‘Video’ जिसने SSC भर्ती सिस्टम को कटघरे में ला खड़ा किया, क्या नीतीश राजपूत के खिलाफ 2.5 करोड़ का केस बनेगा मिसाल?

नीतीश राजपूत के SSC एग्जाम पर बनाए वीडियो के बाद Eduquity Technologies ने ₹2.5 करोड़ का मानहानि केस दायर किया. मामला अब पारदर्शिता, अभिव्यक्ति की आज़ादी और सरकारी भर्ती प्रक्रिया पर राष्ट्रीय बहस बन गया है.;

( Image Source:  Sora AI )
By :  धीरेंद्र कुमार मिश्रा
Updated On : 10 Feb 2026 4:03 PM IST

Nitish Rajput SSC Controversy : एक वीडियो… और उसके बाद देश की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षाओं में से एक पर राष्ट्रीय बहस की शुरुआत. यूट्यूबर और एजुकेटर नीतीश राजपूत के SSC परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले वीडियो ने ऐसा असर डाला कि मामला सीधे अदालत तक पहुंच गया. अब ₹2.5 करोड़ के मानहानि केस के बीच यह विवाद सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर बनाम कंपनी की लड़ाई नहीं रहा, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और अभिव्यक्ति की आजादी बनाम प्रतिष्ठा के अधिकार की टकराहट में बदल गया है.

लाखों अभ्यर्थियों के करियर से जुड़ी SSC भर्ती प्रक्रिया पहले भी सवालों के घेरे में रही है, लेकिन इस बार बहस डिजिटल स्क्रीन से निकलकर न्यायालय की चौखट तक पहुंच गई है. बड़ा सवाल यही है, क्या यह मुकदमा भविष्य में सरकारी भर्ती पर सवाल उठाने वालों के लिए एक मिसाल बनेगा, या फिर यह सिस्टम में सुधार की दिशा में किसी बड़े बदलाव की शुरुआत साबित होगा?

SSC विवाद: कानूनी मोड़ पर पहुंची ऑनलाइन बहस

स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) परीक्षा को लेकर चल रही बहस अब अदालत तक पहुंच चुकी है. यूट्यूबर और एजुकेटर नीतीश राजपूत पर Eduquity Technologies Pvt. Ltd. ने ₹2.5 करोड़ का मानहानि मुकदमा दायर किया है. यह मामला अब सिर्फ एक वीडियो या एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की बहस बन गया है.

नीतीश राजपूत SSC विवाद क्या है?

विवाद की शुरुआत एक डिटेल्ड वीडियो से हुई, जिसमें नीतीश राजपूत ने SSC परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने RTI जवाबों, सार्वजनिक दस्तावेजों और टेंडर रिकॉर्ड का हवाला देते हुए वेंडर चयन प्रक्रिया और नियमों में बदलाव पर चिंता जताई.

वीडियो में उन्होंने परीक्षा के दौरान आई तकनीकी गड़बड़ियों, सर्वर फेलियर और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी शिकायतों का जिक्र किया, जिनकी चर्चा पहले से उम्मीदवारों के बीच हो रही थी.

वीडियो में क्या आरोप लगाए गए?

राजपूत ने सीधे तौर पर किसी व्यक्ति पर आरोप लगाने के बजाय प्रक्रिया संबंधी सवाल उठाए. वीडियो में जो मसले उठाए गए हैं, उसमें टेंडर शर्तों में बदलाव की पारदर्शिता, वेंडर चयन प्रक्रिया में समान मानक, बार-बार एग्जाम मैनेजमेंट में तकनीकी समस्याएं व अन्य हैं. नीतीश राजपूत का कहना था कि यह विश्लेषण सार्वजनिक दस्तावेजों और RTI जवाबों पर आधारित है.

₹2.5 करोड़ का मानहानि केस क्यों?

Eduquity Technologies Pvt. Ltd. ने दिल्ली की अदालत में ₹2.5 करोड़ का मानहानि मुकदमा दायर किया. कंपनी का आरोप है कि वीडियो में तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे उसकी प्रतिष्ठा और व्यावसायिक हितों को नुकसान पहुंचा. यह मामला परीक्षा सुधार से ज्यादा प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का है. कंपनी ने वीडियो हटाने की मांग की, जबकि राजपूत ने इसे सार्वजनिक हित में किया गया विश्लेषण बताया.

नीतीश राजपूत कौन हैं?

नीतीश राजपूत एक लोकप्रिय YouTuber और एजुकेटर हैं, जो पब्लिक पॉलिसी, गवर्नेंस और सामाजिक मुद्दों पर रिसर्च आधारित वीडियो बनाते हैं. SSC, UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के बीच उनकी अच्छी पकड़ है.

उम्मीदवार क्यों करीब से देख रहे हैं?

देश की लाखों युवा SSC परीक्षा पर अपने करियर के लिए निर्भर हैं. उम्मीदवारों के लिए यह मामला तीन वजहों से अहम है. परीक्षा की पारदर्शिता, भर्ती प्रक्रिया में जवाबदेही और भविष्य में संभावित न्यायिक हस्तक्षेप. कुछ छात्र संगठनों ने भर्ती प्रक्रिया की न्यायिक समीक्षा की मांग भी उठाई है.

कानून क्या कहता है? 

लीगल एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह केस एक मिसाल तय कर सकता है कि सार्वजनिक दस्तावेजों पर आधारित डिजिटल विश्लेषण पर मानहानि कानून कैसे लागू होंगे. यह फैसला अभिव्यक्ति की आज़ादी और डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका को लेकर भी महत्वपूर्ण हो सकता है.

आगे क्या?

फिलहाल, यह मामला दिल्ली कोर्ट में मामला विचाराधीन है. नतीजा चाहे जो भी हो, यह विवाद SSC परीक्षा प्रणाली और सरकारी भर्ती में पारदर्शिता पर राष्ट्रीय स्तर की बहस को प्रभावित कर सकता है.

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