ईरान से क्यों भिड़ा UAE, किन-किन चीजों पर लगाई रोक...खाड़ी में फिर से क्यों मचा हड़कंप? 7 पॉइंट्स में जानें पूरी कहानी
यूएई ने ईरान को बड़ा झटका देते हुए उसके साथ सभी व्यापार और वित्तीय लेने-देन अगले आदेश तक के लिए रोक दिए हैं. यूएई ने ये फैसला ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों के हमले के बाद लिया है.
UAE Iran Trade Suspension
मिडिल ईस्ट में एकबार फिर से तनाव बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है. इस बार संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान को बड़ा झटका देने का काम किया है. दरअसल यूएई ने ईरान पर खाड़ी की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का आरोप लगाने के बाद उसके साथ सभी व्यापार, वित्तीय लेन-देन और कमर्शियल एक्सचेंज अगले आदेश तक रोक लगा दी है.
यूएई के विदेश मंत्रालय की संचार निदेशक अफरा अल हमेली ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि देश क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए संवाद और सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है. बाद के आकलन में यूएई ने कहा कि दोनों मिसाइलें समुद्री नौवहन को निशाना बना रही थीं और समुद्र में गिर गईं. इस घटनाक्रम के बीच होर्मुज को लेकर ईरान की चेतावनी ने भी क्षेत्रीय तनाव बढ़ा दिया है.
7 पॉइंट्स में जानें पूरा मामला
1. यूएई ने ईरान के साथ सभी तरह के व्यापार, कमर्शियल एक्सचेंज और वित्तीय लेनदेन को अगले आदेश तक रोक दिया है. यह फैसला क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच लिया गया है. अफरा अल हमेली ने कहा "ईरान के साथ सभी व्यापार, कमर्शियल एक्सचेंज और वित्तीय लेनदेन अगले आदेश तक रोक दिए गए हैं."
2. यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने ईरान से आने वाली दो बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया था. मंत्रालय के अनुसार, एक मिसाइल यूएई की समुद्री सीमा के बाहर और दूसरी समुद्री सीमा के भीतर गिरी. बाद में किए गए आकलन में दोनों मिसाइलों को समुद्री नौवहन से जुड़ा लक्ष्य बताया गया.
3. यूएई के अनुसार, जांच के बाद पता चला कि दोनों मिसाइलें समुद्री नौवहन को निशाना बनाकर दागी गई थीं. मंत्रालय ने बयान में कहा "जांच से पता चला है कि ईरान से आ रही दो बैलिस्टिक मिसाइलें समुद्री नौवहन को निशाना बना रही थीं और समुद्र में गिर गईं."
4. व्यापारिक और वित्तीय गतिविधियों को रोकने के साथ यूएई ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली की अखंडता की रक्षा करने की प्रतिबद्धता भी जताई है. यूएई ने कहा कि वह अंतर्राष्ट्रीय कानून और उच्चतम वैश्विक मानकों के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
5. दूसरी तरफ ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के साथ शांति समझौता होने तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा. यह समुद्री मार्ग खाड़ी क्षेत्र के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है. यूएई के बंदरगाहों और खाड़ी के दूसरे हिस्सों तक जहाजों की आवाजाही में होर्मुज जलडमरूमध्य की अहम भूमिका है. इसके बंद होने की आशंका से समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है.
6. 28 फरवरी को मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने के बाद यूएई ने दावा किया था कि उसे करीब 3,000 ईरानी मिसाइलों और ड्रोन का सामना करना पड़ा. यूएई के मुताबिक, यह संख्या क्षेत्र के किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक थी.
7. जून में एक समझौता ज्ञापन लागू होने के बाद यूएई ने किसी नए हमले की सूचना नहीं दी थी. हालांकि, अब यह समझौता समाप्त हो चुका है और अन्य खाड़ी देशों में हमले जारी रहने के बीच यूएई ने ईरान के खिलाफ बड़ा आर्थिक कदम उठाया है.




