पीएम मोदी के इजराइल दौरे से भारत को क्या मिला? समझिए 5 बड़े रणनीतिक फायदे
प्रधानमंत्री के इस दौरे से भारत-इजराइल साझेदारी और मजबूत हुई है. रक्षा से लेकर कृषि तक, कई क्षेत्रों में भारत को ठोस फायदे मिले हैं.
भारत और इजराइल के रिश्ते बीते कुछ वर्षों में तेजी से मजबूत हुए हैं, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजराइल दौरा इस साझेदारी को नई ऊंचाई देने वाला साबित हुआ. यह दौरा केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं था, बल्कि रक्षा, तकनीक, कृषि और रणनीतिक सहयोग के कई अहम समझौतों का मंच भी बना. ऐसे में सवाल उठता है कि इस दौरे से भारत को आखिर क्या ठोस लाभ मिला? आइए इसे विस्तार से समझते हैं.
1. क्या रक्षा क्षेत्र में भारत को मिली नई ताकत?
भारत और इज़राइल के बीच रक्षा सहयोग पहले से ही मजबूत रहा है, लेकिन इस दौरे के बाद यह और गहरा हुआ है. इज़राइल से मिलने वाली अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक, मिसाइल सिस्टम और साइबर सुरक्षा सहयोग भारत की सैन्य क्षमताओं को मजबूत करेगा. इज़राइल की एडवांस टेक्नोलॉजी जैसे आयरन डोम जैसी एयर डिफेंस प्रणाली भारत के लिए भविष्य में गेमचेंजर साबित हो सकती है. इससे भारत की सीमाओं की सुरक्षा और भी मजबूत होगी.
2. क्या टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में बढ़ा सहयोग?
इज़राइल को “स्टार्टअप नेशन” कहा जाता है और यहां की तकनीकी विशेषज्ञता दुनियाभर में मशहूर है. इस दौरे के दौरान दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया. इससे भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
3. कृषि क्षेत्र में किसानों को क्या फायदा होगा?
इज़राइल की आधुनिक कृषि तकनीक जैसे ड्रिप इरिगेशन और स्मार्ट फार्मिंग भारत के किसानों के लिए बेहद उपयोगी है. इस दौरे के बाद दोनों देशों के बीच कृषि सहयोग और मजबूत होगा, जिससे पानी की कमी वाले इलाकों में भी बेहतर उत्पादन संभव होगा. इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
4. क्या व्यापार और निवेश में बढ़ोतरी होगी?
भारत और इज़राइल के बीच व्यापारिक संबंध लगातार बढ़ रहे हैं. इस दौरे के बाद निवेश और व्यापार को लेकर नए रास्ते खुलने की उम्मीद है. इज़राइली कंपनियां भारत में निवेश बढ़ा सकती हैं, खासकर टेक्नोलॉजी, रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में. इससे भारत की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.
5. क्या मिडिल ईस्ट में भारत की रणनीतिक स्थिति मजबूत हुई?
यह दौरा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि मिडिल ईस्ट की राजनीति में भी भारत की भूमिका को मजबूत करता है. भारत ने एक संतुलित विदेश नीति अपनाई है, जिसमें इज़राइल के साथ करीबी रिश्ते रखते हुए अरब देशों के साथ भी संबंध बनाए रखे हैं. इससे भारत की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति और मजबूत होती है.
बता दें कि पीएम मोदी का इजराइल दौरा कई मायनों में भारत के लिए फायदेमंद माना जा रहा है. रक्षा से लेकर कृषि, टेक्नोलॉजी से लेकर व्यापार तक, हर क्षेत्र में इस साझेदारी ने भारत को नई संभावनाएं दी हैं. आने वाले समय में यह सहयोग भारत की आर्थिक और रणनीतिक ताकत को और मजबूत करेगा, जिससे भारत वैश्विक मंच पर और प्रभावशाली भूमिका निभा सकेगा.