बॉलीवुड वाले हैं तो क्या हुआ? Rajpal Yadav के खिलाफ सख्त हुआ कोर्ट, 50 लाख का इंतजाम करने के बाद भी राहत नहीं
चेक बाउंस के पुराने मामलों में दिल्ली हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया. कोर्ट ने साफ कहा कि बार-बार वादे तोड़ने पर किसी को विशेष छूट नहीं दी जा सकती.;
बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन और एक्टर राजपाल यादव (Rajpal Yadav) के साथ एक बड़ा नाटकीय मोड़ आ गया है. चेक बाउंस के पुराने मामलों में दिल्ली हाई कोर्ट से कोई राहत न मिलने के बाद उन्होंने गुरुवार शाम को दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया. अब उन्हें जेल में अपनी सजा काटनी होगी. दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को राजपाल यादव की एक याचिका खारिज कर दी थी. उनके वकील ने कोर्ट से कहा था कि एक्टर ने अब 50 लाख रुपये की व्यवस्था कर ली है और बाकी पैसे चुकाने के लिए उन्हें सिर्फ एक हफ्ते का और समय चाहिए. लेकिन कोर्ट ने इस अनुरोध को ठुकरा दिया.
जज ने साफ कहा कि अदालत किसी खास व्यक्ति या इंडस्ट्री से जुड़े होने के कारण कोई विशेष छूट नहीं दे सकती. कोर्ट ने आगे कहा, 'कभी-कभी नरमी बरतनी पड़ती है, लेकिन इसे बार-बार और अनिश्चित काल तक नहीं बढ़ाया जा सकता, खासकर जब व्यक्ति बार-बार वादे तोड़ता हो.' इससे पहले 2 फरवरी को कोर्ट ने राजपाल यादव को 4 फरवरी तक जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया था. लेकिन जब वे समय पर नहीं पहुंचे, तो कोर्ट ने उनकी आखिरी गुहार भी सुनने से इनकार कर दिया और तुरंत सरेंडर करने को कहा.
पूरा मामला क्या है?
यह केस काफी पुराना है और मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. कंपनी का आरोप था कि एक्टर ने कई चेक दिए थे, जो बाउंस हो गए और बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया. ये चेक फिल्म प्रोजेक्ट्स या लोन से जुड़े थे, जिसमें कुल बकाया राशि करोड़ों में बताई जाती है (कुछ रिपोर्ट्स में 9 करोड़ तक का जिक्र है, कई केस मिलाकर. 2018 में दिल्ली की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और 6 महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई.
हाई कोर्ट में अपील
2019 में सत्र न्यायालय ने इस फैसले को सही ठहराया. इसके बाद एक्टर ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की. जून 2024 में हाई कोर्ट ने उनकी सजा पर अस्थायी रोक लगा दी थी और कहा था कि वे शिकायतकर्ता से सुलह करें और ईमानदारी से पैसे चुकाने की कोशिश करें. कोर्ट ने उन्हें कई मौके दिए, लेकिन बार-बार वादे पूरे न होने पर कोर्ट का सब्र जवाब दे गया. आखिरकार फरवरी 2026 में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और सरेंडर का आदेश दिया.
सरेंडर की खबर
पीटीआई और जेल सूत्रों के मुताबिक, राजपाल यादव ने गुरुवार शाम 4 बजे तिहाड़ जेल के अधिकारियों के सामने सरेंडर किया. जेल प्रशासन अब सामान्य प्रक्रिया अपनाएगा, जैसे मेडिकल जांच, रिकॉर्ड अपडेट आदि. यह खबर उनके फैंस के लिए चौंकाने वाली है, क्योंकि राजपाल यादव अपनी कॉमेडी और फिल्मों जैसे 'गोरे गोरे मुखड़े वाली', 'भूल भुलैया', 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' आदि से लोगों के चहेते रहे हैं. लेकिन कानून के सामने सभी बराबर हैं, और कोर्ट ने यही मैसेज दिया है कि वादे पूरे न करने पर कोई छूट नहीं मिलेगी. अब देखना यह है कि क्या वे जेल में रहते हुए कोई नया अपील दाखिल करते हैं या सजा पूरी होने के बाद बाहर आते हैं.