Begin typing your search...

ब्रांडेड दवाओं पर 100%, रसोई कैबिनेट पर 50%...ट्रंप के नए एलान में किसके लिए कितना टैरिफ? भारत को भी हो सकता है नुकसान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर की दवा कंपनियों को चौंकाने वाला ऐलान किया है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए कहा कि 1 अक्टूबर 2025 से अमेरिका में किसी भी ब्रांडेड और पेटेंटेड फार्मास्यूटिकल प्रोडक्ट पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन कंपनियों ने अमेरिका में अपनी दवा निर्माण फैक्ट्री का निर्माण शुरू कर दिया है, उन्हें इस टैक्स से छूट मिलेगी.

ब्रांडेड दवाओं पर 100%, रसोई कैबिनेट पर 50%...ट्रंप के नए एलान में किसके लिए कितना टैरिफ? भारत को भी हो सकता है नुकसान
X
( Image Source:  ANI )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी3 Mins Read

Updated on: 26 Sept 2025 7:14 AM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया की अर्थव्यवस्था को झकझोर देने वाला ऐलान किया है.ट्रंप ने घोषणा की है कि 1 अक्टूबर 2025 से अमेरिका किसी भी ब्रांडेड और पेटेंटेड फार्मास्यूटिकल प्रोडक्ट पर 100% टैरिफ लगाने जा रहा है.हालांकि, उन कंपनियों को छूट दी जाएगी जो अमेरिका में अपनी दवा निर्माण फैक्ट्री का निर्माण शुरू कर चुकी हैं।

इस फैसले का सीधा असर भारत जैसे देशों की दवा कंपनियों पर पड़ सकता है, क्योंकि अमेरिका भारतीय दवाओं का एक बड़ा बाजार है.ट्रंप का यह कदम न केवल दवा क्षेत्र बल्कि अन्य उद्योगों को भी प्रभावित करने वाला है, क्योंकि उन्होंने कई और वस्तुओं पर भी भारी टैक्स की घोषणा की है।

ट्रंप का एलान: "IS BUILDING" की नई परिभाषा

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि '1 अक्टूबर 2025 से हम किसी भी ब्रांडेड या पेटेंटेड फार्मास्यूटिकल प्रोडक्ट पर 100% टैरिफ लगाएंगे, जब तक कि कोई कंपनी अमेरिका में अपनी दवा निर्माण इकाई का निर्माण कर रही हो. उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि 'IS BUILDING' का मतलब होगा. 'breaking ground' और/या 'under construction'. यानी यदि किसी कंपनी ने अमेरिका में दवा फैक्ट्री का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है, तो उस पर यह टैरिफ लागू नहीं होगा.

भारतीय दवा कंपनियों पर असर

अमेरिकी बाजार में भारतीय दवा कंपनियों की मजबूत पकड़ है.ऐसे में यह टैरिफ सीधे तौर पर भारत की दवा निर्यात कंपनियों पर दबाव डाल सकता है.विशेषज्ञ मानते हैं कि जो कंपनियां अमेरिका में प्लांट लगाने की स्थिति में नहीं हैं, उन्हें बड़े नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.

अन्य उत्पादों पर भी भारी टैक्स

फार्मास्यूटिकल्स ही नहीं, ट्रंप ने घरेलू उत्पादों पर भी बड़े टैरिफ का ऐलान किया है.इनमें शामिल हैं-

  • किचन कैबिनेट्स और बाथरूम वैनिटीज़ पर 50% टैक्स
  • अपहोल्स्टर्ड फर्नीचर पर 30% टैक्स
  • हेवी ट्रक्स पर 25% टैक्स

ट्रंप का यह "टैरिफ ब्लिट्ज" साफ तौर पर अमेरिका में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और विदेशी कंपनियों को अमेरिका में निवेश करने के लिए मजबूर करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

विश्लेषण: चुनावी रणनीति या आर्थिक मजबूरी?

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह एलान अमेरिका की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.साथ ही, यह 2025 के अंत में होने वाले राजनीतिक समीकरणों के बीच उनकी चुनावी रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है.

वर्ल्‍ड न्‍यूज
अगला लेख