'रंगीन' DGP रामचंद्र राव के 48 सेकेंड के अश्लील वीडियो से मचा बवाल! जानिए एक्ट्रेस Ranya Rao के पिता की करतूत की Story
कर्नाटक के DGP रामचंद्र राव से जुड़े 48 सेकेंड के कथित अश्लील वीडियो के वायरल होने से प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. राव, चर्चित एक्ट्रेस रान्या राव के पिता बताए जा रहे हैं, जिस वजह से मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया. विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि पुलिस और सरकार की ओर से वीडियो की सत्यता की जांच और कानूनी पहलुओं पर कार्रवाई की बात कही जा रही है;
कर्नाटक पुलिस महकमा एक बार फिर गंभीर विवाद में घिर गया है. सोशल मीडिया पर एक 48 सेकेंड का वीडियो बवाल काट रहा है. वायरल हो रहे कुछ वीडियो क्लिप्स में दावा किया जा रहा है कि सिविल राइट्स एनफोर्समेंट निदेशालय के DGP डॉ. के. रामचंद्र राव अपने दफ्तर के भीतर एक महिला के साथ आपत्तिजनक हरकतें करते नजर आ रहे है.
वीडियो की पुष्टि अभी तक साफ नहीं हो पाई है लेकिन सोशल मीडिया पर बवाल का दौर जारी है. 48 सेकेंड के वीडियो में देखा जा सकता है कि रंगीन DGP साहब महिला के प्राइवेट पार्ट पर अश्लील हरकत कर रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद मामला सियासी और प्रशासनिक गलियारों में तेज़ बहस का विषय बन चुका है.
सूत्रों के मुताबिक, ये वायरल क्लिप्स मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक भी पहुंच चुकी हैं. सरकार इस बात की जांच कर रही है कि क्या कार्यस्थल के नियमों और आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है. यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ महीने पहले ही रामचंद्र राव अनिवार्य अवकाश से लौटकर दोबारा पदस्थापित हुए थे.
कौन हैं कर्नाटक के DGP डॉ. के. रामचंद्र राव?
डॉ. के. रामचंद्र राव 1993 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं. अगस्त 2025 में उनकी दोबारा नियुक्ति के बाद उन्हें सिविल राइट्स एनफोर्समेंट निदेशालय का महानिदेशक (DGP) बनाया गया था. इससे पहले वे कर्नाटक स्टेट पुलिस हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर भी रह चुके हैं. सितंबर 2023 में उन्हें DGP रैंक पर पदोन्नति मिली थी. अपने लंबे करियर में उन्होंने शहरी पुलिसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से जुड़े कई अहम पद संभाले, हालांकि उनका नाम समय-समय पर विभागीय जांच और कानूनी विवादों से भी जुड़ता रहा है.
पहले भी विवादों में रहा है नाम
मार्च 2025 में अभिनेता रान्या राव की गिरफ्तारी के बाद रामचंद्र राव एक बड़े विवाद में घिर गए थे. रान्या राव, जिन्हें उनका सौतेला बेटी बताया जाता है, को बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 14.2 किलो सोने के साथ पकड़ा गया था, जिसकी कीमत करीब 12.56 करोड़ रुपये आंकी गई थी.
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने आरोप लगाया था कि एयरपोर्ट पर सामान्य जांच प्रक्रिया को दरकिनार किया गया और राव के कार्यालय से जुड़े एक पुलिस कांस्टेबल ने प्रोटोकॉल में मदद की. इस मामले के बाद सरकार ने रामचंद्र राव को अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया था. हालांकि उन्होंने खुद को इस केस से अलग बताते हुए कहा था कि "the law should take its own course". बाद में अवकाश आदेश वापस लेकर उन्हें सिविल राइट्स एनफोर्समेंट विंग में तैनात किया गया.
2014 का कैश सीजर विवाद
यह पहली बार नहीं है जब रामचंद्र राव सवालों के घेरे में आए हों. 2014 में दक्षिण रेंज के IGP रहते हुए मैसूर के पास एक बस से नकदी जब्ती के मामले में भी उनका नाम सामने आया था. पुलिस ने जहां 20 लाख रुपये जब्त करने का दावा किया था, वहीं व्यापारियों ने आरोप लगाया था कि असली रकम 2.27 करोड़ रुपये थी और पुलिस ने साजिश के तहत पैसा हड़प लिया.
वायरल वीडियो में क्या है दावा?
ताजा विवाद में वायरल हो रहे वीडियो कथित तौर पर रामचंद्र राव को वर्दी में अपने ऑफिस के भीतर एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाते हैं. कुछ अन्य क्लिप्स में दावा किया जा रहा है कि दफ्तर में आने वाली महिलाओं के साथ भी ऐसा व्यवहार किया गया. 19 जनवरी 2026 से ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं, जिसके बाद जनता और विपक्ष दोनों की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है.
परिवारिक कनेक्शन भी चर्चा में
रामचंद्र राव अभिनेत्री रान्या राव के सौतेले पिता हैं, जो फिलहाल सोना तस्करी के मामले में जेल में बंद हैं. हाल ही में रान्या राव की हाई-प्रोफाइल शादी और दुबई की बार-बार यात्राओं ने भी मीडिया का ध्यान खींचा था. अब दोनों मामलों के एक साथ चर्चा में आने से विवाद और गहरा गया है.
AI से फर्जी वीडियो बनाने का आरोप
DGP डॉ. रामचंद्र राव ने वायरल वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताते हुए दावा किया है कि यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किए गए हैं. उनका कहना है कि इन वीडियो का मकसद उनकी छवि और करियर को नुकसान पहुंचाना है. उन्होंने कानूनी कार्रवाई की बात भी कही है, हालांकि बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर गृह मंत्री से मिलने की उनकी कोशिश नाकाम रही.
विपक्ष का हमला, जांच की मांग तेज
इस मामले के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने सिद्धारमैया सरकार पर तीखा हमला बोला है. उनका कहना है कि अगर पुलिस के शीर्ष अधिकारी पर ऐसे आरोप लगते हैं, तो आम जनता और महिलाओं का भरोसा कैसे कायम रहेगा. कई संगठनों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और स्वतंत्र जांच की मांग की है.