बिहार में SIR की घोषणा करते समय चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट में विदेशी अवैध प्रवासियों के नाम शामिल होने को भी बड़े बदलाव की एक वजह बताया था. हालांकि हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार जिन छह राज्यों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है या चल रही है, वहां से अब तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, संदिग्ध विदेशी नागरिकों की संख्या मतदाता सूची से हटाए गए नामों के मुकाबले काफी कम है.

कर्नाटक, केरल, गोवा, झारखंड, मेघालय और अन्य राज्यों से मिले आंकड़े इस प्रक्रिया की अलग-अलग तस्वीर पेश करते हैं. कहीं विदेशी नागरिकता वाले लोगों के नाम मतदाता सूची में होने की जानकारी सामने आई, तो कहीं अधिकारियों ने ऐसे मामलों का अलग से रिकॉर्ड रखने से इनकार किया. 

कितनी है विदेशी नागरिकों की संख्या?

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रिपोर्ट के अनुसार, इन 6 राज्यों में करीब 1,600 संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान हुई है, जबकि संबंधित राज्यों में मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 9.86 करोड़ है.

कर्नाटक में कितने विदेशी नागरिक?

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कर्नाटक में SIR के दौरान अंतिम मतदाता सूची से करीब 99.7 लाख नाम हटाए गए. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के एक अधिकारी के मुताबिक, अधिकारियों ने हटाने के लिए 716 विदेशी नागरिकों की पहचान की. इनमें बेंगलुरु उत्तर क्षेत्र में मिले 545 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं.

झारखंड में कितने विदेशी नागरिक?

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राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी के मुताबिक, यहां तीन विदेशी नागरिकों की पहचान हुई है. ये तीनों अफगानिस्तान के नागरिक हैं. झारखंड की मसौदा मतदाता सूची में 2.21 करोड़ नाम शामिल थे.

मेघालय में कितने विदेशी नागरिक?

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मेघालय के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीडीआर तिवारी के मुताबिक, राज्य के पूर्वी खासी हिल्स जिले के मौसिनराम में नेपाली मूल के दो पुरुषों के नाम मतदाता सूची में मिले. दोनों ने भारतीय महिलाओं से शादी की थी.

केरल और गोवा में कितने विदेशी नागरिक?

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केरल में अधिकारियों ने करीब 500 ऐसे लोगों की पहचान की, जिनके पास विदेशी नागरिकता थी, लेकिन उनके नाम मतदाता सूची में दर्ज थे. वहीं गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजय गोयल के मुताबिक राज्य में विदेशी पासपोर्ट रखने वाले 419 संदिग्ध लोगों की पहचान की गई.

मिजोरम में कितने विदेशी नागरिक?

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मिजोरम में अधिकारियों ने मतदाता सूची में विदेशी नागरिकों के नाम दर्ज होने का कोई मामला सामने नहीं आने की जानकारी दी. राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी गरिमा गुप्ता ने कहा कि मसौदा मतदाता सूची में विदेशी नागरिकों के नाम शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिला.