PM Kisan 22वीं किस्त: किसानों की निगाहें सरकार पर टिकीं, पैसा आएगा या फिर बढ़ेगा इंतजार?
PM Kisan Yojana की 22वीं किस्त को लेकर किसानों का इंतजार बढ़ता जा रहा है. जानें ₹2000 कब आ सकते हैं, स्टेटस कैसे चेक करें और किन वजहों से भुगतान अटक सकता है.
पीएम किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त को लेकर देशभर के किसान इस समय सिर्फ एक सवाल पूछ रहे हैं - ₹2000 कब आएंगे? जनवरी निकल चुका है, फरवरी भी अपने आखिरी दौर में है, लेकिन अब तक 22वीं किस्त को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है.
इस देरी ने किसानों के बीच बेचैनी बढ़ा दी है, क्योंकि हर किस्त सीधे खेती से जुड़े खर्चों से जुड़ी होती है - बीज, खाद, सिंचाई और कर्ज चुकाने जैसे काम इसी रकम पर टिके रहते हैं.
कब खातों में आएंगे पैसे?
सरकारी स्तर पर 22वीं किस्त की कोई पक्की घोषणा नहीं हुई है. हालांकि, मीडिया और किसान संगठनों के बीच यह चर्चा जरूर चल रही है कि फरवरी के आखिरी सप्ताह या होली से पहले रकम ट्रांसफर की जा सकती है. कुछ रिपोर्ट्स में 24 फरवरी का जिक्र किया जा रहा है, लेकिन इसे फिलहाल सिर्फ अनुमान ही माना जा रहा है. कृषि मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, जिससे स्थिति साफ हो सके.
अगर स्टेटस में अटका है नाम तो क्या होगा?
इस बीच सरकार ने अप्रत्यक्ष रूप से यह संकेत जरूर दिए हैं कि जिन किसानों की जानकारी अधूरी है, उन्हें किस्त मिलने में परेशानी आ सकती है.
जिन कारणों से भुगतान रुक सकता है:
- आधार लिंक न होना
- बैंक खाते में गड़बड़ी
- e-KYC अधूरी होना
- दस्तावेजों का सत्यापन लंबित होना
मतलब साफ है - अगर रिकॉर्ड में गड़बड़ी है, तो पैसा रिलीज होने के बावजूद खाते तक नहीं पहुंचेगा.
अपना स्टेटस खुद कैसे जांचें?
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपकी 22वीं किस्त आएगी या अटकी हुई है, तो यह प्रक्रिया अपनाएं:
- PM-Kisan की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
- “Farmer’s Corner” सेक्शन खोलें
- “Know Your Status” पर क्लिक करें
- रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा भरें
- मोबाइल पर आए OTP से लॉगिन करें
- स्क्रीन पर अपना पेमेंट स्टेटस देखें
यहां आपको साफ दिख जाएगा कि आपकी फाइल क्लियर है या किसी स्टेज पर अटकी हुई है.
असली सवाल: देरी क्यों हो रही है?
कई जानकारों का मानना है कि सरकार इस बार डेटा वेरिफिकेशन को लेकर ज्यादा सतर्क है. फर्जी या अपात्र लाभार्थियों को हटाने की प्रक्रिया के चलते किस्त जारी करने में समय लग रहा है. सरकार का फोकस है कि पैसा सिर्फ उन्हीं किसानों तक पहुंचे जो योजना की शर्तों पर खरे उतरते हों. इसी वजह से इस बार किस्त सामान्य से थोड़ी देर से आ सकती है.