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क्या खत्म होने जा रहा है अमेरिका-ईरान टकराव? सामने आया सीक्रेट समझौते का ब्लूप्रिंट, 10 प्वाइंट्स में जानिए सबकुछ

क्या अमेरिका और ईरान के बीच लंबे वक्त से चला आ रहा तनाव अब खत्म होता दिख रहा है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने प्रस्तावित समझौते को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं.

क्या खत्म होने जा रहा है अमेरिका-ईरान टकराव? सामने आया सीक्रेट समझौते का ब्लूप्रिंट, 10 प्वाइंट्स में जानिए सबकुछ
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( Image Source:  X-@ANI )

ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच अब एक संभावित समझौते की रूपरेखा सामने आई है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने प्रस्तावित "इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग" को लेकर कई अहम जानकारियां साझा की हैं. उनके मुताबिक यह समझौता मौजूदा संघर्ष को खत्म करने की दिशा में पहला बड़ा कदम हो सकता है और आने वाले कुछ दिनों में इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है.

हालांकि अराघची ने साफ किया कि अभी तक किसी अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हुए हैं. उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआती चरण का समझौता होगा, जबकि कई जटिल मुद्दों, खासकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम, पर बाद में अलग से बातचीत होगी. उनके बयान से यह भी संकेत मिला कि होर्मुज, समुद्री सुरक्षा, ईरान की संप्रभुता और जमे हुए फंड्स जैसे मुद्दे इस समझौते के केंद्र में हैं.

क्या बोले अराघची?

  1. अराघची के अनुसार, यह मेमोरेंडम व्यापक कूटनीतिक प्रक्रिया का पहला चरण होगा. इसका मकसद मौजूदा संघर्ष को समाप्त करना और आगे की वार्ताओं का रास्ता खोलना है.
  2. ईरान और अमेरिका ने फिलहाल परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों को दूसरे चरण की वार्ता के लिए छोड़ दिया है. यह चरण लगभग 60 दिनों तक चल सकता है.
  3. उन्होंने संकेत दिया कि यदि पहले चरण के समझौते को सही तरीके से लागू नहीं किया गया, तो परमाणु कार्यक्रम पर आगे की बातचीत शुरू नहीं हो पाएगी.
  4. ईरान का कहना है कि होर्मुज युद्ध से पहले वाली स्थिति में नहीं लौटेगा. इसके संचालन और सुरक्षा के लिए नया ढांचा तैयार किया जाएगा.
  5. प्रस्तावित समझौते में समुद्री प्रतिबंधों को हटाने और समुद्री यातायात को सामान्य बनाने से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं.
  6. अराघची ने दावा किया कि अमेरिका ने पहली बार लिखित रूप में ईरान की संप्रभुता का सम्मान करने की बात स्वीकार की है.
  7. ईरान के विदेश मंत्री के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते में यह प्रावधान है कि दोनों देश एक-दूसरे के घरेलू मामलों में दखल नहीं देंगे.
  8. अराघची ने कहा कि किसी समझौते के बाद ईरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने में भूमिका निभाएगा.
  9. समझौते में विदेशों में फंसी ईरानी संपत्तियों को जारी करने के लिए एक विशेष तंत्र तैयार करने की बात कही गई है.
  10. अराघची ने कहा कि भविष्य की वार्ताओं में ईरान के पुनर्निर्माण, विकास परियोजनाओं और आर्थिक सुधारों से जुड़े मुद्दों को भी शामिल किया जाएगा.
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