पांच राज्यों (असम, बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल) में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग खत्म होने के बाद 1 मई से कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं. इसके बाद अब यह आशंका जताई जा रही है कि चुनाव नतीजे आने के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी बढ़ सकती हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है.ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव से सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे तेल कंपनियों की लागत बढ़ गई है. सरकारी तेल कंपनियां फिलहाल बढ़ती लागत के बावजूद कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन लगातार घाटे के चलते अब कीमतें बढ़ाना मजबूरी बन सकता है. माना जा रहा है कि चुनाव के दौरान आम जनता पर असर न पड़े, इसलिए कीमतों को रोका गया था, लेकिन अब परिणाम आने के बाद ईंधन की कीमतों में बदलाव संभव है.