AI Summit 2026 में क्या रहा खास? भाषा, हेल्थ और रोड सेफ्टी में छाए ये भारतीय स्टार्ट-अप्स
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीकों का ऐसा भव्य प्रदर्शन हुआ है जिसका उद्देश्य सिर्फ मशीनें स्मार्ट बनाना नहीं, बल्कि आम लोगों की ज़िंदगी को सीधे तौर पर बेहतर बनाना है.;
India AI Impact Summit 2026
(Image Source: X/ @RIL_Updates,@Indsamachar )India AI Impact Summit 2026: इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीकों का ऐसा भव्य प्रदर्शन हुआ है जिसका उद्देश्य सिर्फ मशीनें स्मार्ट बनाना नहीं, बल्कि आम लोगों की ज़िंदगी को सीधे तौर पर बेहतर बनाना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समिट में विभिन्न स्टॉल पर बस में तकनीकों का अवलोकन किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि भारत AI तकनीक को जिम्मेदारी, समावेशी तरीके और बड़े स्तर पर लागू करने की दिशा में आगे बढ़ना बनाना चाहता है.
समिट में प्रदर्शित तकनीकों का दायरा स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा, डिजिटल संवाद और डेटा प्रबंधन तक फैला हुआ है. यहां स्टार्ट-अप से लेकर अनुभवी डेवलपर्स तक सभी ने ऐसी तकनीकें पेश कीं, जो सिर्फ ज्ञान का प्रदर्शन नहीं बल्कि वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान के रूप में सामने आती हैं.
क्या है आवाज-आधारित AI?
बेंगलुरु की Gnani.ai कंपनी ने भाषाई संवाद को मशीनों के साथ सबसे प्राकृतिक तरीके से जोड़ने वाली अपनी नई आवाज-आधारित प्रणाली Inya VoiceOS का प्रदर्शन किया. यह मॉडल ऐसे संवाद को सक्षम बनाता है, जहां इंसान और मशीन आपस में बोली के जरिये बात कर सकते हैं. खासकर भारतीय भाषाओं के संदर्भ में. कंपनी के सह-संस्थापक गणेश गोपालन ने बताया कि यह तकनीक सामान्य बातचीत को AI के साथ ज़्यादा प्राकृतिक और सहज बनाती है.
ये भी पढ़ें :डिजिटल इंडिया से एआई इंडिया तक, बदलती तस्वीर; ये 20 स्वदेशी AI टूल्स बना रहे नया भविष्य
सड़क सुरक्षा के लिए AI का उपयोग
Stellarview नामक पुणे स्थित स्टार्ट-अप ने कंप्यूटर विजन आधारित एक सिस्टम प्रदर्शित किया जो सड़क पर वाहन नंबर, गति और हेलमेट/सीटबेल्ट उल्लंघनों का पता लगा सकता है. वह भी डेटा को किसी बाहरी सर्वर पर भेजे बिना. यह पूरी तरह से भारत में बनाया गया है.
मरीजों की कैसे मदद करेगा eka.care?
डिजिटल स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म eka.care भी इस समिट का एक प्रमुख आकर्षण रहा. यह प्लेटफॉर्म मरीजों की स्वास्थ्य जानकारी को सुरक्षित तरीके से स्टोर करता है और चिकित्सकों को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है. इसको लेकर विकल्प साहनी ने बताया कि “AI की मदद से हम रोज़मर्रा के स्वास्थ्य रिकॉर्ड और डेटा को ऐसे तरीक़े से संभाल सकते हैं, जिससे जीवन-रक्षक निर्णय और पारदर्शिता बेहतर होती है.”
AI समिट में क्या-क्या रहा खास?
AI समिट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि तकनीक आज सिर्फ उन्नत शोध का विषय नहीं रहा. वह स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा, भाषा और डेटा संसाधन जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक बदलाव लाने का रास्ता भी बन चुका है. भारत इस दिशा में सिर्फ उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि दुनिया का नेतृत्व करने वाला देश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.