रूस में आया भूकंप तो जापान ने गलती से जारी कर दिया 9.9 की तीव्रता का अलर्ट, कितना भीषण और तबाही मचा सकता है ऐसा Earthquake
जापान में 16 अक्टूबर को गलती से 9.9 तीव्रता के भूकंप का अलर्ट जारी कर दिया था, जबकि भूकंप की रियल तीव्रता 6.9 थी. हालांति 8 मिनट के बाद भूकंप के अलर्ट को वापस ले लिया गया था.
Earthquake Alert
जापान में शुक्रवार 16 अक्टूबर को मौसम विज्ञान एजेंसी की एक तकनीकी गलती के कारण लोगों में घबराहट फैल गई. एजेंसी ने गलती से 9.9 तीव्रता के बेहद शक्तिशाली भूकंप की इमरजेंसी चेतावनी जारी कर दी. मोबाइल फोन आदि पर अलार्म बजने लगे और उत्तरी, पूर्वी तथा मध्य जापान के लोगों को तेज झटकों के लिए तैयार रहने को कहा गया. हालांकि, करीब 8 मिनट बाद एजेंसी ने चेतावनी वापस ले ली. बाद में स्पष्ट हुआ कि जो भूकंप आया था उसकी तीव्रता 6.9 थी.
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, भूकंप चेतावनी प्रणाली ने रूस के कामचटका प्रायद्वीप के पास आए भूकंप के केंद्र की पहचान गलत तरीके से कुरिल द्वीप समूह के नजदीक कर दी थी. इसी गलती के कारण भूकंप की तीव्रता 9.9 दर्ज हो गई. अब सवाल यह है कि अगर सच में 9.9 तीव्रता का भूकंप आए, तो उसकी तबाही कितनी भयानक हो सकती है?
रूस में कहां आया था भूकंप?
रूस के कामचटका प्रायद्वीप के पास शुक्रवार को 6.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. जानकारी के मुताबिक, इसका केंद्र रूस के ओज़र्नोव्स्की से लगभग 76 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था. भूकंप करीब 143 किलोमीटर की गहराई पर आया. इसका केंद्र 52.01 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 157.25 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था. रूस की सरकारी समाचार एजेंसी टास ने रूसी विज्ञान अकादमी की कामचटका शाखा की भूभौतिकीय सेवा के वैज्ञानिकों के हवाले से बताया कि क्षेत्र के कुछ हिस्सों में इसके झटके महसूस किए गए.
कितना खतरनाक होता है 9.9 तीव्रता का भूकंप?
9.9 तीव्रता का भूकंप काफी ज्यादा विनाशकारी हो सकता है. हालांकि, अब तक दर्ज सबसे शक्तिशाली भूकंप की तीव्रता 9.5 थी. इसलिए 9.9 तीव्रता के भूकंप के प्रभावों को समझने के लिए वैज्ञानिक अनुमानों और भूकंप के स्थान, गहराई को ध्यान में रखना जरूरी है. भूकंप की तीव्रता मापने के लिए आज आम तौर पर मोमेंट मैग्नीट्यूड स्केल का इस्तेमाल किया जाता है. यह एक लॉगरिदमिक पैमाना है. इसमें तीव्रता में एक अंक की बढ़ोतरी होने पर भूकंप से निकलने वाली ऊर्जा लगभग 32 गुना बढ़ जाती है.
इस हिसाब से 9.9 तीव्रता का भूकंप 6.9 तीव्रता वाले भूकंप से करीब 1,000 गुना अधिक नहीं, बल्कि लगभग 1,000 गुना से भी अधिक ऊर्जा छोड़ सकता है. अधिक सटीक गणना के अनुसार, तीन अंकों के अंतर पर ऊर्जा का अंतर लगभग 1,000 गुना होता है. इसलिए 9.9 और 6.9 तीव्रता के बीच ऊर्जा का अंतर करीब 1,000 गुना होगा, न कि 32,000 गुना.
क्या 9.9 तीव्रता का भूकंप सुनामी ला सकता है?
अगर इतना शक्तिशाली भूकंप समुद्र के नीचे आए तो इससे विनाशकारी सुनामी पैदा हो सकती है लेकिन सुनामी की ऊंचाई केवल भूकंप की तीव्रता से तय नहीं होती। यह इस बात पर भी निर्भर करती है कि भूकंप कहां आया, समुद्र तल कितना खिसका और समुद्र की भौगोलिक बनावट कैसी है. इतनी तीव्रता वाले भूकंप से गगनचुंबी इमारतें, पुल, बांध और परमाणु रिएक्टर भी पूरी ढह जाएंगे.
दुनिया में अब तक के सबसे बड़े भूकंप कौन-से रहे हैं?
1. 1960 का चिली भूकंप- इसकी तीव्रता 9.5 दर्ज की गई थी. यह अब तक का सबसे शक्तिशाली दर्ज भूकंप है.
2. 2004 का सुमात्रा भूकंप- इसकी तीव्रता लगभग 9.1 से 9.3 आंकी गई. इसके कारण हिंद महासागर में विनाशकारी सुनामी आई और कई देशों में भारी जनहानि हुई.
3. 2011 का जापान का तोहोकू भूकंप- इसकी तीव्रता 9.1 थी. इसके बाद आई सुनामी ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई और फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में गंभीर दुर्घटना हुई.




