधारहीन बयान देकर सदन को गुमराह करने के आरोप में राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस लाएगी. मीडिया से बातचीत में रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी निराधार और बेबुनियाद आरोप लगाए हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि बिना किसी पूर्व सूचना के इतने गंभीर आरोप किस आधार पर लगाए गए.

रिजिजू ने कहा था कि लोकसभा और राज्यसभा में आरोपों को प्रमाणित करने के लिए स्पष्ट नियम और कार्यप्रणाली तय है. उन्होंने बताया कि उन्होंने राहुल गांधी से सदन में रखे गए अपने बयानों को प्रमाणित करने का अनुरोध किया है. मंत्री ने यह भी आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने मंत्री हरदीप सिंह पुरी के खिलाफ भी बिना नोटिस के आरोप लगाए. रिजिजू के मुताबिक यह विशेषाधिकार का गंभीर उल्लंघन है और सरकार इस संबंध में आवश्यक नोटिस स्पीकर को देगी.

India NewsIndia
अगला लेख