जेवर में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट, मुंबई-दिल्ली क्या सब हो जाएंगे इसके आगे बौने? पर कैसे- 10 Pointers

पीएम मोदी ने जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन कर दिया है. जो देश का सबसे बड़े एयरपोर्ट है. इसकी खासियत इसको दिल्ली-मुंबई के एयरपोर्ट से अलग बनाती है.

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट

(Image Source:  ANI )
Edited By :  विशाल पुंडीर
Updated On :

पीएम नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन कर दिया है. इस प्रोजेक्ट को यूपी सरकार का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट माना जाता है जो अब पूरा होकर तैयार है. अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फ्लाइटें उड़ान भरने के लिए तैयार है. ये देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट भी बन गया है.

नोएडा एयरपोर्ट की खासियत इसको मुंबई-दिल्ली जैसे एयरपोर्ट से काफी अलग बनाती है. अब हम आपको बताते है कि कैसे मुंबई और दिल्ली के एयरपोर्ट जेवर के इस नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सामने बौने साबित होंगे?

10 पॉइंट्स में समझें

1. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 12,350 एकड़ जमीन पर बनकर तैयार हुआ है. इतनी जमीन पर देश का और कोई एयरपोर्ट नहीं बना है. हालांकि अभी इसके एक फेज का काम पूरा हुआ है. जब इसके चारों फेज का काम पूरा हो जाएगा तो ये देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा.

2. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी इसको दिल्ली और मुंबई के एयरपोर्ट से अलग बनाती है. क्योंकि यमुना एक्सप्रेसवे के चलते इसकी कनेक्टिविटी काफी आसान हो जाती है.

3. आधुनिक और स्मार्ट तकनीक से लेस नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को डिजि यात्रा प्रमोट करने के लिए पूरी तरह पेपर लेस किया गया है.

4. नोएडा एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका पर्यावरण के प्रति समर्पण है. यह एयरपोर्ट न सिर्फ तकनीकी रूप से उन्नत होगा, बल्कि यात्रियों की सुविधा और अनुभव को बेहतर बनाने के लिए भी कई आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा. इसे देश का पहला ऐसा एयरपोर्ट माना जा रहा है, जहां 100% नेट जीरो एमिशन का लक्ष्य रखा गया है.

5. जहां इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट में नेट जीरो की दिशा में प्रयास जारी हैं, वहीं मुंबई एयरपोर्ट पर इसके लिए सीमित संभावनाएं हैं. ऐसे में नोएडा एयरपोर्ट इस क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश करेगा.

6. इस एयरपोर्ट को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि आने वाले समय में इसकी क्षमता को आसानी से बढ़ाया जा सके. रनवे की संख्या बढ़ाने की पूरी संभावना रखी गई है. जबकि दिल्ली और मुंबई के प्रमुख एयरपोर्ट्स में विस्तार की गुंजाइश बेहद कम है.

7. यहां बड़ी संख्या में सेल्फ बैगेज ड्रॉप मशीनें लगाई गई हैं, जिससे यात्रियों को एयरलाइन काउंटर पर लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

8. नोएडा एयरपोर्ट पर बोर्डिंग पास ऑटो-स्कैन सिस्टम से जांचे जाएंगे, जिससे प्रक्रिया तेज और आसान होगी.

9. एयरपोर्ट पर यूनिवर्सल चार्जिंग सुविधा दी गई है. हर दूसरी सीट के पास चार्जिंग पोर्ट और USB टाइप-C पॉइंट उपलब्ध होंगे.

10. पूरा एयरपोर्ट हाईस्पीड 5G नेटवर्क से लैस होगा. पहले चरण में टर्मिनल का क्षेत्रफल लगभग 1.38 लाख वर्गमीटर होगा, जिसमें 48 चेक-इन काउंटर, 9 सुरक्षा जांच लेन और 9 इमिग्रेशन काउंटर बनाए गए हैं.

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