डेटा हमारा हथियार, अमेरिका को ला देता घुटनों पर! AI से लेकर Epstein तक, लोकसभा में क्या बोले राहुल गांधी?
लोकसभा में बजट सेशन के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला. इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अहम प्वाइंट उठाया. उन्होंने कहा कि डेटा के जरिए अमेरिका से डील करनी चाहिए थी. यह हमारी सबसे बड़ी ताकत है.;
Rahul Gandhi in Lok Sabha: लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और डेटा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा. उन्होंने अपनी बात की शुरुआत मार्शल आर्ट के उदाहरण से की. राहुल गांधी ने कहा कि मार्शल आर्ट में शुरुआत "ग्रिप" होती है और फिर “चोक” की स्थिति आती है, जहां फोकस गले पर होता है.
उन्होंने कहा कि जब किसी के हाथ में ग्रिप आ जाती है तो उसकी मंशा आंखों में साफ दिखती है. इसी संदर्भ में उन्होंने दावा किया कि दुनिया एक नए तरह के 'युद्ध काल' में प्रवेश कर चुकी है.
गाजा पर बोले राहुल गांधी?
राहुल गांधी ने कहा कि गाजा और इजरायल की स्थिति इस बदलाव की झलक है. उनके मुताबिक पुरानी वैश्विक व्यवस्था को चुनौती दी जा रही है और अंतरराष्ट्रीय हालात तेजी से बदल रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज के दौर में डेटा सबसे बड़ी संपत्ति है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए 'पेट्रोल' की तरह काम करती है.
एआई को लेकर क्या बोले राहुल गांधी?
उन्होंने एआई को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि यह एक खतरनाक दुनिया की ओर संकेत करता है और देश के 140 करोड़ लोगों के सामने नया चुनौतीपूर्ण दौर है। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉलर और ऊर्जा का भी “हथियार” की तरह इस्तेमाल हो रहा है। उनके अनुसार बजट में इन अहम मुद्दों—डेटा, ऊर्जा सुरक्षा और नई तकनीक—को लेकर कोई स्पष्ट प्रावधान नजर नहीं आता।
अमेरिका से बातचीत पर क्या बोले राहुल गांधी?
राहुल गांधी ने कहा कि अगर भारत अमेरिका के साथ बातचीत करता, तो सबसे पहले डेटा के मुद्दे पर बात होती. उनका कहना था कि अगर अमेरिका डॉलर के वर्चस्व को बनाए रखना चाहता है, तो उसमें भारतीय डेटा की अहम भूमिका है. उन्होंने कहा कि भारत को अपने हित सर्वोपरि रखने चाहिए और किसी भी समझौते में खुद को 'सर्वेंट' तरह पेश नहीं करना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा कि दूसरी प्राथमिकता ऊर्जा सुरक्षा और तीसरी कृषि क्षेत्र की सुरक्षा होनी चाहिए थी.उनके मुताबिक भारत को किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए थी. हुल गांधी ने यह भी कहा कि भारत पाकिस्तान के बराबर नहीं है और डेटा सुरक्षा को लेकर गंभीर रहना चाहिए. उनका कहना था कि अमेरिका को डॉलर की मजबूती के लिए भारतीय डेटा की जरूरत है.
बांग्लादेश के लिए ज़ीरो टैरिफ
राहुल गांधी ने कहा कि भारत के लोगों के पास विशाल मात्रा में डेटा है और इसकी सुरक्षा बेहद अहम है. उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और चीन दोनों की नजर भारतीय डेटा पर है. उन्होंने टेक्सटाइल क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर बांग्लादेश को टेक्सटाइल निर्यात पर शून्य टैरिफ मिलता है तो भारतीय उद्योग प्रभावित होता है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने टैरिफ बढ़ा दिए, जिससे भारत को नुकसान हुआ.
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या अमेरिका यह तय करेगा कि भारत किस देश से तेल खरीदे. उनके मुताबिक यह ऊर्जा क्षेत्र के 'वेपनाइजेशन' का संकेत है. उन्होंने कहा कि जब अमेरिका टैरिफ बढ़ाता है तो यह वित्तीय क्षेत्र के 'वेपनाइजेशन' की तरह है.
अमेरिका भारत की फसलों को कर रहा है प्रभावित
सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका भारत के फैसलों को प्रभावित कर रहा है और कृषि क्षेत्र को अमेरिकी हितों के लिए खोल दिया गया है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका का टैरिफ 3 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गया है.
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने कुछ संवेदनशील संदर्भ भी दिए, जिन पर सदन में आपत्ति जताई गई. जब उन्होंने “एपस्टीन” का जिक्र किया तो पीठासीन अधिकारी ने उन्हें टोका. बाद में उन्होंने रक्षा बजट और उद्योगपति गौतम अडानी का उल्लेख किया और कहा कि अडानी की कंपनी पर अमेरिका में मामला चल रहा है. इस पर बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद और किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताई.
राहुल गांधी ने उद्योगपति अनिल अंबानी का भी जिक्र किया और सवाल उठाया कि वे जेल में क्यों नहीं हैं. इस संदर्भ में भी उन्होंने “एपस्टीन फाइल” का उल्लेख किया, जिस पर सदन में फिर आपत्ति दर्ज की गई. केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का नाम लिए जाने पर भी हंगामा हुआ और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.