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Russia Ukraine War: राजधानी कीव पर पुतिन का कहर! 660 ड्रोन और मिसाइलों की बरसात; देखिए तबाही का मंजर

रूस-यूक्रेन युद्ध में बड़ा हमला, 660 ड्रोन-मिसाइल से कीव पर वार. ड्रोन टेक्नोलॉजी ने बदली जंग की तस्वीर, जानिए पूरा अपडेट.

Russia Ukraine War: राजधानी कीव पर पुतिन का कहर!  660 ड्रोन और मिसाइलों की बरसात; देखिए तबाही का मंजर
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी6 Mins Read

Updated on: 25 April 2026 5:13 PM IST

रूस-यूक्रेन युद्ध अब एक नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है, जहां मैदान में सिर्फ सैनिक ही नहीं बल्कि ड्रोन, मिसाइल और हाई-टेक हथियार निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं. हालात इतने तेजी से बदल रहे हैं कि युद्ध की पारंपरिक परिभाषा भी बदलती नजर आ रही है.

इसी बीच रूसी रक्षा मंत्रालय ने 25 अप्रैल 2026 को बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने यूक्रेन के खिलाफ बड़े पैमाने पर सटीक हमले किए हैं. वहीं, युद्ध के मैदान से आ रही तस्वीरें और बयान इस संघर्ष की भयावहता और बदलती रणनीति को साफ दिखाते हैं.

क्या रूस पर हमले तेज हो रहे हैं और क्या जवाब कमजोर पड़ रहा है?

रूस के एक मिलब्लॉगर Voenkor Kotenok ने स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि 'दुश्मन पूरी तरह बेखौफ होकर इसका आनंद ले रहा है. और भले ही हमारा रक्षा मंत्रालय लगभग हर दिन ‘जवाबी हमलों’ की बात करता है, लेकिन ऐसा लगता है कि इससे हमारे सामूहिक दुश्मन पर कोई असर नहीं पड़ रहा, जो हर महीने और मजबूत होता जा रहा है. ‘ओरेखनिक’ की धमकियां उसके लिए पर्याप्त नहीं हैं, और वह हर दिन ‘जेरानियम’ का मुकाबला करना सीख रहा है.

दुश्मन खुले तौर पर मजाक उड़ाते हुए यह वादा कर रहा है कि वह मिसाइल और ड्रोन हमलों को और तेज करेगा, यहां तक कि उरल्स के पार तक भी. अगर रूस पर हमलों की यही रफ्तार जारी रही और हम इसका निर्णायक जवाब देने में असफल रहे, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं. क्योंकि यह युद्ध है.' इस बयान से साफ है कि रूस के भीतर भी अब हमलों की बढ़ती तीव्रता और जवाबी कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं.

क्या ड्रोन अब युद्ध का सबसे खतरनाक हथियार बन चुके हैं?

जंग के मैदान से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई, जिसमें एक थका हुआ रूसी सैनिक चलते हुए दिख रहा था और तभी उसे यूक्रेन के FPV ड्रोन ने निशाना बना लिया. यह घटना दिखाती है कि अब युद्ध सिर्फ टैंकों और बंदूकों का नहीं रहा, बल्कि ड्रोन तकनीक ने इसे पूरी तरह बदल दिया है. छोटे लेकिन घातक ड्रोन अब दूर बैठकर सटीक हमले कर रहे हैं, जिससे सैनिकों की सुरक्षा चुनौतीपूर्ण हो गई है.

रूस ने यूक्रेन पर क्या बड़ा हमला किया?

रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यूक्रेन द्वारा रूस के नागरिक ठिकानों पर हमलों के जवाब में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई. इस दौरान लंबी दूरी के सटीक हथियारों- जमीन, हवा और समुद्र से लॉन्च होने वाली मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया. हमलों का निशाना यूक्रेन के रक्षा उद्योग, ईंधन और ऊर्जा प्रतिष्ठान (POL), और बंदरगाह इन्फ्रास्ट्रक्चर रहे, जो यूक्रेनी सेना को सपोर्ट कर रहे थे. रूस का दावा है कि सभी निर्धारित लक्ष्य सफलतापूर्वक तबाह कर दिए गए.

क्या रूस ने नए इलाकों पर कब्जा किया है?

रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी सेना ने खार्कोव क्षेत्र के बोचक़ोवो (Bochkovo) पर नियंत्रण हासिल कर लिया है. इसके अलावा कई इलाकों में यूक्रेनी सेना की ब्रिगेड्स और संसाधनों को भारी नुकसान पहुंचाया गया. सूमी, डोनेट्स्क और ज़ापोरोज़े जैसे क्षेत्रों में भी रूसी सेना ने हमले कर यूक्रेनी ठिकानों को निशाना बनाया.

यूक्रेनी सेना को कितना नुकसान हुआ?

रूस के दावों के अनुसार

  • सैकड़ों यूक्रेनी सैनिक मारे गए
  • कई बख्तरबंद वाहन और मोटर गाड़ियां तबाह हुईं
  • इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर स्टेशन और गोला-बारूद डिपो तबाह किए गए
  • विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग ग्रुप्स की कार्रवाई में कुल मिलाकर भारी नुकसान का दावा किया गया है.

क्या रूस की एयर डिफेंस भी सक्रिय रही?

रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसकी एयर डिफेंस यूनिट्स ने 11 गाइडेड बम और 256 ड्रोन मार गिराए. यह आंकड़ा दिखाता है कि हवाई हमलों की तीव्रता कितनी ज्यादा बढ़ चुकी है.

अब तक युद्ध में कितना नुकसान हुआ है?

रूस के अनुसार, युद्ध की शुरुआत से अब तक यूक्रेन को भारी सैन्य नुकसान हुआ है-

  • 671 विमान
  • 284 हेलीकॉप्टर
  • 1,37,522 ड्रोन
  • 29,038 टैंक और बख्तरबंद वाहन
  • 34,598 तोपें और मोर्टार
  • 60,117 सैन्य सपोर्ट वाहन

ये आंकड़े युद्ध की व्यापकता और विनाश की गंभीरता को दर्शाते हैं.

क्या यह युद्ध और खतरनाक मोड़ लेने वाला है?

हालात को देखते हुए यह साफ है कि रूस-यूक्रेन युद्ध अब और अधिक जटिल और तकनीकी होता जा रहा है. ड्रोन, मिसाइल और साइबर रणनीतियों ने इसे एक नई दिशा दे दी है. जहां एक तरफ रूस बड़े हमलों का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ अंदरूनी आवाजें भी चेतावनी दे रही हैं कि अगर रणनीति नहीं बदली गई, तो परिणाम और गंभीर हो सकते हैं.

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