धुरंधर के बाद मुस्लिम देशों ने क्यों लगाया सनी देओल की बॉर्डर 2 पर बैन? जानिए वजहें
सनी देओल की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘बॉर्डर 2’ को भारत में शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है, लेकिन धुरंधर के बाद एक बार फिर गल्फ और मुस्लिम देशों में इसे बैन कर दिया गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म की कहानी 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित है और इसे कुछ देशों में ‘एंटी-पाकिस्तान कंटेंट’ माना गया. इसी वजह से यूएई, सऊदी अरब, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान जैसे देशों में रिलीज की अनुमति नहीं मिली. हालांकि मेकर्स का मानना है कि भारत और अन्य इंटरनेशनल मार्केट्स में मजबूत कमाई इस नुकसान की भरपाई कर देगी.;
Border 2 banned in Gulf countries
(Image Source: @Cinemalover2211- X )सनी देओल की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'बॉर्डर 2' ने 23 जनवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में दस्तक दे दी है. 4000 से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज हुई यह फिल्म 2026 की पहली बड़ी थिएटर रिलीज मानी जा रही है. रिपब्लिक डे वीकेंड पर आई इस वॉर ड्रामा को लेकर दर्शकों में जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है और सोशल मीडिया पर भी फिल्म ट्रेंड कर रही है.
हालांकि, शानदार ओपनिंग के बीच फिल्म को रिलीज से पहले एक बड़ा झटका लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'बॉर्डर 2' को गल्फ के 6 इस्लामिक देशों में रिलीज की मंजूरी नहीं मिली है. इससे पहले रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर' भी इन्हीं देशों में बैन हो चुकी है.
इन 6 गल्फ देशों में नहीं रिलीज होगी 'बॉर्डर 2'
बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार, बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में ‘बॉर्डर 2’ को अब तक रिलीज की परमिशन नहीं मिली है. रिपोर्ट में बताया गया है कि मेकर्स ने फिल्म को वहां रिलीज कराने की पूरी कोशिश की, लेकिन आखिरी वक्त तक बात नहीं बन पाई.
एक सूत्र के हवाले से कहा गया कि इन देशों में अब ऐसे कंटेंट वाली फिल्मों को रिलीज की इजाजत नहीं मिलती, जिन्हें 'एंटी-पाकिस्तान’ माना जाता है. ‘बॉर्डर 2’ की टीम ने आखिरी वक्त तक कोशिश की, लेकिन उम्मीद काफी कम है.'
1971 की जंग पर आधारित है 'बॉर्डर 2'
‘बॉर्डर 2’ साल 1997 में आई जे. पी. दत्ता की सुपरहिट फिल्म ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है. यह फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की कहानी को और बड़े कैनवस पर दिखाती है. इस बार कहानी में भारतीय सेना के साथ-साथ एयरफोर्स और नेवी के संयुक्त ऑपरेशन्स को भी दर्शाया गया है, जिससे फिल्म का स्केल और भव्य हो गया है. हालांकि गल्फ देशों में बैन की खबर ने ओवरसीज ट्रेड को निराश किया है, लेकिन ‘बॉर्डर 2’ के मेकर्स ज्यादा परेशान नहीं दिख रहे. इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि टीम पहले से इस स्थिति के लिए तैयार थी.
सूत्र ने बताया कि 'अगर फिल्म भारत और दूसरे इंटरनेशनल मार्केट्स में दर्शकों से जुड़ गई, तो कमाई की कोई सीमा नहीं होगी. ‘धुरंधर’ भी गल्फ में रिलीज नहीं हो पाई थी, इसके बावजूद उसने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया. रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ को भी यूएई, सऊदी अरब, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान में रिलीज नहीं होने दिया गया था. इसके बावजूद ‘धुरंधर’ साल 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बनी.'
इंटरनेशनल डिस्ट्रीब्यूटर प्रणब कपाड़िया ने उस वक्त कहा था कि गल्फ मार्केट में रिलीज न मिलने से फिल्म को करीब 90 करोड़ रुपये का ओवरसीज नुकसान हुआ था. इसके बावजूद फिल्म की कुल कमाई पर इसका बड़ा असर नहीं पड़ा.
क्या ‘बॉर्डर 2’ बनेगी 2026 की सबसे बड़ी फिल्म?
मेकर्स को पूरा भरोसा है कि ‘बॉर्डर 2’ भी ‘धुरंधर’ के रास्ते पर चलेगी. उनका मानना है कि अगर फिल्म की कहानी, देशभक्ति और भावनाएं दर्शकों से जुड़ गईं, तो बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म नए रिकॉर्ड बना सकती है. अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ साल 2026 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बन पाएगी.