NEET UG Paper Leak: अप्रैल में तैयार हुई स्क्रिप्ट, फिर दी गई ‘स्पेशल क्लास’, बॉटनी टीचर की गिरफ्तारी से क्या खुले राज?
NEET UG पेपर लीक मामले में CBI जांच के दौरान पुणे की बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे को गिरफ्तार किया गया है. जिसके बाद कई अहम जानकारी निकलकर सामने आई हैं.
NEET UG Paper Leak मामले में Central Bureau of Investigation की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस पूरे रैकेट की परतें खुलती जा रही हैं. जांच एजेंसी की लगातार कार्रवाई में अब कई बड़े खुलासे सामने आए हैं. इसी कड़ी में सीबीआई ने पुणे से बॉटनी की शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे को गिरफ्तार किया है.
इस गिरफ्तारी के बाद अब तक पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या 9 हो चुकी है. जांच एजेंसी के मुताबिक, यह मामला किसी छोटी गड़बड़ी या सीमित स्तर के पेपर लीक का नहीं था, बल्कि बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा एक बड़ा नेटवर्क था. जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे खेल में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका भी संदिग्ध रही है.
कैसे हुई नीट पेपर लीक की पूरी तैयारी?
सीबीआई के अनुसार, इस पूरे रैकेट की तैयारी अप्रैल महीने में ही शुरू कर दी गई थी. आरोपी शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे को National Testing Agency यानी NTA की ओर से परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कार्यों के लिए नियुक्त किया गया था. जांच एजेंसी का कहना है कि जिम्मेदारी संभालने के बजाय आरोपी ने अपने पद और पहुंच का इस्तेमाल कथित तौर पर पेपर लीक नेटवर्क को मजबूत करने में किया.
मनीषा ने कैसे फैलाया अपना नेटवर्क?
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि अप्रैल के दौरान मनीषा मंधारे ने पुणे की ही एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे के जरिए उन छात्रों से संपर्क करना शुरू किया, जो NEET UG की तैयारी कर रहे थे. इसके बाद छात्रों को 'स्पेशल कोचिंग' के नाम पर गुप्त तरीके से बुलाया जाने लगा. जांच एजेंसी के मुताबिक, कुछ उम्मीदवारों को मंधारे के घर पर ही पढ़ाया गया और उन्हें उन्हीं सवालों की तैयारी कराई गई, जो बाद में वास्तविक परीक्षा में पूछे गए.
सीबीआई पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी शिक्षिका ने कोचिंग के दौरान छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के कुछ 'महत्वपूर्ण सवाल' अपनी नोटबुक में लिखने के लिए कहा था. इतना ही नहीं, छात्रों से उनकी किताबों में भी उन्हीं सवालों पर विशेष निशान लगवाए गए थे, ताकि वे उन पर ज्यादा फोकस करें.
किस चीज की जांच कर रही है सीबीआई?
जब 3 मई को NEET UG की वास्तविक परीक्षा हुई, तब कई छात्र हैरान रह गए क्योंकि कोचिंग के दौरान लिखवाए गए सवाल कथित तौर पर असली प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खा रहे थे. सीबीआई अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रश्नपत्र से जुड़े संवेदनशील सवाल आरोपियों तक कैसे पहुंचे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे.
पिछले 24 घंटों में क्या एक्शन हुआ?
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने पिछले 24 घंटों में देशभर के 6 अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है. जांच एजेंसी ने इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और संदिग्ध बैंक स्टेटमेंट जब्त किए हैं.
सीबीआई अब इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों का फॉरेंसिक विश्लेषण कर रही है. एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे, पैसों का लेनदेन किन माध्यमों से हुआ और किस स्तर तक यह रैकेट फैला हुआ था.
केमिस्ट्री लेक्चरर PV कुलकर्णी क्या था मास्टरमाइंड?
सीबीआई इससे पहले इस मामले में कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी को भी गिरफ्तार कर चुकी है. जांच एजेंसी के मुताबिक, कुलकर्णी National Testing Agency से जुड़ा केमिस्ट्री लेक्चरर था और उसे प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच हासिल थी. जांच में यह भी सामने आया है कि अप्रैल के आखिरी सप्ताह में कुलकर्णी ने मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर पुणे स्थित अपने घर पर चुनिंदा छात्रों के लिए एक “स्पेशल सीक्रेट सेशन” आयोजित किया था.
इस दौरान छात्रों को कथित तौर पर केमिस्ट्री और बायोलॉजी से जुड़े उन्हीं विषयों और सवालों पर फोकस कराया गया, जो बाद में परीक्षा में पूछे गए. सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग जुड़े थे और किस स्तर पर परीक्षा प्रक्रिया में सेंधमारी की गई.
कितने शहरों में फैली है जांच?
सीबीआई इस मामले में अब तक Delhi, Jaipur, Gurugram, Nashik, Pune और Ahmednagar समेत कई शहरों से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें से 5 आरोपियों को अदालत ने 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा है.
पुणे से गिरफ्तार की गई दोनों महिला आरोपियों को दिल्ली लाया जा रहा है, जहां मुख्य आरोपियों के सामने बैठाकर उनसे पूछताछ की जाएगी. जांच एजेंसी को उम्मीद है कि इससे इस पूरे नेटवर्क की और कड़ियां सामने आ सकती हैं.
सीबीआई की कार्रवाई के बाद शिक्षा जगत और लाखों NEET उम्मीदवारों के बीच चिंता का माहौल है. जांच में सामने आ रहे खुलासों ने परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. अब जांच एजेंसी पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर लीक का नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर काम कर रहा था.