कंगाल पाकिस्तान, बढ़ती ईंधन कीमतों से परेशान! सरकारी गाड़ियों के तेल में कटौती से लेकर नई गाड़ी खरीदने तक... जानें क्या-क्या लगाई रोक
पाकिस्तान इस समय बढ़ती ईंधन की कीमतों के चलते आई ऊर्जा आपूर्ति की रुकावट से जूझ रहा है. जिसके चलते अब पाक सरकार ने कई सरकारी चीजों पर रोक लगाने का फैसला किया है.
Pakistan Fuel Energy Crisis
पाकिस्तान में लगातार बढ़ रही महंगाई और ईंधन की कीमतों में उछाल के बाद ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट आ रही है, जिसको लेकर अब पाकिस्तान सरकार ने फिजूल खर्ची से बचने के उपायों का ऐलान किया है. सरकार का लक्ष्य सरकारी खर्च को नियंत्रित करने के साथ-साथ ईंधन की खपत कम करना है. नई व्यवस्था के तहत सरकारी वाहनों के लिए इस्तेमाल होने वाले तेल में कटौती की जाएगी और वाहनों समेत कई तरह की टिकाऊ वस्तुओं की सरकारी खरीद पर रोक लगाई गई है.
हालांकि, आईटी से जुड़ी खरीद को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है. पाकिस्तान के सामने यह कदम ऐसे समय आया है, जब देश गैस और बिजली की कमी के साथ-साथ बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों और एलएनजी आपूर्ति में रुकावट जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है.
किन-किन सरकारी चीजों में होगी कटौती?
1. नई नीति के तहत सरकारी वाहनों के लिए निर्धारित ईंधन आवंटन में कटौती की जाएगी. सरकार का मानना है कि सरकारी स्तर पर ईंधन की खपत घटाने से खर्च को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.
2. इसके साथ ही सरकारी विभागों को वाहनों और अधिकांश अन्य टिकाऊ सामान की नई खरीद से दूर रहने को कहा गया है.
3. पाकिस्तान सरकार ने सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्राओं को सीमित करने का फैसला किया है. इसके अलावा आधिकारिक भोज आयोजित करने पर भी रोक लगाई गई है.
4. सरकारी बैठकों के लिए टेलीकॉन्फ्रेंसिंग का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. इससे अधिकारियों की यात्रा कम होगी और ईंधन के साथ-साथ सरकारी खर्च में भी बचत की जा सकेगी.
क्यों बढ़ी पाकिस्तान की मुश्किल?
पाकिस्तान में ये फैसले ऐसे समय लिए गए हैं, जब देश ऊर्जा संकट से जूझ रहा है. गैस और बिजली की कमी के अलावा एलएनजी की आपूर्ति में रुकावट ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. वहीं, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ने सरकार और आम लोगों दोनों पर आर्थिक दबाव बढ़ाया है. आयातित ईंधन और एलएनजी पर निर्भरता के कारण पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में होने वाले बदलावों के प्रति संवेदनशील है.
क्या पहले भी उठाया था ऐसा कदम?
ऊर्जा और आर्थिक दबाव के बीच पाकिस्तान ने इस साल दूसरी बार ये कदम उठाया है. इससे पहले मार्च में सरकार ने ईंधन की खपत कम करने के लिए कई कदम उठाए थे. उस दौरान स्कूलों को अस्थायी रूप से दो सप्ताह के लिए बंद किया गया था और सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा गया था.
क्या है पाकिस्तान की नई ईंधन सब्सिडी?
सरकारी खर्च घटाने के उपायों के साथ पाकिस्तान ने आम लोगों को राहत देने के लिए नई ईंधन सब्सिडी नीति भी लागू की है. बुधवार से शुरू हुई इस योजना के तहत मोटरसाइकिल, रिक्शा और छोटी कारों के मालिकों को प्रति लीटर 100 पाकिस्तानी रुपये की सब्सिडी दी जा रही है. सब्सिडी मासिक ईंधन कोटा के अधीन होगी। सरकार का उद्देश्य बढ़ती ईंधन कीमतों का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर कम करना है.




