इंजन स्टार्ट होते ही फ्यूल स्विच बंद! एयर इंडिया के ड्रीमलाइनर को क्यों किया गया ग्राउंड?
एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान तकनीकी खराबी के चलते ग्राउंड कर दिया गया है. इंजन स्टार्ट के दौरान फ्यूल कंट्रोल स्विच ‘रन’ से ‘कटऑफ’ में चला गया. एयर इंडिया ने DGCA को सूचना दी है और बोइंग के साथ मिलकर जांच की जा रही है.;
एयर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट से जुड़ा तकनीकी मामला सामने आया है, जिसके बाद कंपनी ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है. लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से बेंगलुरु आई एयर इंडिया की बोइंग 787 ड्रीमलाइनर फ्लाइट में इंजन स्टार्ट के दौरान फ्यूल कंट्रोल स्विच को लेकर दिक्कत दर्ज की गई.
पायलट की रिपोर्ट के बाद एयरलाइन ने तुरंत विमान को ग्राउंड कर दिया और मामले की जानकारी विमान निर्माता कंपनी और नागरिक उड्डयन नियामक को दे दी. खास बात यह है कि यह मामला उस समय सामने आया है, जब पिछले साल अहमदाबाद में हुए ड्रीमलाइनर हादसे के बाद फ्यूल स्विच सिस्टम पर पहले से ही सवाल उठ चुके हैं.
एयर इंडिया के इस विमान में आखिर हुआ क्या?
एयर इंडिया के मुताबिक, बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान में इंजन स्टार्ट करते वक्त बाएं इंजन का फ्यूल कंट्रोल स्विच दो बार ‘रन’ पोजिशन में टिक नहीं पाया और अपने आप ‘कटऑफ’ में चला गया. पायलट ने इसे संभावित तकनीकी खराबी मानते हुए तुरंत रिपोर्ट किया.
इसके बाद एयर इंडिया ने क्या कदम उठाए?
एयर इंडिया ने विमान को तुरंत ग्राउंड कर दिया. साथ ही Boeing (OEM) को प्राथमिकता के आधार पर जांच में शामिल किया गया. एयरलाइन ने साफ कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
बोइंग और DGCA की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
बोइंग ने पुष्टि की है कि वह Air India के संपर्क में है और इस मामले की समीक्षा में सहयोग कर रही है. वहीं एयर इंडिया ने पूरे मामले की जानकारी DGCA को भी दे दी है.
फ्यूल कंट्रोल स्विच होता क्या है और इसका काम क्या है?
फ्यूल कंट्रोल स्विच विमान के इंजन में ईंधन के प्रवाह को कंट्रोल करता है. इंजन स्टार्ट करने, इंजन बंद करने और उड़ान के दौरान इंजन फेल होने पर मैन्युअल कंट्रोल के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. अगर यह स्विच ‘कटऑफ’ में चला जाए, तो इंजन को तुरंत ईंधन मिलना बंद हो जाता है.
बोइंग 787 में फ्यूल स्विच कहां लगे होते हैं?
787 ड्रीमलाइनर में दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच थ्रस्ट लीवर के नीचे लगे होते हैं. ये स्प्रिंग-लोडेड होते हैं, यानी अपनी जगह पर टिके रहते हैं. ‘रन’ से ‘कटऑफ’ में ले जाने के लिए पायलट को पहले स्विच ऊपर खींचना पड़ता है और फिर उसकी पोजिशन बदलनी होती है.
क्या पायलट गलती से फ्यूल स्विच हिला सकता है?
एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि पायलट से गलती से यह स्विच मूव होना लगभग नामुमकिन है. लेकिन अगर यह स्विच मूव हो जाए, तो उसका असर तुरंत होता है और इंजन की पावर कट होने लगती है.
अहमदाबाद ड्रीमलाइनर हादसे से क्या है कनेक्शन?
जून 2025 में अहमदाबाद में हुए ड्रीमलाइनर हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी. शुरुआती जांच रिपोर्ट में सामने आया था कि टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद दोनों इंजनों के फ्यूल स्विच ‘रन’ से ‘कटऑफ’ में चले गए थे. कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट दूसरे से पूछता सुनाई दिया था, “तुमने फ्यूल क्यों कट किया?” दूसरे पायलट ने जवाब दिया, “मैंने ऐसा नहीं किया.” हालांकि कुछ सेकंड बाद स्विच फिर ‘रन’ पोजिशन में आ गए थे. इसी वजह से अब हर नए फ्यूल स्विच से जुड़े मामले को बेहद गंभीरता से देखा जा रहा है.