अचानक ब्रश करने से फटी गले की नस, क्या है स्पॉन्टेनियस कैरोटिड आर्टरी रप्चर, जानें कितनी घातक हो सकती है ये कंडीशन
एक आम दिन, अचानक उठे तेज दर्द और थोड़े ही पलों में जिंदगी को खतरे में डाल देने वाली स्थिति छत्तीसगढ़ के राहुल जांगड़े के साथ जो हुआ, वह मेडिकल दुनिया में बेहद दुर्लभ माना जाता है. ब्रश करते समय उनकी गर्दन की एक नस फट गई, जिसे स्पॉन्टेनियस कैरोटिड आर्टरी रप्चर कहा जाता है.
एक आम सुबह, अचानक उठा असहनीय दर्द और कुछ ही पलों में जिंदगी और मौत के बीच जंग छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रहने वाले राहुल कुमार जांगड़े के साथ जो हुआ, वह न सिर्फ उनके परिवार बल्कि डॉक्टरों के लिए भी हैरान करने वाला था.
बिना किसी हादसे, चोट या गंभीर बीमारी के ब्रश करते हुए उनके गले की नस फट गई. जिसे स्पॉन्टेनियस कैरोटिड आर्टरी रप्चर कहा जाता है. डॉक्टरों के अनुसार, यह घटना इतनी असामान्य है कि पूरी दुनिया में अब तक केवल 10 ही मामले दर्ज हैं.
क्या होता है स्पॉन्टेनियस कैरोटिड आर्टरी रप्चर?
जांच के बाद डॉक्टरों को पता चला कि राहुल की दाहिनी कैरोटिड आर्टरी फट चुकी है. यह वही नस होती है जो दिल से दिमाग तक ऑक्सीजन वाला खून पहुंचाती है. इस कंडीशन को मेडिकल भाषा में स्पॉन्टेनियस कैरोटिड आर्टरी रप्चर कहा जाता है. डॉक्टरों के मुताबिक, यह घटना बिना किसी चोट, एक्सीडेंट, संक्रमण या कैंसर के होना बेहद दुर्लभ है. मेडिकल रिकॉर्ड्स के अनुसार, दुनिया भर में ऐसे गिने-चुने ही मामले सामने आए हैं.
पड़ सकता है स्ट्रोक
कैरोटिड आर्टरी में खून बहुत तेज दबाव से बहता है. अगर यह नस फट जाए, तो कुछ ही मिनटों में शरीर से बहुत ज्यादा खून निकल सकता है. इस मामले में गर्दन के अंदर तेजी से खून भर गया और एक गुब्बारे जैसी संरचना बन गई, जिसे स्यूडोएन्यूरिज़्म कहा जाता है. अगर खून का थक्का दिमाग तक पहुंच जाता, तो स्ट्रोक, लकवा या ब्रेन डेड तक होने का खतरा था.
सीटी एंजियोग्राफी टेस्ट से चलता है पता
डॉक्टरों ने राहुल की हालत को देखते हुए तुरंत इमेजिंग टेस्ट किए, जिनमें सीटी एंजियोग्राफी जैसे जांच शामिल थे. इन्हीं टेस्ट्स से यह साफ हुआ कि गले की प्रमुख नस फट चुकी है और तुरंत सर्जरी के अलावा कोई विकल्प नहीं है.
कितनी जानलेवा हो सकती है ऐसी घटना?
डॉक्टरों के मुताबिक, अगर समय रहते इलाज न मिले, तो कैरोटिड आर्टरी का फटना कुछ ही मिनटों में जान ले सकता है. यही वजह है कि अचानक गर्दन में तेज दर्द, सूजन, आवाज में बदलाव या बेहोशी जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी है.





