Aaj ki Taaza Khabar: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर 15,400 टन एलपीजी लेकर मुंबई पोर्ट पहुंचा जहाज़
Aaj ki Taaza Khabar Live News: स्टेट मिरर हिंदी के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है. यहां आपको दिनभर की ब्रेकिंग, बड़ी खबरें और हेडलाइन देखने को मिलेगी. गुरुवार 9 अप्रैल 2026 को देश, दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत में क्या-क्या खास रहा, जानने के लिए यहां पढ़ें LIVE UPDATE.
15,400 टन एलपीजी लेकर भारत पहुंचा जहाज
जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (मुंबई) ने गुरुवार को बताया कि भारत के झंडे वाला एक जहाज 15,400 टन एलपीजी लेकर सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ पार करते हुए पोर्ट पर पहुंचा है. पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच चल रहे संघर्ष के बीच इस घटना को अहम माना जा रहा है.
JNPA ने अपने बयान में कहा, "आज हमने ग्रीन आशा नाम के भारत-फ्लैग्ड एलपीजी जहाज का स्वागत किया, जिसने स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ पार किया और बीपीसीएल-आईओसीएल द्वारा संचालित लिक्विड बर्थ पर सफलतापूर्वक डॉक किया." यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि युद्ध शुरू होने के बाद यह पहला ऐसा जहाज है जो JNPA तक पहुंचा है. इस जहाज के जरिए 15,400 टन एलपीजी भारत लाई गई है.
डोनाल्ड ट्रंप की दो टूक, पीछे नहीं हटाएंगे सेना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका के सभी जहाज, विमान और सैन्य कर्मी, साथ ही अतिरिक्त हथियार और गोला-बारूद, ईरान के अंदर और आसपास तैनात रहेंगे, जब तक कि असली समझौते की सभी शर्तों का पूरी तरह पालन नहीं हो जाता.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी भी वजह से समझौते का पालन नहीं हुआ, तो फिर से लड़ाई शुरू हो सकती है और इस बार यह पहले से कहीं ज्यादा बड़ी और ताकतवर होगी. ट्रंप ने यह भी कहा कि पहले ही तय हो चुका है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ खुला और सुरक्षित रहेगा. फिलहाल अमेरिकी सेना तैयारी कर रही है और अगले कदम के लिए तैयार है.
पाकिस्तान ने दो दिनों की छुट्टी का किया ऐलान
पाकिस्तान ने राजधानी इस्लामाबाद में गुरुवार से दो दिन के स्थानीय अवकाश का ऐलान किया है. यह फैसला अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत से ठीक पहले लिया गया है. बुधवार देर रात इस्लामाबाद प्रशासन द्वारा जारी नोटिफिकेशन में छुट्टियों का कोई कारण नहीं बताया गया, लेकिन आमतौर पर बड़े कूटनीतिक कार्यक्रमों से पहले सुरक्षा कारणों से ऐसे फैसले लिए जाते हैं.
तेल की कीमतों में फिर से उछाल
तेल की कीमतों में गुरुवार को बढ़ोतरी हुई, जबकि शेयर बाजार गिर गए. इसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए सीजफायर को लेकर बढ़ती चिंता है, क्योंकि तेहरान ने चेतावनी दी है कि लेबनान पर इज़राइल के बड़े हमलों के बाद वह फिर से लड़ाई शुरू कर सकता है.
बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा के बाद दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी आई थी और कच्चे तेल की कीमतें गिर गई थीं।. ईरान ने भी कहा था कि वह शांति वार्ता के दौरान स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ को फिर से खोल देगा.
IMF की बड़ी चेतावनी
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक और विश्व खाद्य कार्यक्रम ने कहा है कि मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़े स्तर पर बाधा पैदा की है, जिससे खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ना तय है और खाद्य असुरक्षा बढ़ेगी. तीनों संगठनों के प्रमुखों ने संयुक्त बयान में कहा कि बढ़ती खाद्य कीमतों का सबसे ज्यादा असर दुनिया के सबसे कमजोर और गरीब लोगों पर पड़ेगा.
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज किया बंद
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद कर दिया है. इसके पीछे उसने वजह लेबनान पर इजराइली हमले बताया है. सीजफायर के बाद से ही इजराइल ने लेबनान पर हमले किए हैं, जिसमें 250 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. इजराइल का कहना है कि वह हिजबुल्लाह पर हमले कर रहा है और इसका सीजफायर डील से कोई लेना देना नहीं है.
सीजफायर का आज दूसरा दिन
ईरान और अमेरिका के बीच हुआ नाज़ुक युद्धविराम गुरुवार को दूसरे दिन में पहुंच गया. इसी बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर हालात बिगड़े तो वह फिर से संघर्ष शुरू कर सकता है, जबकि इज़राइल ने लेबनान पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं. वॉशिंगटन और तेहरान दोनों ने दो हफ्ते के सीजफायर और बातचीत के फैसले के बाद अपनी-अपनी जीत का दावा किया है. इस युद्ध में मिडिल ईस्ट में हजारों लोगों की जान जा चुकी है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका बड़ा असर पड़ा है.
हिज़बुल्लाह ने इजराइल पर दागे रॉकेट
हिज़बुल्लाह ने गुरुवार को कहा कि उसने इज़राइल की ओर रॉकेट दागे हैं. संगठन का कहना है कि यह हमला अमेरिका-ईरान युद्धविराम के उल्लंघन के जवाब में किया गया है. इससे एक दिन पहले हिज़्बुल्लाह ने बयान जारी कर कहा था कि उसे जवाबी कार्रवाई का पूरा अधिकार है. यह बयान लेबनान में इज़राइल द्वारा किए गए लगातार घातक हमलों के बाद आया, जिनमें सीमा के पास स्थित मनारा इलाके को भी निशाना बनाया गया था.