PM मोदी रुकवाएंगे Iran-Israel War! नेतन्याहू से फोन पर हुई बातचीत के क्या है मायने?
ईरान-इजरायल जंग को लेकर पीएम मोदी का रिएक्शन सामने आया है. इस तनाव को लेकर को पीएम मोदी ने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की. जिसके बाद मोदी ने ट्वीट कर उसकी जानकारी भी साझा की.
pm मोदी Netanyahu
(Image Source: X/ @BJP4India )Iran Israel war: पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते घटनाक्रमों ने वैश्विक राजनीति को हिला कर रख दिया है. अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है. सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों के बीच हालात युद्ध जैसे बनते जा रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ गई है.
ऐसे में हर भारतवासी के मन में सवाल था कि मिडिल ईस्ट में जो चल रहा है उसपर भारत का क्या रुख है? अब इस पर खुद पीएम मोदी का रिएक्शन सामने आया है. इस तनाव को लेकर को पीएम मोदी ने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की. जिसके बाद मोदी ने ट्वीट कर उसकी जानकारी भी साझा की.
क्या हुई मोदी-नेतन्याहू की बातचीत?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में हालिया सैन्य घटनाक्रमों के बाद तनाव लगातार गहराता जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया कि भारत ने मौजूदा हालात को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है. पीएम ने लिखा 'क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात हुई. हाल के घटनाक्रमों पर भारत की चिंताओं से अवगत कराया और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया. भारत ने शत्रुता को शीघ्र समाप्त करने की आवश्यकता पर फिर से जोर दिया.'
पीएम मोदी के इस ट्वीट से ये तो साफ हो गया है कि भारत शांति चाहता है वो चाहता है कि बातचीत करके ये मामला खत्म किया जाए, जिसमें रोज आम नागरिकों को जाने जा रही है. कुछ दिन पहले ही पीएम मोदी इजरायल के दौरे पर थे, लेकिन उनके भारत लौटने के साथ ही इजरायल ने ईरान पर हमला बोल दिया था.
खामेनेई की मौत के बाद क्या है हालात?
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद हालात और विस्फोटक हो गए हैं. ईरान ने इन हमलों को आक्रामक कार्रवाई बताते हुए जवाबी सैन्य कदम उठाए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान और उसके सहयोगी संगठनों ने क्षेत्र में मौजूद कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. इन हमलों के बाद पूरे पश्चिम एशिया में चिंता बढ़ गई है और कई देशों ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी की है.
क्या है मोदी-नेतन्याहू की बातचीत के मायने?
एक ओर जहां सैन्य कार्रवाई तेज हो रही है, वहीं दूसरी ओर मध्यस्थता और वार्ता की संभावनाओं पर भी चर्चा शुरू हो गई है. भारत सहित कई देश शत्रुता को समाप्त कर संवाद के जरिए समाधान निकालने की वकालत कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी की नेतन्याहू से बातचीत को इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यह संकेत है कि भारत पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है.