कई राज्यों में तलाश, फिर अचानक गिरफ्तारी! मंत्री Bandi Sanjay Kumar के बेटे पर POCSO का शिकंजा, आखिर क्या है पूरा मामला?

तेलंगाना में केंद्रीय मंत्री Bandi Sanjay Kumar के बेटे Bandi Bhageerath को POCSO मामले में गिरफ्तार कर 29 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. आखिर क्या है पूरा मामला?

( Image Source:  @CoreenaSuares2 )
Edited By :  समी सिद्दीकी
Updated On : 17 May 2026 7:52 AM IST

Bandi Bhageerath Case: तेलंगाना में दर्ज POCSO मामले में केंद्रीय मंत्री Bandi Sanjay Kumar के बेटे Bandi Bhageerath की मुश्किलें बढ़ गई हैं. गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उन्हें 29 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद उन्हें चेरलापल्ली जेल शिफ्ट किया गया.

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया, जब एक दिन पहले ही तेलंगाना हाई कोर्ट ने भगीरथ को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था. भगीरथ के वकील करुणासागर ने बताया कि उन्होंने और वरिष्ठ अधिवक्ता एंथनी रेड्डी ने मिलकर भगीरथ को स्वेच्छा से पुलिस के सामने पेश किया था.

वकील करुणासागर ने क्या कहा?

उन्होंने कहा, “मैं और सीनियर एडवोकेट एंथनी रेड्डी रात करीब 8:15 बजे टेक पार्क के पास बंदी भगीरथ को पुलिस के पास लेकर पहुंचे. इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.” वकील के मुताबिक, भगीरथ ने जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया और पूछताछ में सभी जरूरी जानकारियां उपलब्ध कराईं.

करुणासागर ने कहा, “हमने जांच में पूरा सहयोग किया है. बंदी भगीरथ ने सभी जानकारी दी है और जांच में सहयोग करने के लिए सहमति जताई है.” पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने लेकर पहुंची, जहां अदालत ने उन्हें 29 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया.

वकील ने कहा कि परिवार को न्यायिक प्रक्रिया और जांच पर पूरा भरोसा है. उन्होंने दावा किया कि आगे चलकर सभी आरोपों से राहत मिलेगी. करुणासागर ने यह भी साफ किया कि आत्मसमर्पण स्वेच्छा से किया गया था और इस पर किसी अतिरिक्त सफाई की जरूरत नहीं है.

कैसे हुई गिरफ्तारी?

समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, साइबराबाद पुलिस ने शनिवार को भगीरथ के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था. उन्हें पकड़ने के लिए कई राज्यों में तलाश अभियान चलाया गया. पुलिस टीमों को करीमनगर, दिल्ली और उन अन्य स्थानों पर भेजा गया था, जहां उनके मौजूद होने की संभावना जताई गई थी.

इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि भगीरथ शहर में पुलिस अकादमी के पास मौजूद हैं. सूचना मिलते ही इलाके में नाकाबंदी कर दी गई. बाद में स्पेशल ऑपरेशंस टीम (SOT) ने उन्हें नरसिंगी थाना क्षेत्र के मंचिरेवुला इलाके से हिरासत में लिया और पेटबशीराबाद पुलिस स्टेशन ले जाया गया.

क्या आरोपी ने अपराध स्वीकारा?

PTI के मुताबिक, पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पंच गवाहों की मौजूदगी में भगीरथ से पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस बयान में कहा गया, “आरोपी ने अपराध करना स्वीकार किया. इसके बाद जांच अधिकारी ने उसे गिरफ्तार कर लिया.” गिरफ्तारी के बाद मेडिकल जांच कराई गई और फिर उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 8 मई को दर्ज किया गया था. केस भारतीय न्याय संहिता (BNS) और POCSO एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज हुआ. शिकायत 17 साल की एक लड़की की मां की ओर से दर्ज कराई गई थी. आरोप लगाया गया कि भगीरथ लड़की के साथ रिश्ते में थे और उन्होंने उसका यौन उत्पीड़न किया. PTI के अनुसार, पीड़िता का बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज होने के बाद मामले में POCSO एक्ट की और गंभीर धाराएं जोड़ी गईं.

जांच के हिस्से के तौर पर शनिवार को कथित पीड़िता और उसकी मां, दोनों के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए गए. रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि गवाहों के बयान सुरक्षित तरीके से रिकॉर्ड हो जाएं और ट्रायल के दौरान उनमें बदलाव की संभावना कम रहे.

बेटे के समर्थन में क्या बोले बंदी संजय?

शनिवार को केंद्रीय मंत्री Bandi Sanjay Kumar ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा कि उनका बेटा जांच में शामिल हो चुका है और वह अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करेगा. उन्होंने लिखा, "सत्यमेव जयते. कानून और न्यायपालिका का सम्मान करते हुए आज मेरा बेटा बंदी भगीरथ हमारे वकीलों के जरिए तेलंगाना पुलिस के सामने जांच के लिए पेश हुआ है."

उन्होंने आगे कहा, “चाहे मेरा बेटा हो या कोई आम नागरिक, कानून की नजर में सभी बराबर हैं. मेरा बेटा लगातार कह रहा है कि उसने कोई गलती नहीं की है.” बंदी संजय ने यह भी बताया कि कानूनी विशेषज्ञों ने परिवार को कानूनी रास्ता अपनाने की सलाह दी थी, लेकिन उनका मानना था कि जांच में सहयोग करने से पीछे नहीं हटना चाहिए.

क्या भगीरथ ने भी दर्ज कराई थी शिकायत?

इस मामले में भगीरथ की ओर से एक जवाबी शिकायत भी दर्ज कराई गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि लड़की का परिवार उन पर शादी का दबाव बना रहा था. जब उन्होंने शादी से इनकार किया तो उनसे पैसों की मांग की गई. PTI के अनुसार, भगीरथ ने दावा किया कि डर के कारण उन्होंने 50 हजार रुपये दिए थे. इसके बाद उनसे 5 करोड़ रुपये मांगे गए और झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई.

तेलंगाना हाई कोर्ट ने शुक्रवार को भगीरथ की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई की थी. सुनवाई के दौरान अदालत ने गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि फिलहाल इस स्तर पर कोई अंतरिम सुरक्षा देने के पक्ष में वह नहीं है.

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