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क्या पाकिस्तान करने वाला है अपने संविधान में बदलाव, POK-गिलगित और बाल्टिस्तान को लेकर क्या है प्लानिंग?

PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान को लेकर पाकिस्तान अब अलग ही खिचड़ी पका रहा है. रिपोर्ट सामने आ रही है पाकिस्तान अंतरिम रूप से इन क्षेत्रों को प्रांत जैसा संवैधानिक दर्जा देने पर विचार कर रहा है.

क्या पाकिस्तान करने वाला है अपने संविधान में बदलाव, POK-गिलगित और बाल्टिस्तान को लेकर क्या है प्लानिंग?
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पाकिस्तान में अब PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान की संवैधानिक स्थिति को लेकर नए विकल्पों पर मंथन चल रहा है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान इन दोनों क्षेत्रों को अंतरिम रूप से प्रांत जैसा संवैधानिक दर्जा देने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है. हालांकि, प्रस्तावित व्यवस्था की अंतिम रूपरेखा अभी तय नहीं हुई है.

पाकिस्तान यह संभावना तलाश रहा है कि कश्मीर विवाद पर अपने आधिकारिक रुख को बनाए रखते हुए PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान को प्रांतों के समान अंतरिम संवैधानिक दर्जा दिया जा सके. सूत्रों के मुताबिक, यह बदलाव चर्चित 28वें संवैधानिक संशोधन या किसी अन्य आगामी कानून के जरिए किया जा सकता है.

कैसे होगा संवैधानिक बदलाव?

सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित बदलाव के लिए 28वें संवैधानिक संशोधन का रास्ता अपनाया जा सकता है. इसके अलावा किसी अलग कानून के जरिए भी व्यवस्था में बदलाव की संभावना पर विचार हो रहा है. पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 1(2) में देश में शामिल क्षेत्रों का उल्लेख है. ऐसे में इस अनुच्छेद में संभावित संशोधन भी प्रस्तावित बदलाव का अहम हिस्सा हो सकता है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अंतिम तौर पर अनुच्छेद 1(2) में बदलाव किया जाएगा या नहीं.

भारत-चीन सीमा वार्ता पर क्यों नजर?

पाकिस्तान की इस संभावित पहल के पीछे भारत और चीन के बीच चल रही बातचीत को भी एक महत्वपूर्ण कारक माना जा रहा है. भारत और चीन अपने द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने तथा सीमा से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवादों को सुलझाने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं.

भारत इस घटनाक्रम पर इसलिए नजर रख रहा है क्योंकि भारत-चीन सीमा विवाद का जम्मू-कश्मीर के विवाद से सीधा संबंध है. पाकिस्तान को आशंका है कि भारत और चीन के बीच सीमा व्यवस्था में किसी तरह का बदलाव क्षेत्र के मौजूदा राजनीतिक और क्षेत्रीय समीकरणों को प्रभावित कर सकता है.

अक्साई चिन से लेकर शक्सगाम घाटी तक क्या विवाद?

भारत-चीन सीमा विवाद जम्मू-कश्मीर से जुड़े व्यापक क्षेत्रीय विवाद का भी हिस्सा है. चीन अक्साई चिन पर नियंत्रण रखता है, जबकि पाकिस्तान PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान के बड़े हिस्से का प्रशासन संभालता है. इसके अलावा 1963 में पाकिस्तान और चीन के बीच हुए सीमा समझौते के तहत पाकिस्तान ने शक्सगाम घाटी चीन को सौंप दी थी. भारत ने इस समझौते को स्वीकार नहीं किया है.

दोनों क्षेत्रों की संवैधानिक स्थिति क्यों है संवेदनशील?

गिलगित-बाल्टिस्तान और PoK को लेकर पाकिस्तान की संवैधानिक व्यवस्था उसके आधिकारिक प्रांतों से अलग रही है. हालांकि पाकिस्तान इन क्षेत्रों पर प्रशासनिक नियंत्रण रखता है, लेकिन उनकी संवैधानिक स्थिति लंबे समय से राजनीतिक रूप से संवेदनशील विषय रही है. यदि इन क्षेत्रों को अंतरिम रूप से प्रांत जैसा दर्जा देने की दिशा में कदम उठाया जाता है, तो यह पाकिस्तान के मौजूदा संवैधानिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव होगा.

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