इंसानों ने सबसे पहले बीयर बनाना किससे सीखा? कौन थी ‘बीयर की देवी’ निनकासी, जिनके भजन में बताई गई पूरी रेसिपी
बीयर का इतिहास सिर्फ स्वाद और नशे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे हजारों साल पुरानी एक दिलचस्प कहानी छिपी है. प्राचीन सुमेर में निनकासी को बीयर बनाने की कला से जुड़ी देवी माना जाता था.
कौन बनाता था देवताओं के लिए बीयर
क्या आप भी कभी बीयर पीते हैं? लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इंसानों ने सबसे पहले बीयर बनाना किससे सीखा होगा? आपको जानकर हैरानी होगी कि हजारों साल पहले बीयर को सिर्फ एक ड्रिंक नहीं माना जाता था, बल्कि इससे एक देवी की कहानी भी जुड़ी थी. इस देवी का नाम था निनकासी, जिन्हें ‘बीयर की देवी’ कहा जाता था.
निनकासी का जिक्र प्राचीन सुमेरियन सभ्यता में मिलता है. मान्यता थी कि उन्होंने ही इंसानों को बीयर बनाने का तरीका सिखाया था. इतना ही नहीं, उनके नाम पर एक प्राचीन भजन लिखा गया, जिसमें बीयर बनाने का प्रोसेस भी मिलता है. इसी वजह से निनकासी की कहानी बीयर के इतिहास का बेहद दिलचस्प हिस्सा मानी जाती है.
कौन थी बीयर की देवी?
हजारों साल पहले सुमेरियन सभ्यता में बीयर सिर्फ एक ड्रिंक नहीं थी, बल्कि इसे बहुत खास माना जाता था. वहां लोग मानते थे कि बीयर बनाने की देवी होती हैं, जिनका नाम था निनकासी. निनकासी को बीयर की देवी और उसकी रक्षक माना जाता था. कहा जाता है कि उन्होंने ही इंसानों को बीयर बनाना सिखाया था. उस समय लोग उन्हें सिर्फ ड्रिंक से नहीं, बल्कि खुशी, जीवन और समृद्धि से भी जोड़कर देखते थे.
निनकासी नाम का मतलब क्या है?
सुमेरियन भाषा में ‘निन’ का मतलब होता है देवी और ‘कासी’ का मतलब बीयर से जुड़ा होता है. इसलिए निनकासी का मतलब कुछ ऐसा भी माना जाता है जैसे “बीयर देने वाली देवी” या “खुशी से भर देने वाली महिला”. कहानियों में उन्हें देवताओं के लिए खास ड्रिंक बनाने वाली दिव्य शक्ति के रूप में बताया गया है.
दुनिया की सबसे पुरानी बीयर रेसिपी
निनकासी से जुड़ी सबसे मजेदार बात यह है कि उनके नाम पर एक पुराना गीत लिखा गया था, जिसे “निनकासी का भजन” कहा जाता है. यह कोई साधारण गाना नहीं था, बल्कि इसमें बीयर बनाने की पूरी प्रक्रिया को कविता की तरह बताया गया है जैसे अनाज तैयार करना, उसे पकाना और फिर ड्रिंक बनाना. इसी वजह से इसे दुनिया की सबसे पुरानी बीयर बनाने की रेसिपी भी माना जाता है.
पुराने समय में बीयर क्यों जरूरी थी?
प्राचीन मिस्र में भी बीयर बहुत आम थी. उस समय साफ पानी हर जगह आसानी से नहीं मिलता था, इसलिए लोग कई बार बीयर को ज्यादा सुरक्षित पेय मानते थे और इसे रोजमर्रा के खाने के साथ पीते थे.
गरीबों की पसंद क्यों बनी बीयर?
मध्यकालीन यूरोप में बीयर बनाने का काम अक्सर महिलाएं करती थीं. वे घर पर बीयर बनाकर बेचती भी थीं और इससे कमाई करती थीं.उस समय वाइन बहुत महंगी थी, इसलिए अमीर लोग उसे पीते थे. लेकिन बीयर सस्ती और आसानी से बनने वाली थी, इसलिए यह आम लोगों की पसंद बन गई. तो आज जो बीयर हम पीते हैं, उसके पीछे सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि हजारों साल पुरानी देवी निनकासी, पुराने समाज की जरूरतें और इंसानों की कहानी छिपी हुई है.




