PM Kisan Samman Nidhi: होली तो बीत गई, क्‍या अब जल्‍द खत्‍म होगा किसानों का 22वीं किस्‍त का इंतजार?

PM Kisan Samman Nidhi योजना की 22वीं किस्त को लेकर किसानों का इंतजार जारी है. मार्च 2026 में भुगतान की संभावना है, लेकिन eKYC और पात्रता पूरी न होने पर पैसा अटक सकता है.

( Image Source:  Sora AI )
Edited By :  प्रवीण सिंह
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PM Kisan Samman Nidhi: होली बीतने के बाद देशभर के किसानों की नजर अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त पर टिक गई है. योजना से जुड़े करोड़ों लाभार्थी यह जानना चाहते हैं कि 22वीं किस्त कब तक उनके बैंक खाते में पहुंचेगी.

अभी तक सरकार की ओर से भुगतान की तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन पहले जारी की गई किस्तों के समय-चक्र को देखें तो मार्च 2026 में राशि भेजे जाने की संभावना मानी जा रही है. इसी वजह से किसान लगातार योजना से जुड़ी हर नई जानकारी पर नजर बनाए हुए हैं.

22वीं किस्त को लेकर किसानों में इतनी बेचैनी क्यों है?

इस बार भी सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सभी रजिस्‍टर्ड किसानों को पैसा मिलेगा या कुछ लोगों की किस्त अटक सकती है. इसका सीधा संबंध लाभार्थी सूची और पात्रता से है. जिन किसानों का नाम आधिकारिक सूची में दर्ज है और जिन्होंने सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं, उन्हें भुगतान मिलने में किसी तरह की रुकावट नहीं आएगी. इसलिए इंतजार करने के साथ-साथ अपनी स्थिति की जांच करना भी जरूरी है.

अपना नाम लाभार्थी सूची में कैसे जांचें?

लाभार्थी सूची देखने के लिए किसानों को योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा. वहां “Farmer’s Corner” सेक्शन में जाकर “Beneficiary List” विकल्प चुनना होता है. इसके बाद राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव की जानकारी भरनी होती है. विवरण भरते ही संबंधित क्षेत्र के लाभार्थियों की पूरी सूची स्क्रीन पर दिखाई देती है. यदि नाम इस सूची में मौजूद है, तो किस्त मिलने की संभावना बनी रहती है.

eKYC नहीं कराई तो क्या पैसा रुक सकता है?

सरकार ने योजना के तहत eKYC प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है. जिन किसानों ने अब तक पहचान सत्यापन नहीं कराया है, उनकी राशि रोकी जा सकती है. eKYC दो तरीकों से पूरी की जा सकती है. पहला तरीका पोर्टल पर मोबाइल नंबर के जरिए OTP सत्यापन है. दूसरा तरीका नजदीकी CSC केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करवाने का है. समय रहते यह प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है, ताकि भुगतान में कोई अड़चन न आए.

पिछली किस्त कब आई थी और अगली किस्त कब तक आने की उम्मीद है?

पिछली यानी 21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी की गई थी. योजना के नियमों के अनुसार हर चार महीने के अंतराल पर किसानों को 2,000 रुपये दिए जाते हैं. इसी गणना के आधार पर अगली किस्त मार्च 2026 में आने की उम्मीद जताई जा रही है. सालभर में तीन बार भुगतान होता है, जिससे किसानों को कुल 6,000 रुपये की सहायता मिलती है. यह रकम सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है.

पीएम किसान योजना की शुरुआत क्यों की गई थी?

इस योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में की गई थी और यह पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित है. वर्तमान समय में 9 करोड़ से अधिक किसान परिवार इससे जुड़े हुए हैं. इसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को खेती से जुड़े खर्चों के लिए आर्थिक सहारा देना है, ताकि वे बीज, खाद, कीटनाशक और कृषि उपकरण आसानी से खरीद सकें.

किन किसानों को योजना का लाभ नहीं मिलता?

योजना का लाभ केवल भूमि धारक किसान परिवारों को दिया जाता है, जिसमें पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे शामिल होते हैं. जिन लोगों के नाम पर कंपनी या संस्था की जमीन है, वे इसके दायरे में नहीं आते. इसके अलावा पूर्व और वर्तमान मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, सरकारी कर्मचारी, आयकर दाता, 10,000 रुपये से अधिक पेंशन पाने वाले तथा डॉक्टर, इंजीनियर और वकील जैसे पेशेवर वर्ग को भी योजना से बाहर रखा गया है. सरकार का मकसद यही है कि आर्थिक सहायता सही जरूरतमंद किसानों तक पहुंचे.

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