बंगाली एक्ट्रेस ने एक खास बातचीत में अपने फिल्मी सफर, असमिया सिनेमा के एक्सपीरियंस और एक्टिंग के लिए अपने अपने जुनून को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि उन्हें कभी महसूस नहीं हुआ कि वह किसी दूसरे राज्य में काम कर रही हैं, क्योंकि असम के लोगों ने उन्हें इतना प्यार और अपनापन दिया कि पूरा माहौल परिवार जैसा लगने लगा. कथा नंदी ने बताया कि एक्ट्रेस बनना उनका सपना नहीं था. वह बचपन में पेंटर बनना चाहती थीं, लेकिन एक छोटे से अभिनय अवसर ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी. इसके बाद उन्होंने शॉर्ट फिल्मों, मॉडलिंग, बंगाली ओटीटी प्रोजेक्ट्स, तेलुगु, तमिल और मलयालम फिल्मों में काम किया. उन्होंने कहा कि वह हर तरह के किरदार निभाना चाहती हैं, लेकिन ऐसे रोल उन्हें ज्यादा पसंद हैं जिनमें अभिनय दिखाने की गुंजाइश हो. मोहनलाल जैसे दिग्गज कलाकार के साथ काम करने को उन्होंने अपने करियर का यादगार अनुभव बताया.