क्या ट्रंप करेंगे RSS को बैन, मोहन भागवत के न्यूयॉर्क इवेंट पर क्यों मचा बवाल... किसने की वीजा रद्द करने की मांग- 7 पॉइंट्स
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का 29 अगस्त को अमेरिका की न्यूयॉर्क सिटी में एक कार्यक्रम होने वाला है. जिसको लेकर अब विवाद खड़ा होता दिखाई दे रहा है. USCIRF ने अब RSS पर बैन लगाने की मांग की है.
Mohan Bhagwat and Donald Trump
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में 29 अगस्त को होने वाले उनके कार्यक्रम से पहले अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग USCIRF ने एक बार फिर भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति पर सवाल उठाए हैं. आयोग ने अमेरिकी सरकार से RSS के सदस्यों और कथित तौर पर धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन में शामिल भारतीय अधिकारियों पर बैन लगाने पर विचार करने की अपील की है.
USCIRF ने मोहन भागवत का अमेरिकी वीजा रद्द करने और भविष्य में उनके अमेरिका प्रवेश पर रोक लगाने की मांग भी की है. दूसरी ओर, भारत का विदेश मंत्रालय पहले ही USCIRF की टिप्पणियों को खारिज करते हुए आयोग को पक्षपाती बता चुका है.
7 पॉइंट्स में जानें पूरा विवाद
1. मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मशहूर मैडिसन स्क्वायर गार्डन में "Universal Oneness Celebration" कार्यक्रम को संबोधित करने वाले हैं. यह आयोजन AHEAD की ओर से किया जा रहा है और इसमें भारतीय-अमेरिकी समुदाय के हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. यह कार्यक्रम RSS के शताब्दी वर्ष से जुड़े वैश्विक आउटरीच अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है
2. 26 अगस्त को जारी अपने बयान में USCIRF ने भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई. USCIRF के चेयरमैन आसिफ महमूद ने कहा, “भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति लगातार खराब हो रही है. धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाने के लिए अक्सर हिंसा और भड़काऊ बयानबाजी का इस्तेमाल किया जाता है.”
3. USCIRF ने अमेरिकी सरकार से मोहन भागवत का मौजूदा वीजा रद्द करने और भविष्य में उनके अमेरिका प्रवेश पर रोक लगाने की भी मांग की है. आयोग की उपाध्यक्ष सीसी हेल ने कहा कि अमेरिका के पास धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर भारत को जवाबदेह ठहराने का अवसर है.
4. USCIRF की मांग पर भारत पहले ही कड़ा रुख अपना चुका है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने USCIRF को पक्षपाती संस्था बताते हुए उसके बयानों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया था. उन्होंने कहा, “हम सभी जानते हैं कि यह एक पक्षपाती संस्था है. कई सालों से यह भारत के बारे में गलत और भड़काऊ बयान देती रही है. हमें ऐसी संस्थाओं को नजरअंदाज करना चाहिए, क्योंकि उनका अपना एजेंडा है और उनकी कोई विश्वसनीयता नहीं है."
5. USCIRF की ताजा मांग के अलावा न्यूयॉर्क में भी भागवत के कार्यक्रम को लेकर विरोध सामने आया है. न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने कार्यक्रम का समर्थन नहीं करने की बात कही है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार शहर प्रशासन के पास है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है.
6. भारत और USCIRF के बीच धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर मतभेद नए नहीं हैं. अमेरिकी आयोग पिछले सालों में भी भारत की धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति पर रिपोर्ट और बयान जारी करता रहा है, जबकि भारतीय सरकार उसकी टिप्पणियों को कई बार खारिज कर चुकी है.
7. मोहन भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, विवाद भी बढ़ता जा रहा है. एक ओर USCIRF वीजा रद्द करने और RSS सदस्यों पर बैन की मांग कर रहा है, तो दूसरी ओर भारत सरकार ने आयोग के आरोपों को खारिज किया है. ऐसे में 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाला कार्यक्रम अब केवल RSS के वैश्विक आउटरीच तक सीमित नहीं रह गया है.




