कौन थे Majid Khademi? इजरायल के हमले में हुई मौत, अब क्या करेगा ईरान?
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के खुफिया संगठन के प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की हत्या की पुष्टि ईरानी सरकारी मीडिया ने की है. हालांकि, उनकी मौत के पीछे के सटीक कारणों का खुलासा अभी तक नहीं किया गया है.
माजिद खादेमी
ईरान और अमेरिका-इजरायल जंग लगातार बढ़ती जा रही है. जहां एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ बातचीत होने का दावा करते है तो वहीं दूसरी तरफ ईरान के किसी बड़े सैन्य अधिकारी को एयर स्ट्राइक कर मरवा देते हैं. जंग की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी और तभी ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को मार दिया गया था. इसके बाद से ईरान लगातार अपने बड़े नेताओं को खोता आ रहा है. इस बीच ईरान से सोमवार को एक बड़ी खबर सामने आई, जिसने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है.
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के खुफिया संगठन के प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की हत्या की पुष्टि ईरानी सरकारी मीडिया ने की है. हालांकि, उनकी मौत के पीछे के सटीक कारणों का खुलासा अभी तक नहीं किया गया है. ईरानी गार्ड्स द्वारा जारी बयान में इस घटना को आपराधिक आतंकवादी हमला बताया गया है और इसके लिए अमेरिकी-ज़ायोनी दुश्मन को जिम्मेदार ठहराया गया है. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव चरम पर है और युद्धविराम की कोशिशें जारी हैं.
कौन थे माजिद खादेमी?
माजिद खादेमी ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और IRGC के ब्रिगेडियर जनरल थे. उन्हें जून 2025 में IRGC के खुफिया संगठन का प्रमुख नियुक्त किया गया था, जब उनके पूर्ववर्ती मोहम्मद काज़ेमी की इजरायली हवाई हमलों में मौत हो गई थी. खादेमी इससे पहले 2022 से 2025 तक IRGC के इंटेलिजेंस प्रोटेक्शन ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख के रूप में भी सेवाएं दे चुके थे और उन्हें ईरान की खुफिया प्रणाली का एक अहम स्तंभ माना जाता था.
क्या था IRGC का बयान?
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर पोस्ट जारी करते हुए कहा "मेजर जनरल माजिद खादेमी, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के खुफिया संगठन के शक्तिशाली और शिक्षित प्रमुख, आज सुबह अमेरिकी-ज़ायोनी दुश्मन द्वारा किए गए आपराधिक आतंकवादी हमले में शहीद हो गए." हालांकि इस हमले के स्थान, समय और परिस्थितियों को लेकर अभी तक कोई सटीक जानकारी साझा नहीं की गई है.
क्या जल्द होगा युद्धविराम?
इस घटना के बीच ही युद्धविराम को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. सूत्रों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए एक दो-चरणीय योजना तैयार की गई है. इस योजना के तहत सबसे पहले तत्काल युद्धविराम लागू किया जाएगा, जिसके बाद एक व्यापक और स्थायी समझौते की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे.
सूत्रों का कहना है कि इस शांति योजना का प्रारूप पाकिस्तान द्वारा तैयार किया गया है और इसे दोनों पक्षों के बीच साझा किया गया है. पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में एकमात्र संचार माध्यम के रूप में काम कर रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय मध्यस्थों के बीच 45 दिनों के संभावित युद्धविराम पर भी चर्चा चल रही है. यह प्रस्ताव दो-चरणीय रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य इस संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त करना है.




