तमिलनाडु में बड़ा सियासी विस्फोट! AIADMK के 30 विधायक विजय के साथ, EPS की बढ़ी मुश्किलें
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। AIADMK के एक गुट ने जोसेफ विजय की TVK सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया है.
Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की राजनीति में मंगलवार को बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला. All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) के एक गुट ने मुख्यमंत्री Joseph Vijay की अगुवाई वाली सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है. यह गुट C. V. Shanmugam और S. P. Velumani के नेतृत्व में सक्रिय हुआ है. दोनों नेताओं ने TVK सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया और कहा कि वे विजय से मुलाकात भी करेंगे. रिपोर्ट्स के मुताबिक कुल 30 विधायक हैं जो टीवीके के साथ जाने वाले हैं.
सीवी शन्मुगम ने कहा कि पिछले दस वर्षों में AIADMK लगातार चुनावी झटके झेलती रही है. उन्होंने कहा कि पार्टी को तीन बार अपने पुराने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) से हार मिली और हालिया चुनाव में Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने भी उसे सत्ता से बाहर कर दिया. उनके मुताबिक, अब पार्टी के भविष्य और उसे दोबारा मजबूत करने को लेकर गंभीर चर्चा की जरूरत है.
क्या बोले शन्मुगम?
शन्मुगम ने AIADMK प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री Edappadi K. Palaniswami पर भी निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि पलानीस्वामी ने TVK को सरकार बनाने से रोकने के लिए DMK के समर्थन से AIADMK सरकार बनाने के प्रस्ताव पर विचार किया था. तमिलनाडु की राजनीति में इसे बेहद असामान्य माना जा रहा है, क्योंकि AIADMK और DMK दशकों से एक-दूसरे के कट्टर विरोधी रहे हैं.
उन्होंने कहा, “AIADMK की स्थापना ही DMK के खिलाफ हुई थी. पिछले 53 सालों से हमारी राजनीति DMK के विरोध के इर्द-गिर्द रही है. ऐसे में DMK के समर्थन से सरकार बनाने का प्रस्ताव आया, लेकिन पार्टी के अधिकांश नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे खारिज कर दिया. अगर ऐसा गठबंधन होता, तो AIADMK का अस्तित्व ही खत्म हो जाता.”
शन्मुगम ने यह भी कहा कि फिलहाल पार्टी किसी गठबंधन में नहीं है और अब सबसे जरूरी काम AIADMK को फिर से मजबूत और सक्रिय बनाना है. उन्होंने कहा, “आखिरकार हमने TVK को समर्थन देने का फैसला किया, क्योंकि वही चुनाव में विजयी पार्टी बनकर सामने आई.”
पार्टी के अंदर टकराव की स्थिति?
हालांकि उन्होंने यह साफ किया कि उनका उद्देश्य AIADMK को तोड़ना नहीं है. इसके बावजूद पार्टी के भीतर टकराव की स्थिति साफ दिखाई दे रही है. खासतौर पर EPS के नाम से पहचाने जाने वाले एडप्पादी पलानीस्वामी और बागी गुट के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. इससे पहले पलानीस्वामी ने TVK के साथ गठबंधन की मांग को मानने से इनकार कर दिया था.
वहीं एसपी वेलुमणि ने कहा, “यह AIADMK का विभाजन नहीं है. हम पार्टी महासचिव के सही फैसले का इंतजार करेंगे ताकि पार्टी को आगे बढ़ाया जा सके.” बागी गुट ने एक प्रस्ताव पारित कर यह भी मांग की कि AIADMK को Bharatiya Janata Party (BJP) के साथ अपने सभी रिश्ते खत्म कर लेने चाहिए. गौरतलब है कि पलानीस्वामी ने 2026 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की स्थिति मजबूत करने के लिए भाजपा के साथ दोबारा गठबंधन किया था.
AIADMK के दूसरे गुट के बारे में क्या?
इसी बीच AIADMK का दूसरा गुट, जिसे पलानीस्वामी समर्थक माना जा रहा है, भी सक्रिय हो गया है. इस गुट में K. P. Munusamy और M. Thambidurai जैसे नेता शामिल हैं. बताया जा रहा है कि ये नेता पलानीस्वामी से उनके आवास पर मिलने पहुंचे हैं.
तमिलनाडु की राजनीति में यह हलचल पिछले सप्ताह से ही तेज हो गई थी. उस समय पलानीस्वामी गुट के कुछ विधायक पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए थे. खबरें थीं कि वे TVK को समर्थन देने की मांग कर रहे थे. हालांकि पलानीस्वामी समर्थकों ने किसी भी तरह की बगावत से इनकार करते हुए कहा था कि विधायकों को टूट-फूट से बचाने के लिए उन्हें वहां रखा गया था.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के क्या हैं आकंड़े?
हालिया विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी TVK ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई. हालांकि बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से पार्टी 10 सीट पीछे रह गई थी.
इनमें से पांच सीटों का समर्थन Indian National Congress ने दिया. बाकी सीटों को लेकर लगातार राजनीतिक बातचीत चलती रही. शन्मुगम के नेतृत्व वाले AIADMK गुट, जिसके पास 47 विधायक हैं, ने भी सरकार को समर्थन देने की पेशकश की.
आखिरकार दो वामपंथी दलों की चार सीटों और Viduthalai Chiruthaigal Katchi (VCK) की दो सीटों के समर्थन से TVK बहुमत के आंकड़े तक पहुंच गई. हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में सरकार की स्थिरता एक बड़ा सवाल बनी रह सकती है, क्योंकि कांग्रेस, वाम दल और VCK लंबे समय से DMK के सहयोगी रहे हैं.