फारस की खाड़ी में 'खूनी खेल'! 'शार्क का खाना बनेंगे अमेरिकी सैनिक', ईरान ने पकड़ी US की वो नस बिलबिला जाएंगे Trump
फारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को सीधी और तीखी चेतावनी दी है कि अगर किसी भी तरह का जमीनी ऑपरेशन या कब्जे की कोशिश हुई, तो अमेरिकी सैनिक “शार्क का खाना” बन सकते हैं.
करीब 1 महीने से अधिक जारी मीडिल ईस्ट की इस जंग में हर दिन नए-नए खतरनाक मोड़ दिख रहे हैं. हाल ही घटना की बात करें तो ईरानी सेना के अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को डायरेक्ट धमकी देते हुए कहा कि यदि फारस की खाड़ी में किसी तरह का जमीनी ऑपरेशन या कब्जे की कोशिश की तो इसके परिणाम ठीक नहीं होंगे.
रविवार को जारी एक वीडियो संदेश में ईरानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने न सिर्फ सख्त लहजे में अमेरिका को आगाह किया, बल्कि यह भी संकेत दिया कि ईरान किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है. यह बयान ऐसे समय आया है जब पेंटागन द्वारा संभावित सैन्य योजनाओं की खबरें सामने आ रही हैं.
ईरान ने अमेरिका को धमकी में क्या कहा?
ईरान के खातम अल-अंबिया मुख्यालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जोलफकारी ने साफ शब्दों में कहा कि 'अमेरिकी कमांडर और सैनिक फारस की खाड़ी की शार्क मछलियों का अच्छा भोजन बन जाएंगे.' उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने फारस की खाड़ी के द्वीपों पर कब्जा करने या जमीनी हमला करने की कोशिश की तो उसके सैनिकों को समुद्र की गहराइयों में अंजाम भुगतना पड़ेगा.'
ट्रंप पर क्यों लगाया गया ‘मोसाद का दबाव’ होने का आरोप?
जोलफकारी ने अपने बयान में मोसाद का भी जिक्र करते हुए कहा कि 'इसमें कोई शक नहीं है कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump एपस्टीन केस से जुड़े अपने अतीत के कारण आतंकवादी संगठन Mossad के दबाव में हैं और ईरान के खिलाफ युद्ध और आक्रामकता में इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के एक मोहरे बन गए हैं.' इतना ही नहीं आगे वो आरोप लगाया कि ट्रंप इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के 'मोहरा' बन चुके हैं और ईरान के खिलाफ आक्रामक नीति उसी दबाव का परिणाम है.
क्या ईरान युद्ध के लिए तैयार है?
ईरानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि 'पलों की गिनती कर रहा है', यानि ईरान किसी भी संभावित हमले के जवाब के लिए हर पल तैयार है और अमेरिकी कार्रवाई होते ही जवाबी हमला शुरू किया जा सकता है.
पेंटागन की क्या योजना सामने आई है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेंटागन पिछले कई हफ्तों से जमीनी ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है. इन योजनाओं में खासतौर पर खार्ग द्वीप और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सैन्य कार्रवाई शामिल हो सकती है. हालांकि, अभी तक डोनाल्ड ट्रंप ने किसी भी सैन्य ऑपरेशन को अंतिम मंजूरी नहीं दी है.
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का क्या मतलब है?
ईरान की इस सख्त चेतावनी और अमेरिका की संभावित सैन्य तैयारी ने पूरे मध्य पूर्व को एक बड़े टकराव के मुहाने पर ला खड़ा किया है. अगर हालात काबू में नहीं आए, तो यह संघर्ष वैश्विक स्तर पर तेल सप्लाई, समुद्री व्यापार और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है.




