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Smit Machchhar पर हमला करने वाला फ्लाईदुबई का को-पायलट था कट्टरपंथी, महिलाओं से नहीं मिलाया हाथ, सहकर्मी ने क्या-क्या बताया?

फ्लाईदुबई के एक को-पायलट पर विमान के भारतीय कप्तान स्मित मच्छार पर हमला करने और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कथित कोशिश का आरोप लगा है. एक सहकर्मी ने को-पायलट को धार्मिक कट्टरपंथी बताते हुए दावा किया कि वह महिलाओं से हाथ मिलाने से भी परहेज करता था.

Flydubai Co-Pilot Accused of Extremism After Alleged Mid-Air Attack on Indian Pilot
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फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला हुआ. इस मामले में अब को-पायलट को लेकर नए खुलासे हुए हैं. फ्लाईदुबई के एक अन्य पायलट ने उसे 'धार्मिक कट्टरपंथी' बताते हुए दावा किया है कि वह दिनभर प्रार्थना करता था और महिलाओं से हाथ मिलाने से भी इनकार करता था.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी दावा किया है कि ओमान के नागरिक को-पायलट को इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा की ट्रेनिंग दी गई थी. उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में यह पता लगाया जा सकता है कि उसके ईरान से कोई संबंध थे या नहीं.

दूसरी ओर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और फ्लाईदुबई ने अब तक इस घटना को आतंकवादी हमला घोषित नहीं किया है. UAE ने मामले की जांच शुरू कर दी है, ताकि हमले के पीछे की मंशा और संभावित आतंकी संबंधों का पता लगाया जा सके.

को-पायलट के बारे में सहकर्मी ने क्या बताया?

इजरायली मीडिया चैनल 16 के विदेशी संवाददाता योसेफ इजरायल से बातचीत में फ्लाईदुबई के एक पायलट ने कथित हमलावर के व्यवहार के बारे में जानकारी दी. उसने दावा किया कि को-पायलट असामान्य व्यवहार करता था. वह दिनभर जरूरत से ज्यादा प्रार्थना करता था और महिलाओं से हाथ मिलाने से इनकार करता था.

रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान का नागरिक यह को-पायलट घटना से करीब आठ महीने पहले ही फ्लाईदुबई में शामिल हुआ था. हालांकि, सहकर्मी के इन दावों और कथित धार्मिक कट्टरपंथ के बीच संबंध की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विमान में हुई हिंसा के पीछे वास्तविक वजह क्या थी.

नेतन्याहू ने क्या कहा?

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि को-पायलट इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था और उसे कट्टरपंथी प्रशिक्षण मिला था. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ दिनों के भीतर यह पता लगाया जा सकता है कि उसका ईरान से कोई संबंध था या नहीं.

हालांकि, अभी तक सार्वजनिक रूप से ऐसा कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है, जिससे को-पायलट के ईरान से संबंधों की पुष्टि हो सके. UAE की जांच में भी घटना के पीछे आतंकवाद या किसी पूर्व नियोजित साजिश की भूमिका की पड़ताल की जा रही है.

सऊदी अरब में गिरफ्तार हुआ को-पायलट

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 बुधवार को दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी. उड़ान के दौरान को-पायलट ने कथित तौर पर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की.

इस दौरान विमान अचानक नीचे की ओर गिरने लगा. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने कथित हमलावर को काबू करने में मदद की. विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक में उतारा गया. घटना के बाद को-पायलट को गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि, हमले के पीछे उसकी मंशा अभी स्पष्ट नहीं है.

UAE और फ्लाईदुबई ने आतंकवादी हमला क्यों नहीं माना?

इजरायल ने इस घटना को आतंकवादी हमले के तौर पर देखा है, लेकिन UAE और फ्लाईदुबई ने अब तक इसे आधिकारिक रूप से आतंकवादी हमला नहीं बताया है. UAE ने कहा है कि जांच के जरिए घटना की परिस्थितियों, हमले की मंशा और संभावित आतंकी गतिविधियों से उसके संबंधों का पता लगाया जाएगा.

इस बीच, फ्लाईदुबई ने जांच पूरी होने तक इजरायल के लिए अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं. ऐसे में जांच का एक अहम सवाल यह है कि क्या को-पायलट ने व्यक्तिगत कारणों से हमला किया था या इसके पीछे किसी कट्टरपंथी संगठन अथवा अन्य नेटवर्क की भूमिका थी.

भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ

इस घटना में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर की भूमिका की भारत और इजरायल के प्रधानमंत्रियों ने सराहना की है. नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर कहा कि कैप्टन मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों और चालक दल को हमलावर पर काबू पाने का मौका दिया. इससे विमान में सवार लोगों की जान बचाने में मदद मिली.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन मच्छार के साहस की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छर ने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया. इस घटना में कैप्टन मच्छर की सूझबूझ और यात्रियों के हस्तक्षेप से एक बड़ी विमान दुर्घटना टल गई.

अब जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं?

इस घटना की जांच में कई अहम सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं. इनमें सबसे प्रमुख सवाल हमले के पीछे की मंशा और कथित कट्टरपंथी विचारधारा की भूमिका को लेकर हैं. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि को-पायलट का किसी आतंकी संगठन या विदेशी नेटवर्क से कोई संबंध था या नहीं. इसके अलावा, उसकी नियुक्ति और विमान उड़ाने की पात्रता से जुड़े पहलुओं की भी जांच महत्वपूर्ण होगी.

फिलहाल, धार्मिक कट्टरपंथ और ईरान से संबंधों को लेकर किए गए दावे जांच के दायरे में हैं. जब तक आधिकारिक जांच के नतीजे सामने नहीं आते, तब तक घटना को लेकर किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.

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