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भारत पर हमला हुआ तो अमेरिका साथ खड़ा होगा, G7 में मोदी से बोले ट्रंप- तीन भारतीयों की मौत पर क्या कहा? 10 Point में समझें

G7 समिट के दौरान पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात में भारत-अमेरिका रिश्तों, सुरक्षा, ट्रेड डील और समुद्री सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. ट्रंप ने कहा कि अगर मोदी के नेतृत्व में भारत पर हमला होता है तो अमेरिका मदद के लिए आगे आएगा. वहीं, पीएम मोदी ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने की जरूरत पर जोर दिया.

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पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप

( Image Source:  ANI )

PM Modi Donald Trump G7 Summit meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात के दौरान भारत के समर्थन में बड़ा बयान दिया. ट्रंप ने कहा कि अगर पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत पर हमला होता है तो अमेरिका मदद के लिए आगे आएगा. ट्रंप-मोदी की यह मुलाकात फ्रांस के एवियन-ले-बैं में G7 समिट के दौरान हुई. यह ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की बातचीत थी.

ट्रंप ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि देखने में वे बेहद शांत और सरल लगते हैं, लेकिन असल में वह एक बेहद मजबूत और कड़े फैसले लेने वाले व्यक्ति हैं. लोग उन्हें बहुत अच्छा इंसान कहते हैं, और वह हैं भी, लेकिन बातचीत और सौदेबाजी में वह बेहद सख्त हैं. उन्होंने पीएम मोदी को 'टफ ट्रेडर' बताते हुए कहा कि मोदी भारत के लोगों से प्यार करते हैं और अमेरिका के साथ भी अच्छे रिश्ते चाहते हैं.

ट्रंप के बयान की 10 बड़ी बातें

1. भारत पर हमले की स्थिति में मदद का भरोसा: ट्रंप ने कहा, "अगर मोदी नेता हैं और भारत पर हमला होता है, तो हम उनकी मदद के लिए वहां होंगे." उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए भारत-अमेरिका रिश्तों को मजबूत बताया.

2. मोदी-ट्रंप की 16 महीने बाद मुलाकात: प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की यह पहली व्यक्तिगत मुलाकात थी. दोनों नेताओं की पिछली आमने-सामने बातचीत फरवरी 2025 में हुई थी, जब पीएम मोदी ने अमेरिका का दौरा किया था.

3. ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदला माहौल: ट्रंप का बयान ऐसे समय आया जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव ऑपरेशन सिंदूर के बाद चर्चा में रहा. 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 7 मई 2025 को आतंकवादी ठिकानों पर कार्रवाई की थी.

4. भारत ने सीजफायर पर अपना रुख साफ रखा: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच करीब 88 घंटे तक सैन्य तनाव चला. 10 मई को दोनों देशों के बीच संघर्ष रोकने पर सहमति बनी, लेकिन भारत ने बार-बार कहा कि यह फैसला भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ था, किसी तीसरे देश की मध्यस्थता से नहीं.

5. ट्रंप ने मोदी की नेतृत्व क्षमता की तारीफ की: ट्रंप ने पीएम मोदी को मजबूत नेता बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत अच्छा प्रदर्शन करेगा. उन्होंने मोदी को 'tough trader' यानी मजबूत बातचीत करने वाला नेता बताया.

6. भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी चर्चा: भारत और अमेरिका के रिश्तों में हाल के समय में टैरिफ और व्यापार से जुड़े मुद्दों को लेकर मतभेद रहे हैं. इसके बावजूद दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया. ट्रंप ने बैठक के बाद कहा कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर काम कर रहे हैं. उन्होंने पीएम मोदी के साथ बातचीत को 'बहुत अच्छा' बताया और दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बताया. यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब दोनों देशों के बीच टैरिफ, H-1B वीजा नियम और भारत-पाकिस्तान तनाव में अमेरिका की भूमिका जैसे मुद्दों पर मतभेद रहे हैं.

7. अमेरिका-भारत रिश्तों को बताया मजबूत: ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते बेहद अच्छे हैं और दोनों देश एक-दूसरे के करीब हैं. उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के रिश्ते देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं. ट्रंप ने भारत-अमेरिका दोस्ती का जिक्र करते हुए 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम को याद किया और कहा कि ह्यूस्टन में आयोजित उस कार्यक्रम में स्टेडियम पूरी तरह भरा हुआ था. ट्रंप ने यह भी कहा कि वह भविष्य में भारत यात्रा करेंगे. उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच मजबूत रिश्तों को आगे बढ़ाने की बात कही.

8. भारतीय नाविकों की मौत पर जताया दुख: बैठक के दौरान ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य हमलों में मारे गए तीन भारतीय नाविकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. ट्रंप ने दुख जताते हुए कहा कि समुद्री क्षेत्र में काम करना मुश्किल पेशा है. दोनों देश इस तरह के मुद्दों पर साथ मिलकर काम करेंगे. इस मुद्दे को लेकर भारत ने अमेरिका के सामने अपनी चिंता जताई थी.

9. नई सरकार और भविष्य पर ट्रंप की टिप्पणी: ट्रंप ने हल्के अंदाज में कहा कि अगर कोई नया नेता आता है तो वह निश्चित नहीं कह सकते, लेकिन मोदी के नेतृत्व में भारत आगे बढ़ेगा. उनकी यह टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई.

10. रणनीतिक साझेदारी पर नजर: हाल के महीनों में भारत-अमेरिका रिश्तों में कुछ मतभेद सामने आए, लेकिन दोनों देश रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, इस मुलाकात के बाद दोनों देशों ने संकेत दिए कि व्यापार और कुछ मुद्दों पर मतभेद के बावजूद रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग जारी रहेगा. भारत और अमेरिका के रिश्ते हिंद-प्रशांत क्षेत्र की राजनीति में बेहद अहम माने जाते हैं.

पीएम मोदी-ट्रंप के बीच किन मुद्दों पर हुई बातचीत?

G7 समिट के दौरान पीएम मोदी और ट्रंप के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक हुई. इस बातचीत में समुद्री सुरक्षा, भारतीय नाविकों की सुरक्षा, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने और भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. पीएम मोदी ने बैठक में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए समुद्री रास्तों का सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि लाखों भारतीय समुद्री क्षेत्र में काम करते हैं और उनकी सुरक्षा भारत की बड़ी चिंता है.

पीएम मोदी ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर चिंता जताई और कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रयासों के बाद इस क्षेत्र में स्थिरता आएगी और समुद्री मार्ग सुरक्षित रहेंगे.

वेस्ट एशिया में शांति प्रयासों पर ट्रंप को बधाई

बैठक के दौरान पीएम मोदी ने वेस्ट एशिया में शांति बहाली के प्रयासों के लिए ट्रंप की तारीफ की. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रयासों से क्षेत्र में शांति की उम्मीद बढ़ी है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका की टीमें साझा लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही हैं और दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है.

G7 में भारत की भूमिका

भारत इस बार G7 समिट में गेस्ट कंट्री के रूप में शामिल हुआ है. इस समूह में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा, जापान और यूरोपीय संघ शामिल हैं. पीएम मोदी ने G7 के मंच से भी समुद्री रास्तों की सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा पर जोर दिया था.

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