CJP Protest के चलते 45 मेट्रो स्टेशन बंद, INDIC Bloc ने राष्ट्रपति को सौंपा 4 सूत्रीय ज्ञापन; क्या बोले राहुल और दिपके? 10 बड़ी बातें
INDIA गठबंधन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई, SIR पर रोक और बैलेट पेपर से चुनाव कराने समेत चार प्रमुख मांगें उठाईं. राहुल गांधी ने दावा किया कि राष्ट्रपति ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे.
दिल्ली में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया है. शुक्रवार, 9 अक्टूबर को INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक लगाने और कथित तौर पर हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग उठाई. दूसरी ओर, 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सीजेपी के प्रदर्शन से पहले राजधानी में सुरक्षा बढ़ाई गई, मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियां लगाई गईं और कुछ रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक परिवहन पर व्यापक रोक को लेकर सवाल उठाए. अदालत ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था और पूरी सेवा रोक देने में अंतर है. प्रतिबंध हालात के अनुपात में होने चाहिए. इसी मुद्दे पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मेट्रो पाबंदियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “This is what you call fear” यानी “इसे ही डर कहते हैं.”
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने दावा किया कि राष्ट्रपति ने विपक्ष के आरोपों को खारिज नहीं किया, बल्कि उनसे कथित चुनावी गड़बड़ी के सबूत मांगे. हालांकि, विपक्ष के आरोपों को सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता; राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया और चुनाव आयोग का पक्ष अलग-अलग समझना जरूरी है.
दिल्ली के विरोध प्रदर्शन और ‘वोट चोरी’ विवाद की 10 बड़ी बातें
1. राष्ट्रपति मुर्मू को सौंपा चार सूत्रीय ज्ञापन
INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. ज्ञापन में SIR रोकने, मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए गए नाम बहाल करने और चुनाव में बैलेट पेपर की वापसी जैसे मुद्दे शामिल हैं.
2. राहुल गांधी बोले- राष्ट्रपति ने सबूत मांगे
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की साजिश का आरोप लगाया. राहुल के मुताबिक, राष्ट्रपति ने आरोपों को खारिज करने के बजाय उनसे चुनावी गड़बड़ी के सबूत मांगे। यह मुलाकात के बारे में राहुल गांधी का बयान है; इसे राष्ट्रपति द्वारा आरोप स्वीकार करने के रूप में नहीं समझना चाहिए.
3. विपक्ष की मांग- EVM के बजाय बैलेट पेपर
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष ने चुनावों में EVM के स्थान पर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग रखी है. गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले 2023 के कानून को निरस्त करने की मांग भी उठाई है. इन मांगों पर अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत ही हो सकता है.
4. SIR और करोड़ों मतदाताओं के नाम का विवाद
विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए गए। ज्ञापन में 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग बताई गई है. इस संख्या और कथित अवैध नाम कटौती को विपक्ष का दावा मानकर प्रस्तुत करना जरूरी है. इसे अपने आप में साबित चुनावी गड़बड़ी का प्रमाण नहीं माना जा सकता.
5.अभिजीत दिपके का बड़ा आरोप
अभिजीत दिपके ने दावा किया कि सरकार ने X पर उनके पोस्ट किए गए एक वीडियो को ब्लॉक कर दिया. इस वीडियो में उन्होंने शनिवार से जंतर-मंतर पर होने वाले CJP विरोध प्रदर्शन के लिए लोगों से आखिरी बार शामिल होने की अपील की थी. वीडियो का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए दिपके ने लिखा, "उन्होंने मेरे अभी पोस्ट किए गए वीडियो को ब्लॉक कर दिया." हालांकि, वही वीडियो उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर अभी भी उपलब्ध है.
6. सुप्रीम कोर्ट ने व्यापक प्रतिबंधों पर सवाल उठाए
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने कहा कि मेट्रो और रेल सेवाओं को पूरी तरह रोकने के बजाय परिस्थितियों के अनुसार नियंत्रित किया जा सकता है. अदालत ने जोर दिया कि सुरक्षा के उपाय आम नागरिकों की आवाजाही को अनावश्यक रूप से बाधित नहीं करने चाहिए. उसने यह भी स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शन का अधिकार कानून और अनुमति की शर्तों के अधीन है.
7. 57 मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदी का आदेश बदला
पहले DMRC ने 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने की घोषणा की थी. सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बाद प्रतिबंधों में संशोधन किया गया और उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक 45 स्टेशन प्रभावित रहने थे. प्रभावित स्टेशनों पर प्रवेश, निकास और इंटरचेंज की स्थिति अलग-अलग हो सकती है, इसलिए यात्रियों को DMRC की ताजा आधिकारिक सूचना देखकर यात्रा करनी चाहिए.
8. रेल सेवाओं, सड़कों और इंटरनेट पर भी प्रतिबंधों की खबर
प्रदर्शन से पहले नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों से जुड़ी कुछ ट्रेन सेवाओं में बदलाव और रद्दीकरण की खबरें आईं. इसके अलावा, पुलिस के आदेश के तहत जनपथ-कर्तव्य पथ क्षेत्र के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से रोकने की बात सामने आई. इन उपायों का वास्तविक दायरा और लागू रहने की अवधि संबंधित विभागों के आदेशों से सत्यापित की जानी चाहिए.
9. 10 अक्टूबर को सीजेपी का जंतर-मंतर मार्च
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है. रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी और राजधानी में बड़ी संख्या में पुलिस तथा केंद्रीय बलों की तैनाती की गई. आयोजकों ने पाबंदियों और अपने समर्थकों को कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाए हैं.
10. विपक्ष का आंदोलन राष्ट्रपति भवन से सुप्रीम कोर्ट तक
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी नेता सोमवार को मुख्य न्यायाधीश से मिलने और ज्ञापन की प्रति सौंपने का प्रयास करेंगे. इससे संकेत मिलता है कि INDIA गठबंधन इस मुद्दे को केवल राजनीतिक प्रदर्शन तक सीमित रखने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष भी उठाना चाहता है.
अब आगे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि विपक्ष अपने आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य प्रस्तुत करता है और संबंधित संस्थाएं उन पर क्या कार्रवाई करती हैं.