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बांग्लादेश का सांसद अख्तर हुसैन कौन? एग्जिट पोल में खिला कमल तो इस बात का सताने लगा डर, देखिए VIDEO

बंगाल के एग्जिट पोल की गूंज से बाग्लादेश की सदन में भी बवाच मचा हुआ है वहां के एक सांसद अख्तर हुसैन का एक बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल में बीजेपी की जीत दिखाई देती है और अगर BJP वहां सरकार बनाती है, तो वे सभी 'कांगलू' लोगों को बांग्लादेश में धकेल देंगे.

बांग्लादेश का सांसद अख्तर हुसैन कौन? एग्जिट पोल में खिला कमल तो इस बात का सताने लगा डर, देखिए VIDEO
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( Image Source:  @AaravChoudharyX- X )

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए वोटिंग पूरी होने के बाद अब 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं. लेकिन उससे पहले आए एग्जिट पोल ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है.कई सर्वे में भारतीय जनता पार्टी को बढ़त मिलती दिख रही है, जिससे बंगाल की राजनीति के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है. 29 अप्रैल को सामने आए एग्जिट पोल में 7 में से 5 सर्वे बीजेपी के पक्ष में जाते दिखे, जबकि 2 में तृणमूल कांग्रेस की वापसी का अनुमान जताया गया.

इस एग्जिट पोल की गूंज से बाग्लादेश की सदन में भी बवाच मचा हुआ है वहां के एक सांसद अख्तर हुसैन का एक बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल में बीजेपी की जीत दिखाई देती है और अगर BJP वहां सरकार बनाती है, तो वे सभी 'कांगलू' लोगों को बांग्लादेश में धकेल देंगे. इससे हमारे लिए एक बड़ा मानवीय, आर्थिक और शरणार्थी संकट खड़ा हो जाएगा. हम इस बात को लेकर चिंतित हैं.'

कौन हैं सांसद अख्तर हुसैन?

अख्तर हुसैन बांग्लादेश की राजनीति का एक चर्चित नाम हैं, जो नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) से जुड़े हुए हैं और रंगपुर संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. वह पार्टी में सदस्य सचिव की भूमिका भी निभा रहे हैं और राष्ट्रीय मुद्दों पर मुखर राय रखने के लिए जाने जाते हैं. हाल के दिनों में वे भारत के पश्चिम बंगाल को लेकर दिए गए अपने बयान के कारण सुर्खियों में हैं. अख्तर हुसैन ने आशंका जताई है कि अगर पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनती है, तो अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर सख्त कार्रवाई हो सकती है.

क्या बंगाल के एग्जिट पोल की गूंज बांग्लादेश संसद तक पहुंच गई?

पश्चिम बंगाल के चुनावी रुझानों की चर्चा अब पड़ोसी देश बांग्लादेश तक पहुंच चुकी है. वहां की संसद में भी इस मुद्दे पर बहस देखने को मिली. बांग्लादेश के सांसद Akhter Hossen का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. उन्होंने बंगाल में बीजेपी की संभावित जीत पर चिंता जताते हुए इसे अपने देश के लिए चुनौती बताया है.

अख्तर हुसैन ने अपने बयान में अवैध प्रवासियों का मुद्दा उठाया. उनका कहना है कि अगर पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनती है, तो वह कथित अवैध घुसपैठियों को वापस बांग्लादेश भेज सकती है. उन्होंने आशंका जताई कि इससे बांग्लादेश पर शरणार्थियों का दबाव बढ़ सकता है और यह स्थिति 'एक बड़ा मानवीय और आर्थिक संकट' पैदा कर सकती है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में 'एक साजिश रची जा रही है' जिससे उनके देश पर शरणार्थी संकट का बोझ डाला जा सकता है.

क्या भारत के चुनाव से पड़ोसी देश में बन सकता है शरणार्थी संकट?

सांसद हुसैन के बयान के अनुसार, 'इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि किसी पड़ोसी देश से मुसलमानों को निकालने की स्थिति में शरणार्थियों की एक नई लहर पैदा नहीं होगी.' उन्होंने लोगों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि 'लोगों को एकजुट रहना चाहिए, जैसे देश हमेशा एकजुट होकर खड़ा रहा है.' उनका मानना है कि बांग्लादेश को किसी भी बाहरी दबाव या संप्रभुता पर खतरे के खिलाफ एकजुट होकर जवाब देना चाहिए.

क्या मतगणना व्यवस्था में हुए बदलाव भी चर्चा में हैं?

इस बीच पश्चिम बंगाल में मतगणना केंद्रों को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने केंद्रों की संख्या 87 से घटाकर 77 करने की पुष्टि की है. 2021 के चुनावों में जहां 108 केंद्रों पर मतगणना हुई थी, वहीं इस बार संख्या कम की गई है. जरूरत पड़ने पर इसमें और बदलाव भी किया जा सकता है.

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