ब्लड बैंक जैसा सेटअप, लेकिन खून बकरियों का! हैदराबाद में चौंकाने वाला खुलासा, रेड में 1000 लीटर Blood बरामद

तेलंगाना की राजधानी Hyderabad में ड्रग कंट्रोल अधिकारियों की रेड के दौरान चौंकाने वाला मामला सामने आया है. काचीगुडा इलाके की एक इंपोर्ट–एक्सपोर्ट फर्म से इंसानों के लिए इस्तेमाल होने वाले ब्लड बैग में करीब 1,000 लीटर बकरी और भेड़ का खून बरामद किया गया. Drug Control Administration और Hyderabad Police की संयुक्त कार्रवाई में हाई-टेक मशीनें, ऑटोक्लेव और लैमिनार एयर फ्लो यूनिट भी जब्त की गईं. आशंका है कि इस खून का इस्तेमाल गैरकानूनी लैब टेस्ट या क्लिनिकल प्रयोग में किया जा सकता था. फर्म का मालिक फरार है और जांच जारी है.;

( Image Source:  sora ai )
Edited By :  नवनीत कुमार
Updated On : 9 Jan 2026 9:57 AM IST

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक छापेमारी के दौरान ऐसा खुलासा हुआ, जिसने स्वास्थ्य और कानून दोनों एजेंसियों को सकते में डाल दिया. काचीगुडा इलाके में एक इंपोर्ट–एक्सपोर्ट फर्म पर कार्रवाई के दौरान इंसानों के लिए इस्तेमाल होने वाले ब्लड बैग में भारी मात्रा में जानवरों का खून बरामद हुआ. अधिकारियों के मुताबिक, यह खून बकरियों और भेड़ों से अवैध तरीके से इकट्ठा किया गया था. कुल मात्रा करीब 1,000 लीटर बताई जा रही है, जो अपने आप में गंभीर खतरे की ओर इशारा करती है.

यह रेड केंद्रीय और राज्य स्तर की एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई का नतीजा थी. गुप्त सूचना के आधार पर Drug Control Administration ने Hyderabad Police के साथ मिलकर फर्म पर दबिश दी. जब टीम ने स्टोरेज एरिया खोला, तो इंसानी ब्लड बैग में भरा जानवरों का खून देखकर वरिष्ठ अधिकारी भी हैरान रह गए. शुरुआती जांच में ही साफ हो गया कि यह महज नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि सुनियोजित अवैध गतिविधि है.

हाई-टेक मशीनें और संदिग्ध पैकेजिंग

छापेमारी के दौरान खून के अलावा कई अत्याधुनिक मशीनें भी मिलीं. अधिकारियों ने एक ऑटोक्लेव मशीन, लैमिनार एयर फ्लो यूनिट, 110 भरे हुए और करीब 60 खाली ब्लड बैग जब्त किए. ये उपकरण आमतौर पर मेडिकल लैब्स और ब्लड बैंकों में सख्त मानकों के तहत इस्तेमाल होते हैं. इस सेटअप से संकेत मिलता है कि खून को प्रोसेस कर वैज्ञानिक या क्लिनिकल उपयोग के लिए तैयार किया जा रहा था.

किस मकसद से हो रहा था इस्तेमाल?

ड्रग कंट्रोल अधिकारियों का कहना है कि इस खून का इस्तेमाल गैरकानूनी क्लिनिकल ट्रायल, प्रयोगात्मक रिसर्च या लैब टेस्ट के लिए कल्चर मीडिया तैयार करने में किया जा सकता था. अगर ऐसा है, तो यह सीधे तौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकता था. इंसानी उपयोग के लिए बने ब्लड बैग में जानवरों का खून भरना संक्रमण और गलत प्रयोग की आशंका को कई गुना बढ़ा देता है.

मालिक फरार

रेड के बाद फर्म का मालिक मौके से फरार पाया गया, जिसकी तलाश तेज कर दी गई है. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन जुड़ा है. सवाल यह भी है कि क्या यह खून देश के भीतर इस्तेमाल होना था या विदेश भेजने की तैयारी थी. अधिकारियों ने फर्म के दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और सप्लाई चेन की पड़ताल शुरू कर दी है.

सिस्टम के लिए चेतावनी

यह मामला मेडिकल सप्लाई चेन में संभावित खामियों की ओर इशारा करता है. एजेंसियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और ऐसे मामलों को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी. फिलहाल, जब्त सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. यह घटना साफ बताती है कि स्वास्थ्य से जुड़े अपराधों में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं हो सकती.

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