Budget 2026: विकास का ब्लूप्रिंट या चुनावी बजट! संविधान में क्या व्यवस्था है? जानें इसकी पूरी कहानी

भारत का बजट सिर्फ आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला रोडमैप होता है. ये बात अलग है कि इसका जिक्र संविधान में नहीं है. बजट 2026 ऐसे समय में आएगा, जब भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है. आइए जानते हैं भारत के बजट का इतिहास, इसके प्रकार, बजट बनाने की प्रक्रिया और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की भूमिका.;

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Curated By :  धीरेंद्र कुमार मिश्रा
Updated On : 11 Jan 2026 9:24 AM IST

भारत का बजट हर साल एक फरवरी के महीने में देश की निगाहें संसद पर टिकी होती हैं. कारण होता है  केंद्रीय बजट. यह वही दस्तावेज है जो तय करता है कि किसान को कितनी राहत मिलेगी, नौकरीपेशा पर टैक्स का बोझ कितना होगा, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और स्वास्थ्य पर कितना खर्च होगा. बजट 2026 भी कुछ ऐसे ही उम्मीदों और सवालों के साथ पेश किया जाएगा.

भारत में बजट का इतिहास

भारत का पहला बजट 1860 में पेश किया गया था. उस समय जेम्स विल्सन ब्रिटिश भारत के वित्त सदस्य होते थे. इसका मकसद था 1857 की क्रांति के बाद हुए घाटे की भरपाई. ब्रिटिश समय में पहली बार पूर्ण बजट 1921 में पेश किया गया था. आजादी के बाद भारत का पहला बजट 1947 में में पेश किया गया. वित्त मंत्री आर. के. शनमुखम चेट्टी ने बजट पेश किया.

साल 2017 तक बजट फरवरी के आखिरी दिन पेश होता था. 2017 से बजट 1 फरवरी को पेश किया जाने लगा. रेल बजट को केंद्रीय बजट में मिला दिया गया. बजट अब अंग्रेजी के साथ हिंदी में भी पेश होता है. वर्तमान में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री हैं. साल 2019 से 2025 कुल 6 पूर्ण बजट. इस बार सीतारमण का 8वां बजट होगा. वे मोरारजी देसाई के बाद सबसे अधिक बजट पेश करने वाली वित्त मंत्रियों में शामिल होंगी.

बजट कई तरह के होता हैं. इनमें केंद्रीय बजट, जिसमें देश की कुल आय और खर्च का विवरण होता है. अंतरिम बजट चुनाव से पहले पेश किया जाने वाला अस्थायी बजट होता है. इसके अलावा राजस्व बजट जिसमें  सरकार की दैनिक आय और व्यय शामिल होता है. पूंजी बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, कर्ज और निवेश से जुड़ा बजट है. जीरो बेस्ड बजट हर खर्च को नए सिरे से सही ठहराना होता है.

बजट कैसे बनता है?

बजट अलग-अलग मंत्रालयों से मिले प्रस्ताव के आधार पर बनता है. वित्त मंत्रालय इसकी समीक्षा करता है. आर्थिक सर्वेक्षण, कैबिनेट की मंजूरी, संसद में प्रस्तुत किया जाता है. लोकसभा और राज्यसभा की मंजूरी मिलती है.  

 बजट से क्या हो सकती हैं बड़ी उम्मीदें?

इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे, युवाओं के लिए रोजगार, स्टार्टअप और MSME, किसानों के लिए सब्सिडी, मिडिल क्लास को टैक्स राहत, डिजिटल इंडिया और AI के लिए  सरकार क्या करने वाली है.

इस बार बजट में क्या होगा खास

विकसित भारत 2047 का रोडमैप, वैश्विक मंदी से निपटने की रणनीति, चुनावी राज्यों को विशेष पैकेज की उम्मीद, देश की सुरक्षा तैयारियां, क्या महंगा होगा और क्या सस्ता.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी 2026 को मोदी सरकार का बजट पेश करेंगी. वे लगातार आठवीं पर संसद में बजट पेश करेंगी. इस बजट से देश के नागरिकों को कई उम्मीदें हैं. हालांकि, भारत के संविधान में इस बजट शब्द का जिक्र ही नहीं है.

क्या है बुल्गा से बजट बनने की कहानी?

बजट का इतिहास काफी पुराना है. इसकी यात्रा काफी पुरानी है. सबसे पहले हम यहां बात बजट शब्द के आने की करते हैं. यह शब्द लैटिन के 'बुल्गा'(Bulga) से निकला हुआ है, जिसका अर्थ होता है चमड़े का थैला या बैग. उसके बाद यह फ्रांसीसी रूप में आ गया. मतलब कि लैटिन से फ्रांसीसी में इसे बोजेट (Bougeette) कहा जाने लगा. अर्थ होता है, चमड़े का छोटा थैला. उसके बाद यह शब्द 15वीं शताब्दी में अग्रेजी में एंट्री कर लिया.

अंग्रेजी में यह पहले बोगेट (Bogget) कहलाया, जो बाद में चलकर बजट (Budget) के रूप में पहचाना गया. भारत में भी इसी बजट शब्द का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन देश के संविधान में इस शब्द का जिक्र नहीं है.

संविधान में है वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट का जिक्र

एग्जैक्ट बजट शब्द का जिक्र भारत के संविधान में नहीं है. संविधान मे इसकी जगह अनुच्छेद 112 में जानकारी तो दी गई है लेकिन इस शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है. संविधान के अनुच्छेद 112 में बजट को बजट नहीं बल्कि वार्षिक वित्तीय विवरण यानी Annual Financia Statement(AFS) कहा जाता है. इसका अर्थ सरकार की अनुमानित आय (इनकम) और व्यय (खर्च) का एक ब्यौरा है. बताया जाता है कि Annual Financial Statement(AFS) शब्द अंग्रेजों की परंपरा से आया हुआ है, जिसे भारत के संविधान बनाने वालों ने 'वार्षिक वित्तीय विवरण' कहा है. मतलब कि आप कह सकते हैं कि संविधान में लिखित 'वार्षिक वित्तीय विवरण' का ही लोकप्रिय नाम बजट है.

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