Republic Day Parade 2026: राफेल से ब्रह्मोस तक, कर्तव्य पथ पर दिखेगी भारत की ताकत; क्या बदल गया इस बार?
77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर भव्य परेड. राफेल-सुखोई का फ्लाई-पास्ट, 30 झांकियां, EU मेहमान और अभेद्य सुरक्षा. जानें परेड की हर खास बात.;
आज भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे गर्व और भव्यता के साथ मना रहा है. नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड न सिर्फ देशवासियों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए भारत की बढ़ती सैन्य ताकत, लोकतांत्रिक परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता का संदेश देगी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इस ऐतिहासिक समारोह का नेतृत्व करेंगी, जबकि यूरोपीय परिषद और यूरोपीय आयोग के शीर्ष नेता मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे. यह आयोजन भारत की वैश्विक भूमिका को भी रेखांकित करेगा.
इस साल का गणतंत्र दिवस कई मायनों में खास है. राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिसे परेड की थीम और प्रस्तुतियों में विशेष रूप से दर्शाया जाएगा. कर्तव्य पथ को भव्य सजावट से सजाया गया है और परेड के हर हिस्से में भारत की सैन्य क्षमता, तकनीकी प्रगति और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई देगी. यही वजह है कि आज की परेड को अब तक की सबसे खास परेडों में गिना जा रहा है.
परेड की शुरुआत और औपचारिक कार्यक्रम
- समारोह की शुरुआत सुबह 10:30 बजे होगी, इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे.
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथियों के साथ पारंपरिक बग्गी में कर्तव्य पथ पहुंचेंगी.
- राष्ट्रगान के साथ तिरंगा फहराया जाएगा और स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी जाएगी.
- परेड की कमान लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार संभालेंगे, जबकि हेलीकॉप्टरों से पुष्पवर्षा की जाएगी.
सैन्य ताकत का दमदार प्रदर्शन
- परेड में ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल सिस्टम, अर्जुन टैंक और ‘सूर्यास्त्र’ रॉकेट लॉन्चर आकर्षण का केंद्र होंगे.
- पहली बार ‘भैरव लाइट कमांडो’ बटालियन और शक्तिबन रेजिमेंट परेड का हिस्सा बनेंगी.
- भारतीय सेना युद्ध जैसी फॉर्मेशन में मार्च करेगी, जिसमें टोही से लेकर लॉजिस्टिक्स तक के दस्ते शामिल होंगे.
- डीआरडीओ द्वारा LR-AShM मिसाइल सिस्टम का प्रदर्शन भी किया जाएगा.
फ्लाई-पास्ट में दिखेगा वायु शक्ति का शौर्य
- फ्लाई-पास्ट में कुल 29 विमान हिस्सा लेंगे, जिनमें राफेल, Su-30 MKI, MiG-29 और जगुआर शामिल हैं.
- C-130, C-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और नौसेना का P-8i भी आसमान में शक्ति दिखाएगा.
- ‘वज्रांग’, ‘वरुण’, ‘विजय’ और ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन फ्लाई-पास्ट को और रोमांचक बनाएंगे.
- स्पीयरहेड फॉर्मेशन में राफेल, मिग और सुखोई विमानों की जुगलबंदी देखने को मिलेगी.
झांकियों में दिखेगा आत्मनिर्भर भारत
- परेड में कुल 30 झांकियां शामिल होंगी, जिनमें 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 13 मंत्रालयों की झांकियां होंगी.
- झांकियों की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ है.
- कला, संस्कृति, तकनीक और विकास की कहानियां झांकियों के जरिए प्रस्तुत की जाएंगी.
- तीनों सेनाओं की संयुक्त झांकी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पूर्व सैनिकों की झांकी विशेष आकर्षण होंगी.
खास मेहमान, सांस्कृतिक कलाकार और EU की मौजूदगी
- देशभर से करीब 10,000 विशेष मेहमानों को आमंत्रित किया गया है, जिनमें इनोवेटर, स्टार्टअप, SHG सदस्य शामिल हैं.
- हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से 50-50 जोड़े पारंपरिक वेशभूषा में मौजूद रहेंगे.
- लगभग 2,500 सांस्कृतिक कलाकार ‘वंदे मातरम – भारत की शाश्वत गूंज’ थीम पर प्रस्तुति देंगे.
- EU प्रतिनिधिमंडल चार अलग-अलग ध्वजों के साथ परेड में हिस्सा लेगा.
अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था
- दिल्ली में करीब 10,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं.
- पहली बार AI आधारित स्मार्ट चश्मे, फेस रिकग्निशन टेक्नोलॉजी और 3,000+ CCTV कैमरों का इस्तेमाल.
- 30 से ज्यादा कंट्रोल रूम से 24×7 निगरानी की जा रही है.
- मेट्रो सेवाएं सुबह 3 बजे से शुरू होंगी, ताकि आम लोगों को सुविधा मिल सके.
कुल मिलाकर, कर्तव्य पथ की यह परेड भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत तस्वीर दुनिया के सामने पेश करेगी.