Rohit Shetty के घर फायरिंग केस में नया अपडेट, कई दिन से हो रही थी घर की रेकी, एक दूसरे से अनजान थे हमलवार!

रोहित शेट्टी के घर फायरिंग मामले में जांच के दौरान सामने आया है कि आरोपियों ने पुणे की स्कूटी से पहले रेकी की थी. इस हमले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम भी सामने आया है.;

( Image Source:  ANI )
Edited By :  रूपाली राय
Updated On : 3 Feb 2026 10:23 AM IST

Rohit Shetty firing case: फिल्म डायरेक्टर और प्रोड्यूसर रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित घर पर हुए गोलीबारी वाले हमले की जांच में अब कई अहम बातें सामने आ रही हैं. पुलिस को पता चला है कि हमले से पहले आरोपियों ने पुणे में रजिस्टर्ड एक स्कूटर (होंडा डियो) का इस्तेमाल करके रोहित शेट्टी के घर की पूरी रेकी (जासूसी या सर्वे) की थी यानी हमलावरों ने पहले कई दिनों तक स्कूटर पर सवार होकर इलाके का चक्कर लगाया, घर के आसपास की निगरानी की और प्लान बनाया.

एनडीटीवी को मिली खास जानकारी के मुताबिक, सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गोली चलाने वाले दिन भी इसी स्कूटर का ही इस्तेमाल किया गया था.  घटना के दिन रात करीब 12:40 से 1:00 बजे के बीच साउथ मुंबई के जुहू इलाके में रोहित शेट्टी के घर (शेट्टी टावर) के बाहर 4 से 5 गोलियां चलाई गईं. इन गोलियों में से एक गोली बिल्डिंग के पहले फ्लोर पर जिम की खिड़की के शीशे में लगी, लेकिन खुशी की बात यह है कि किसी को कोई चोट नहीं आई और न ही रोहित शेट्टी या उनके परिवार को कोई नुकसान हुआ. 

केस में मिला बड़ा सुराग

जांच में यह भी सामने आया है कि स्कूटर पुणे के एक शख्स का था, जिसने इसे कुछ दिन पहले ही 30 हजार रुपये में आरोपी आदित्य गायकवाड़ को बेच दिया था. पुलिस ने इस स्कूटर को ट्रेस किया और अब यह केस में बड़ा सुराग बन गया है।इस घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की. पुणे से 4-5 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से चार को गिरफ्तार किया गया है. इन्हें मुंबई लाया गया और कोर्ट ने उन्हें पुलिस कस्टडी में भेज दिया है (कुछ दिनों तक). जांच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम भी जुड़ा हुआ है, क्योंकि गैंग ने सोशल मीडिया पर हमले की जिम्मेदारी ली है और 'वेट एंड वॉच' जैसा वार्निंग मैसेज भी पोस्ट किया है. 

कौन होगा शूटर 

पुलिस के अनुसार, इस हमले में इस्तेमाल की गई गाड़ी (स्कूटर) को खरीदने और उसे मुंबई तक लाने वाले आरोपियों को यह बिल्कुल भी नहीं पता था कि असल में गोली चलाने वाला शूटर कौन होगा यानी, गाड़ी खरीदने और छोड़ने वाले लोग शूटर की पहचान से पूरी तरह अनजान थे.  बाद में शुभम लोनकर (जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ माना जा रहा है और इस मामले में फरार है) ने शूटर को सीधे निर्देश दिया कि वह उसी तय जगह पर जाकर स्कूटी उठाई और वहां से फायरिंग कर दे.

क्या था हमलावारों ट्रिक 

पुलिस का कहना है कि गाड़ी खरीदने, उसे मुंबई लाने और वहां छोड़ने वाले लोग शूटर के नाम या चेहरे से भी अनजान थे. यह पूरी तरह से एक सोची-समझी और चालाक रणनीति है, जिसे अपराधी गिरोह अक्सर इस्तेमाल करते हैं. इस तरीके में साजिश को कई छोटे-छोटे ग्रुप्स में बांट दिया जाता है. हर ग्रुप को सिर्फ अपना काम बताया जाता है, लेकिन एक ग्रुप को दूसरे ग्रुप के सदस्यों के बारे में कुछ भी नहीं पता होता. इससे अगर कोई पकड़ा भी जाए, तो वह ज्यादा जानकारी नहीं दे पाता और पूरी साजिश का पता लगाना मुश्किल हो जाता है. पुलिस ने आगे बताया कि यह तरीका पहले भी कई बड़े अपराधों में इस्तेमाल किया जा चुका है. इससे गैंग्स अपनी सुरक्षा बढ़ाते हैं और पुलिस को जांच में ज्यादा समय लगता है. 

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