जब एक पाकिस्तानी पत्रकार ने जयशंकर से आतंकवाद को लेकर पूछा ये सवाल, विदेश मंत्री ने लगाई लताड़- 9 Point में जानिए क्या-क्या हुआ
UNGA में पाकिस्तानी रिपोर्टर के आतंकवाद से जुड़े सवाल पर S Jaishankar ने तीखा जवाब दिया. जानिए 9 पॉइंट में आइए जानते हैं Pahalgam, TRF और FATF का पूरा मशला क्या है....
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर और एक पाकिस्तानी रिपोर्टर के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जब रिपोर्टर ने आतंकवाद से जुड़ा सवाल उठाने की कोशिश की तो जयशंकर ने जवाब दिया-'A terrorist country is asking me that question.' एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है. इस बयान के बाद यह घटना चर्चा में आ गई है.
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाता रहा है. आइए 7 पॉइंट में समझते हैं कि न्यूयॉर्क में आखिर हुआ क्या और इसके पीछे की पूरी कहानी क्या है.
1. UNGA में पाकिस्तानी रिपोर्टर ने क्या सवाल पूछा?
यह घटना न्यूयॉर्क में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान हुई, जिसमें जयशंकर लाइबेरिया की विदेश मंत्री Sara Beysolow Nyanti के साथ मौजूद थे. ब्रीफिंग का विषय Shipping और Seafarers की Safety and Security था. रिपोर्टिंग के मुताबिक, इसे पहले से remarks-only briefing के तौर पर घोषित किया गया था. कार्यक्रम के अंत में एक पाकिस्तानी रिपोर्टर ने आतंकवाद से जुड़ा सवाल उठाने की कोशिश की.
2. जयशंकर ने क्या जवाब दिया?
रिपोर्टर के सवाल पर जयशंकर ने पाकिस्तान का संदर्भ लेते हुए कहा कि 'A terrorist country is asking me that question.' इसके बाद उन्होंने सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया जारी रखी. यह टिप्पणी सोशल मीडिया और न्यूज रिपोर्ट्स में तेजी से चर्चा का विषय बनी. यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 'Terrorist Country' जयशंकर द्वारा इस्तेमाल किया गया राजनीतिक आरोप/वर्णन है, न कि इस लेख की स्वतंत्र कानूनी या तथ्यात्मक श्रेणीकरण.
3. जयशंकर अभी न्यूयॉर्क में क्यों हैं?
एस. जयशंकर भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के High-Level Week में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क में हैं. इस दौरान वह कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं. उनकी UNGA भागीदारी के दौरान आतंकवाद, वैश्विक सुरक्षा और भारत की विदेश नीति से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में रहे हैं.
4. भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद का मुद्दा इतना बड़ा क्यों है?
भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर अपनी जमीन से या उसके नियंत्रण वाले क्षेत्रों से सक्रिय आतंकी संगठनों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाता रहा है. भारत का आधिकारिक रुख रहा है कि सीमा पार आतंकवाद को सामान्य राजनीतिक विवाद की तरह नहीं देखा जाना चाहिए और आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है. दूसरी तरफ पाकिस्तान भारत के आरोपों को खारिज करता रहा है और दोनों देशों के बीच आतंकवाद तथा सुरक्षा को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी रहे हैं.
5. Pahalgam Terror Attack के बाद विवाद और बढ़ा
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम इलाके में हुए आतंकी हमले में कम से कम 26 लोगों की मौत हुई थी. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 25 अप्रैल 2025 को हमले की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के सभी रूपों को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया. UN के अनुसार, हमले में नागरिक मारे गए थे और संगठन ने इस घटना की निंदा करते हुए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की जरूरत बताई थी. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तेजी से बढ़ा. भारत ने बाद में Operation Sindoor के जरिए पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाने की बात कही.
6. TRF का नाम क्यों आया?
Pahalgam हमले के बाद The Resistance Front (TRF) का नाम भी सामने आया. भारत ने TRF को पाकिस्तान स्थित Lashkar-e-Taiba (LeT) का प्रॉक्सी संगठन बताया है. भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी TRF और Pahalgam हमले के बीच संबंध का मुद्दा उठाया है. हालांकि किसी भी आतंकी हमले से जुड़े संगठन या जिम्मेदारी के दावों को रिपोर्ट करते समय संबंधित आधिकारिक जांच और अंतरराष्ट्रीय दस्तावेजों को आधार बनाना जरूरी है. UN Security Council ने Pahalgam हमले के बाद अपने बयान में हमले के perpetrators, organizers, financiers and sponsors को जवाबदेह ठहराने की बात कही थी.
7. FATF की कार्रवाई में पाकिस्तान का नाम क्यों आता है?
आतंकवाद की फंडिंग को लेकर पाकिस्तान पहले Financial Action Task Force (FATF) की enhanced monitoring प्रक्रिया में रहा है. भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवादी फंडिंग और आतंकी नेटवर्क के खिलाफ वित्तीय कार्रवाई का मुद्दा उठाता रहा है. यहां एक जरूरी अंतर समझना चाहिए. FATF की निगरानी किसी देश को 'आतंकवादी देश' घोषित करने के बराबर नहीं है. FATF का फोकस देशों की anti-money laundering और counter-terrorist financing व्यवस्थाओं पर होता है.
8. जयशंकर के बयान का असली कूटनीतिक संदर्भ क्या है?
जयशंकर का यह जवाब किसी अलग-थलग घटना के बजाय भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे आतंकवाद संबंधी विवाद की पृष्ठभूमि में आया है. भारत का कहना रहा है कि आतंकवाद को राजनीतिक मुद्दे के रूप में सामान्य नहीं किया जाना चाहिए. वहीं पाकिस्तान भारत के आरोपों से असहमति जताता रहा है. इसलिए UN जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर आया यह छोटा-सा सवाल और जवाब दोनों देशों के पुराने कूटनीतिक मतभेदों को फिर चर्चा में ले आया है.
9. UN में भारत का फोकस सिर्फ पाकिस्तान पर नहीं है
जयशंकर की UNGA यात्रा का एजेंडा केवल भारत-पाकिस्तान संबंधों तक सीमित नहीं है. वह भारत की व्यापक विदेश नीति और वैश्विक मुद्दों पर भी भारत का पक्ष रख रहे हैं. Shipping और Seafarers की सुरक्षा पर हुई ब्रीफिंग भी इसी व्यापक वैश्विक सुरक्षा एजेंडे का हिस्सा थी. इसी कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तानी रिपोर्टर के सवाल से यह विवादित आदान-प्रदान हुआ.




