गोली लगने के बाद भी नहीं रुका ‘टायसन’, बचाई सैनिकों की जान; आर्मी डॉग की बहादुरी से किश्तवाड़ में ढेर हुए जैश के 3 आतंकी

किश्तवाड़ में सेना के ऑपरेशन के दौरान आर्मी डॉग टायसन ने आतंकियों का ठिकाना ढूंढ़ निकाला. वह गोली लगने के बावजूद पीछे नहीं हटा, जिससे सुरक्षाबलों को लोकेशन मिल गई और तीन जैश आतंकियों को मार गिराया गया.

Army Dog Tyson

(Image Source:  Sora_ AI )
Edited By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 23 Feb 2026 12:30 AM IST

Army Dog Tyson Bravery in Kishtwar Operation: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चटरू इलाके में सुरक्षाबलों ने एक बड़े ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों को मार गिराया. इस ऑपरेशन की सबसे बड़ा हीरो बना भारतीय सेना की स्पेशल फोर्स की डॉग यूनिट का जर्मन शेफर्ड ‘टायसन’, जिसने अपनी जान की परवाह किए बिना आतंकियों का ठिकाना ढूंढ निकाला.

सेना की 2 पैरा (स्पेशल फोर्स) के साथ ऑपरेशन में शामिल टायसन दुर्गम पहाड़ी इलाके में बने एक छिपे हुए ठिकाने में घुस गया. जैसे ही वह अंदर पहुंचा, आतंकियों ने उस पर गोली चला दी. पैर में गोली लगने के बावजूद टायसन पीछे नहीं हटा और आगे बढ़ता रहा. उसकी इस बहादुरी से सुरक्षाबलों को आतंकियों की सटीक लोकेशन मिल गई, जिसके बाद सेना, पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीनों आतंकियों को मार गिराया.

कौन था सैफुल्लाह?

मारे गए आतंकियों में वांछित आतंकी सैफुल्लाह भी शामिल था, जो पिछले दो साल से इलाके में छिपा हुआ था और कई बार सुरक्षा बलों से बच निकलने में कामयाब रहा था. आतंकियों के पास से AK-47 राइफल, गोला-बारूद और अन्य हथियार बरामद हुए हैं.

कैसा है टायसन?

ऑपरेशन के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली. घायल टायसन को तुरंत एयरलिफ्ट कर इलाज के लिए भेजा गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है.

अधिकारियों ने क्या कहा?

अधिकारियों का कहना है कि यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि आतंकवाद विरोधी अभियानों में प्रशिक्षित सेना के डॉग्स कितनी अहम भूमिका निभाते हैं. इससे पहले अक्टूबर 2024 में ‘फैंटम’ नाम के बेल्जियन मेलिनोइस ने भी अपने हैंडलर और जवानों की जान बचाते हुए शहादत दी थी.

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