Ranveer Singh को 'चावुंडी दैव' का मजाक उड़ाना पड़ा भारी, धार्मिक भावनाएं आहत करने पर FIR

गोवा में IFFI 2025 के क्लोजिंग इवेंट के दौरान रणवीर सिंह द्वारा फिल्म 'कंतारा' के दैव सीन की नकल करना अब कानूनी विवाद बन गया है. बेंगलुरु में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है. आरोप है कि उन्होंने चावुंडी दैव को ‘महिला भूत’ कहकर कर्नाटक की पवित्र दैव परंपरा का अपमान किया. शिकायतकर्ता वकील प्रशांत मेथल के अनुसार यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला है. .;

( Image Source:  ANI )
Edited By :  रूपाली राय
Updated On : 29 Jan 2026 8:41 AM IST

गोवा में हुए इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के एक इवेंट के दौरान बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह (Ranveer Singh) के खिलाफ बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. इस वजह से अब उनके खिलाफ बेंगलुरु में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. यह पूरा मामला फिल्म 'कंतारा: चैप्टर 1 - ए लीजेंड' से जुड़ा है, जिसमें ऋषभ शेट्टी ने एक बहुत ही खास और पावरफुल दैव (देवता) के आने वाले सीन को शानदार तरीके से निभाया था. यह सीन कर्नाटक के तटीय इलाकों जैसे तुलु नाडु की प्राचीन और पवित्र दैव परंपरा पर आधारित है, खासकर चावुंडी दैव या चामुंडी दैव से जुड़ा हुआ है. चावुंडी दैव को वहां के लोग बहुत सम्मान देते हैं. यह देवता दिव्य स्त्री शक्ति का प्रतीक माना जाता है और लोगों के लिए संरक्षक देवता की तरह है.

घटना की तारीख है 28 नवंबर 2025 की है. गोवा में IFFI के क्लोजिंग सेरेमनी में रणवीर सिंह मंच पर आए थे. वहां उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म का प्रमोशन करते हुए ऋषभ शेट्टी की तारीफ की और मजाक में कंतारा के उस मशहूर दैव सीन की नकल उतार दी. उन्होंने पंजुरली और गुलिगा दैव जैसे देवताओं के भाव-भंगिमाओं को नकल करते हुए कुछ हाव-भाव दिखाए, जो कुछ लोगों को बहुत अश्लील, मजाकिया और अपमानजनक लगे. खास बात यह कि उन्होंने चावुंडी दैव को 'महिला भूत' कहकर संबोधित किया.

चावुंडी दैव को भूत कहना गलत है 

शिकायतकर्ता, जो बेंगलुरु के वकील प्रशांत मेथल हैं, का कहना है कि यह टिप्पणी और नकल बहुत गलत थी. चावुंडी दैव को भूत कहना उनकी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गरिमा को कम करना है. यह परंपरा भक्तों के लिए बहुत पवित्र है और इसमें गहरा विश्वास जुड़ा हुआ है. ऐसे में इस तरह मजाक उड़ाना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है. शिकायत के आधार पर बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है. इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196, 299 और 302 लगाई गई हैं. ये धाराएं धार्मिक भावनाओं को आहत करने, जानबूझकर अपमान करने और समूहों के बीच दुश्मनी फैलाने से जुड़ी हैं. 

कैसे शुरू हुआ यह केस?

वकील प्रशांत मेथल ने सबसे पहले 27 दिसंबर 2025 को अदालत में प्राइवेट कम्प्लेंट दाखिल की थी. बाद में 23 जनवरी 2026 को अदालत ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया. उसके बाद बुधवार (यानी 28 जनवरी 2026 के आसपास) को औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज हुई. अब यह मामला बेंगलुरु की प्रथम अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट (सीएमएम) अदालत में चल रहा है. अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होनी है. इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर काफी बहस हुई थी. कुछ लोग इसे सिर्फ मजाक मान रहे थे, तो कुछ इसे सांस्कृतिक अपमान बता रहे थे. फिल्म कंतारा के डायरेक्टर और एक्टर ऋषभ शेट्टी ने भी पहले इस पर बात की थी और स्वदेशी परंपराओं के प्रति सम्मान दिखाने की अपील की थी. अभी तक रणवीर सिंह की तरफ से इस एफआईआर पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. हालांकि पहले के विवाद में उन्होंने माफी मांगी थी और कहा था कि उनका इरादा सिर्फ ऋषभ की परफॉर्मेंस की तारीफ करना था. 

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