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कॉकपिट में खून, 14 हजार फीट नीचे गिरता विमान...कौन हैं FlyDubai के वो 5 Heroes, जिन्होंने बचाई 174 लोगों की जान?

Flydubai FZ1073 में को-पायलट के हमले के बाद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार समेत 5 लोगों ने बहादुरी दिखाई और 174 यात्रियों की जान बचाने में मदद की. आइये जानते हैं कौन थे ये लोग?

कॉकपिट में खून, 14 हजार फीट नीचे गिरता विमान...कौन हैं FlyDubai के वो 5 Heroes, जिन्होंने बचाई 174 लोगों की जान?
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दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बुधवार को हवा में बेहद गंभीर घटना हुई. आरोप है कि ओमान के को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया और विमान को नीचे ले जाने की कोशिश की. विमान में 174 लोग सवार थे, जिनमें 27 बच्चे और 6 क्रू सदस्य शामिल थे. विमान तेजी से नीचे गिरने लगा, लेकिन कैप्टन स्मित मच्छार ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की. इसके बाद यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू करने में मदद की.

विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया, जहां वह सुरक्षित उतरा. इस घटना में कैप्टन स्मित मच्छार के अलावा कई यात्रियों और अन्य लोगों ने भी अहम भूमिका निभाई. इजरायली अधिकारियों और यात्रियों के बयानों के मुताबिक, कुछ लोगों ने हमलावर को काबू किया, एक यात्री ने विमान के कंट्रोल को संभालने में मदद की और एक डेंटिस्ट ने घायल पायलट का इलाज किया. आज हम आपको इस विमान के चार Heroes के बारे में बताने वाल हैं.

कैप्टन स्मित मच्छार ने कैसे दिखाई हिम्मत?

कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया और क्रू को हमलावर के बारे में अलर्ट किया. इसके बाद यात्री कॉकपिट तक पहुंच सके और हमलावर को काबू करने में मदद कर सके. घटना के बाद स्मित मच्छार को सऊदी अरब के तबुक स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर प्लेन क्रैश करने वाला था, जिसका स्मित मच्छार ने विरोध किया. इस दौरान पर उन पर हमला भी हुआ.

कौन है प्लेन का दूसरा हीरो?

प्लेन के दूसरे हीरो का नाम इजरायली यात्री यानिव हायुन है. वह पेशे से प्लंबर हैं. उन्होंने बताया कि जब वह कॉकपिट में पहुंचे तो एक पायलट फर्श पर था, जबकि दूसरा कंट्रोल के पास था. हायुन ने हमलावर को पकड़कर कंट्रोल से दूर खींचा.

इसके बाद उन्होंने विमान के कंट्रोल को पीछे की ओर खींचकर विमान को ऊपर लाने और सीधा करने में मदद की. हायुन ने बताया कि उन्होंने विमान से जुड़ी एक टीवी सीरीज देखकर कुछ चीजें सीखी थीं और इसी वजह से उन्हें उस समय विमान के कंट्रोल को समझने में मदद मिली. उन्होंने कहा कि वह ‘Air Crash Investigation’ देखते हैं.

हायुन ने यह भी बताया कि उन्हें लगा कि कैप्टन स्मित मच्छार ने बेहोश होने से पहले कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया था. उनके मुताबिक, अगर दरवाजा बंद रहता तो यात्रियों के लिए अंदर पहुंचना मुश्किल होता.

कौन है तीसरा हीरो?

असफ राजुआन छुट्टी मनाकर थाईलैंड से लौट रहे थे. वह पेशे से इंचुरेंस एजेंसी के मालिक है. उन्होंने बताया कि अचानक विमान में चीख-पुकार सुनाई देने लगी. कुछ ही देर में यात्रियों को महसूस हुआ कि विमान सामान्य तरीके से नहीं उड़ रहा है और तेजी से नीचे जा रहा है. राजुआन भी कॉकपिट में पहुंचे और उन्होंने दूसरे यात्रियों के साथ मिलकर हमलावर को काबू करने में मदद की. उनके मुताबिक, कॉकपिट का दरवाजा खुला था और अंदर खून दिखाई दे रहा था. उन्होंने बताया कि यात्रियों और क्रू ने मिलकर हमलावर को करीब 50 मिनट तक काबू में रखा और विमान को सऊदी अरब में उतारने में मदद की.

कौन है चौथा हीरो?

ज्विका मानेस भी उन यात्रियों में शामिल थे, जो सबसे पहले कॉकपिट तक पहुंचे. वह पेशे से एक बैंकर हैं. उन्होंने बताया कि विमान तेजी से नीचे जा रहा था और यात्रियों में अफरा-तफरी मची हुई थी. मानेस ने कहा कि हमलावर विमान को जमीन की ओर ले जाने की कोशिश कर रहा था. उसे काबू करने के बाद यात्रियों ने फ्लाइट में मिले मल्टीमीडिया हेडफोन की केबल का इस्तेमाल करके उसे बांध दिया. उन्होंने बताया कि हमलावर काफी ताकतवर था और उसे काबू करने के लिए यात्रियों को काफी शारीरिक ताकत लगानी पड़ी.

कौन है पांचवां हीरो?

इस घटना में डेंटिस्ट शोटा मुसायेव ने भी अहम भूमिका निभाई. शुरुआत में वह हमलावर को काबू करने के लिए कॉकपिट की ओर गए. हमलावर के काबू में आने के बाद उन्होंने घायल कैप्टन स्मित मच्छार की मदद शुरू की. मुसायेव ने बताया कि स्मित मच्छार की हालत काफी खराब थी और उनके सिर तथा हाथों से बहुत ज्यादा खून निकल रहा था. विमान में वह अकेले डॉक्टर थे, इसलिए उन्होंने घायल पायलट के खून को रोकने की कोशिश की. उनके मुताबिक, इलाज के बाद स्मित मच्छार कुछ समय तक स्थिर रहे और वह लोगों से बातचीत भी कर पा रहे थे. हालांकि लैंडिंग से कुछ समय पहले उनकी हालत फिर थोड़ी बिगड़ गई.

मुसायेव ने CNN को बताया कि पायलट के सिर और हाथों पर कई गंभीर कट थे और काफी खून बह चुका था. उन्होंने कहा कि पायलट की हालत गंभीर थी, हालांकि उस समय इसे बेहद नाजुक स्थिति नहीं बताया गया था.

विमान में मचा था पूरा हड़कंप

घटना के दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा था. यात्रियों ने चीख-पुकार और अफरा-तफरी के बीच कॉकपिट की ओर जाने की कोशिश की. रिपोर्टों के मुताबिक, कैप्टन के घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों को अंदर पहुंचने का रास्ता मिला. हमलावर को काबू करने के बाद विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने कंट्रोल संभालने में मदद की. इसके बाद फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया और वहां सुरक्षित लैंडिंग कराई गई.

चार इजरायली नागरिकों की भूमिका भी सामने आई

इस पूरी घटना में यानिव हायुन, असफ राजुआन, ज्विका मानेस और डेंटिस्ट शोटा मुसायेव की भूमिका सामने आई है. इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने इन चारों को नागरिक वीरता के राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए सिफारिश करने की बात कही है.

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