भारत को सिर्फ एक साइन से मिल जाता तेल, हमारे पास एक दिन का भी रिजर्व नहीं, मंत्री ने ही खोली पाकिस्तान की पोल
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली मलिक ने बताया कि पाकिस्तान के पास एक दिन का भी तेल भंडार नहीं है, जबकि भारत जरूरत पड़ने पर तुरंत अपने रिजर्व इस्तेमाल कर सकता है.
पाकिस्तान के पास एक दिन का भी नहीं पेट्रोल
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान-अमेरिका टकराव के बीच पाकिस्तान में फ्यूल सेफ्टी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली मलिक ने माना कि देश के पास रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व नाम की कोई मजबूत सिस्टम नहीं है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास ऐसा तेल भंडार नहीं है, जिसे इमरजेंसी में तुरंत इस्तेमाल किया जा सके.
अली मलिक का यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी चिंता बनी हुई है. मंत्री ने माना कि मौजूदा हालात ने पाकिस्तान की ऊर्जा सुरक्षा की कमजोरियों को पूरी तरह उजागर कर दिया है.
;भारत की तरह एक साइन में तेल नहीं निकाल सकते'
पाकिस्तान के निजी चैनल समा टीवी को दिए इंटरव्यू में अली मलिक ने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि पाकिस्तान की स्थिति भारत से बिल्कुल अलग है. उन्होंने कहा कि भारत के पास बड़े पैमाने पर रणनीतिक तेल भंडार मौजूद हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर सरकार तुरंत इस्तेमाल कर सकती है.
क्या है पाकिस्तान की कंडीशन?
मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के पास सिर्फ कमर्शियल लेवल का तेल स्टॉक है. देश में मौजूद कच्चे तेल का भंडार केवल 5 से 7 दिनों तक ही चल सकता है, जबकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के पास मौजूद रिफाइंड फ्यूल लगभग 20 से 21 दिनों की जरूरत पूरी कर सकता है. उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान के पास एक दिन के लिए भी अलग से रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व नहीं है.
युद्ध और वैश्विक संकट ने बढ़ाई चिंता
अली मलिक ने माना कि पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध पाकिस्तान के लिए बड़ा चेतावनी संकेत है. उनका कहना है कि अगर वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होती है या समुद्री रास्तों पर संकट बढ़ता है, तो पाकिस्तान के सामने गंभीर ईंधन संकट खड़ा हो सकता है. उन्होंने कहा कि देश को अब लंबे समय की ऊर्जा तैयारी पर ध्यान देना होगा. स्टोरेज क्षमता बढ़ाने और रणनीतिक रिजर्व तैयार करने की जरूरत पहले से ज्यादा महसूस की जा रही है.
क्यों अटका प्लान?
पेट्रोलियम मंत्री के मुताबिक पाकिस्तान में रणनीतिक तेल भंडार बनाने को लेकर रिसर्च पहले ही हो चुकी है. एक स्वतंत्र सलाहकार ने इस पर विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार की थी कि देश में ऐसे रिजर्व कैसे बनाए जा सकते हैं. हालांकि, इस योजना पर अब तक अमल नहीं हो सका है. मंत्री ने बताया कि इतने बड़े स्तर पर तेल भंडारण प्रणाली विकसित करने में सैकड़ों मिलियन डॉलर का खर्च आएगा, जो पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है.




